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शिक्षकों के माफी मांगने पर खुले स्कूल के ताले
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नौगांव (उत्तरकाशी)। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के गांव पहुंचने और विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक एवं शिक्षिका द्वारा लिखित रूप से गलती स्वीकारने पर आखिरकार एक हफ्ते बाद राजकीय प्राथमिक विद्यालय ढुइंक के ताले खुल गए। शिक्षकों ने भविष्य में ऐसी गलती नहीं होने का भरोसा दिलाया है, जबकि खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब कर इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय को रिपोर्ट भेजने की बात कही है।
ढुइंक गांव के बेसिक स्कूल में तैनात शिक्षकों के बारी-बारी से ड्यूटी देने और कई दिनों तक नदारद रहने से शिक्षा व्यवस्था चौपट हो रही थी। इससे गुस्साए अभिभावकों ने विद्यालय पर ताले जड़कर बच्चों को घर बैठा लिया था, जिससे विद्यालय में बीते 19 अप्रैल से पठन पाठन ठप पड़ा था। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के मौके पर पहुंचने और दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होने तक तालाबंदी नहीं खोलने का एलान किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बृहस्पतिवार को खंड शिक्षा अधिकारी आरवी सिंह, ब्लाक समन्वयक चरण रावत एवं शीशपाल चौहान गांव पहुंचे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में हुई वार्ता के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद कोठारी और शिक्षिका अल्पना ने लिखित रूप से अपनी गलती स्वीकारी और भविष्य में इस तरह की गलती नहीं होने का भरोसा दिलाया। तब जाकर ग्रामीण माने और विद्यालय में पड़े ताले खोले गए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि बच्चों के भविष्य के साथ इस तरह खिलवाड़ किया गया, तो वे अपने बच्चों की टीसी कटवाकर अन्य विद्यालय में प्रवेश दिलाने को मजबूर होंगे। खंड शिक्षा अधिकारी आरवी सिंह ने स्वीकारा कि शिक्षकों ने अपनी गलती स्वीकारी है। इस मामले को लेकर शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। इस संबंध में वहीं से अग्रिम कार्रवाई होगी।
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ढुइंक गांव के बेसिक स्कूल में तैनात शिक्षकों के बारी-बारी से ड्यूटी देने और कई दिनों तक नदारद रहने से शिक्षा व्यवस्था चौपट हो रही थी। इससे गुस्साए अभिभावकों ने विद्यालय पर ताले जड़कर बच्चों को घर बैठा लिया था, जिससे विद्यालय में बीते 19 अप्रैल से पठन पाठन ठप पड़ा था। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के मौके पर पहुंचने और दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होने तक तालाबंदी नहीं खोलने का एलान किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बृहस्पतिवार को खंड शिक्षा अधिकारी आरवी सिंह, ब्लाक समन्वयक चरण रावत एवं शीशपाल चौहान गांव पहुंचे।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में हुई वार्ता के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद कोठारी और शिक्षिका अल्पना ने लिखित रूप से अपनी गलती स्वीकारी और भविष्य में इस तरह की गलती नहीं होने का भरोसा दिलाया। तब जाकर ग्रामीण माने और विद्यालय में पड़े ताले खोले गए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि बच्चों के भविष्य के साथ इस तरह खिलवाड़ किया गया, तो वे अपने बच्चों की टीसी कटवाकर अन्य विद्यालय में प्रवेश दिलाने को मजबूर होंगे। खंड शिक्षा अधिकारी आरवी सिंह ने स्वीकारा कि शिक्षकों ने अपनी गलती स्वीकारी है। इस मामले को लेकर शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। इस संबंध में वहीं से अग्रिम कार्रवाई होगी।
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