{"_id":"5cc874f9bdec22074c261656","slug":"15566410819-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुरंग निर्माण की जांच के लिए कमेटी गठित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुरंग निर्माण की जांच के लिए कमेटी गठित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़कोट (उत्तरकाशी)। ऑल वेदर रोड के तहत यमुनोत्री हाईवे पर पोल गांव की ओर से बन रही सुरंग के निर्माण में पर्यावरणीय एवं सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने से क्षेत्र की जनता में रोष है। इस संबंध में स्थानीय लोगों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम डा. आशीष चौहान ने एडीएम की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया है।
ऑल वेदर रोड के तहत यमुनोत्री हाईवे पर सिल्क्यारा बैंड से पोल गांव के बीच साढ़े चार किमी लंबी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। इसमें पोल गांव की ओर से चल रहे सुरंग निर्माण कार्य में पर्यावरणीय एवं सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखे जाने से लोगों में रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां भारी ब्लास्टिंग से निकटवर्ती आबादी के लिए खतरा पैदा हो गया है। सुरंग खुदाई का मलबा मानकों के अनुसार सुरक्षित स्थान पर डंप नहीं किया जा रहा है। अब यात्रा सीजन में इस स्थान से यात्रा का संचालन होना है। यहां न तो कहीं अग्निशमन की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के साइन बोर्ड लगे हैं। ऐसे में यात्रा सीजन के दौरान हादसे की आशंका बनी हुई है।
इस संबंध में सुरंग निर्माण में लगी कंपनी के परियोजना प्रबंधक सीताराम राजू ने बताया कि सुरंग के मुहाने पर ही पानी का टैंक उपलब्ध है। अग्निशमन यंत्रों को लेकर उन्होंने बताया कि वह बड़कोट स्टोर में रखे हैं, जबकि सुरंग निर्माण स्थल बड़कोट से पांच किमी दूर है। इस संबंध में ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम डा. आशीष चौहान ने एडीएम की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया है, जो सुरंग निर्माण में मानकों के अनुपालन की पड़ताल करेगी। जांच टीम में अपर यमुना वन प्रभाग के डीएफओ, एसडीएम बड़कोट और एनएच के अधिशासी अभियंता शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऑल वेदर रोड के तहत यमुनोत्री हाईवे पर सिल्क्यारा बैंड से पोल गांव के बीच साढ़े चार किमी लंबी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। इसमें पोल गांव की ओर से चल रहे सुरंग निर्माण कार्य में पर्यावरणीय एवं सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखे जाने से लोगों में रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां भारी ब्लास्टिंग से निकटवर्ती आबादी के लिए खतरा पैदा हो गया है। सुरंग खुदाई का मलबा मानकों के अनुसार सुरक्षित स्थान पर डंप नहीं किया जा रहा है। अब यात्रा सीजन में इस स्थान से यात्रा का संचालन होना है। यहां न तो कहीं अग्निशमन की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के साइन बोर्ड लगे हैं। ऐसे में यात्रा सीजन के दौरान हादसे की आशंका बनी हुई है।
विज्ञापन
इस संबंध में सुरंग निर्माण में लगी कंपनी के परियोजना प्रबंधक सीताराम राजू ने बताया कि सुरंग के मुहाने पर ही पानी का टैंक उपलब्ध है। अग्निशमन यंत्रों को लेकर उन्होंने बताया कि वह बड़कोट स्टोर में रखे हैं, जबकि सुरंग निर्माण स्थल बड़कोट से पांच किमी दूर है। इस संबंध में ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम डा. आशीष चौहान ने एडीएम की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया है, जो सुरंग निर्माण में मानकों के अनुपालन की पड़ताल करेगी। जांच टीम में अपर यमुना वन प्रभाग के डीएफओ, एसडीएम बड़कोट और एनएच के अधिशासी अभियंता शामिल हैं।
विज्ञापन