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तांबाखानी सुरंग के बाहरी हिस्से में कचरा डंपिंग जोन बनाकर बंद की पैदल आवाजाही
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उत्तरकाशी। ज्ञानसू तथा हाल ही में नगर पालिका में शामिल हुए जोशियाड़ा क्षेत्र के राहगीरों को अब बस अड्डे तक पहुंचने के लिए धूल एवं दुर्गंध भरी अंधेरी तांबाखानी सुरंग से ही आवाजाही करनी पड़ेगी। नगर पालिका प्रशासन ने सुरंग के बाहरी हिस्से में पैदल रास्ते को तुड़वाकर तथा अनुपयोगी गंगोत्री हाईवे पर गेट लगाकर रास्ता बंद कर दिया है। इस हिस्से को कचरा डंपिंग जोन के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इन हालात में स्थानीय लोगों में पालिका प्रशासन के खिलाफ रोष है।
नगर पालिका बाड़ाहाट में कूड़ा निस्तारण की समस्या का अभी तक स्थायी समाधान नहीं तलाशा जा सका है। इस हाल में पालिका प्रशासन ने तांबाखानी सुरंग के बाहरी हिस्से में अनुपयोगी हुए गंगोत्री हाईवे को ही कचरा डंपिंग जोन बना डाला है। वरुणावत शीर्ष पर चल रहे ट्रीटमेंट कार्य के दौरान पहाड़ी से पत्थर गिरने का भय बताते हुए पालिका ने न सिर्फ हाईवे के एक छोर पर गेट लगाकर लोगों की आवाजाही बंद कर दी है, बल्कि जोशियाड़ा मोटर पुल की ओर से आने वाले पैदल रास्ते की सीढ़ियां तुड़वाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया है। इस हाल में ज्ञानसू एवं जोशियाड़ा क्षेत्र के लोग तांबाखानी सुरंग के भीतर से ही पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं।
तांबाखानी निवासी कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश संयोजक बीएल घलवान का कहना है कि सुरंग के भीतर से पैदल आवाजाही जोखिम एवं दिक्कत भरी है। अक्सर सुरंग में अंधेरा होने के साथ ही धूल और दुर्गंध के कारण लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। साथ ही सुरंग के किनारे सुरक्षित आवाजाही लायक पर्याप्त फुटपाथ नहीं होने से लोग मुख्य सड़क से ही आवाजाही करने को मजबूर हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी है। उन्होंने कहा कि सुरंग के बाहरी हिस्से में जमा कचरे से उठती दुर्गंध से आसपास के घरों में रहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने गंगा भागीरथी से लगे गंगोत्री हाईवे को कचरा डंपिंग जोन बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से इस मामले में कार्रवाई के साथ ही बाहरी हिस्से से सुरक्षित पैदल आवाजाही के इंतजाम करने की मांग की है।
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इंसेट
कचरा निस्तारण के अस्थाई उपाय करने में जुटी पालिका
उत्तरकाशी। कचरा निस्तारण के स्थायी इंतजाम के लिए प्रशासन की ओर से जमीन उपलब्ध कराने का इंतजार कर रहे नगर पालिका प्रशासन ने फिलहाल अस्थायी उपाय तलाशने शुरू कर दिए हैं। पालिका के अधिशासी अधिकारी सुशील कुरील ने बताया कि पालिका ने बड़ेथी-तेखला बाईपास रोड पर तेखला पुल के निकट 47 हजार रुपये प्रतिमाह की दर पर करीब पांच नाली जमीन लीज पर ली है। यहां कांपेक्टर और किलवेस्ट मशीन लगाई जा रही है। करीब 7 लाख रुपये लागत से खरीदी गई किलवेस्ट मशीन में कचरे को जलाकर राख में तब्दील किया जाएगा, जबकि कांपेक्टर मशीन से प्लास्टिक कचरे के ब्लाक तैयार कर निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तांबाखानी वाले हिस्से में कचरा डंपिंग जोन नहीं बनाया जाएगा। वहां फिलहाल अस्थायी तौर पर कचरा डंप किया जा रहा है। सुरंग के बाहरी हिस्से में वरुणावत से पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए रास्ता बंद किया गया है।
नगर पालिका बाड़ाहाट में कूड़ा निस्तारण की समस्या का अभी तक स्थायी समाधान नहीं तलाशा जा सका है। इस हाल में पालिका प्रशासन ने तांबाखानी सुरंग के बाहरी हिस्से में अनुपयोगी हुए गंगोत्री हाईवे को ही कचरा डंपिंग जोन बना डाला है। वरुणावत शीर्ष पर चल रहे ट्रीटमेंट कार्य के दौरान पहाड़ी से पत्थर गिरने का भय बताते हुए पालिका ने न सिर्फ हाईवे के एक छोर पर गेट लगाकर लोगों की आवाजाही बंद कर दी है, बल्कि जोशियाड़ा मोटर पुल की ओर से आने वाले पैदल रास्ते की सीढ़ियां तुड़वाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया है। इस हाल में ज्ञानसू एवं जोशियाड़ा क्षेत्र के लोग तांबाखानी सुरंग के भीतर से ही पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं।
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तांबाखानी निवासी कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश संयोजक बीएल घलवान का कहना है कि सुरंग के भीतर से पैदल आवाजाही जोखिम एवं दिक्कत भरी है। अक्सर सुरंग में अंधेरा होने के साथ ही धूल और दुर्गंध के कारण लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। साथ ही सुरंग के किनारे सुरक्षित आवाजाही लायक पर्याप्त फुटपाथ नहीं होने से लोग मुख्य सड़क से ही आवाजाही करने को मजबूर हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी है। उन्होंने कहा कि सुरंग के बाहरी हिस्से में जमा कचरे से उठती दुर्गंध से आसपास के घरों में रहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने गंगा भागीरथी से लगे गंगोत्री हाईवे को कचरा डंपिंग जोन बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से इस मामले में कार्रवाई के साथ ही बाहरी हिस्से से सुरक्षित पैदल आवाजाही के इंतजाम करने की मांग की है।
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कचरा निस्तारण के अस्थाई उपाय करने में जुटी पालिका
उत्तरकाशी। कचरा निस्तारण के स्थायी इंतजाम के लिए प्रशासन की ओर से जमीन उपलब्ध कराने का इंतजार कर रहे नगर पालिका प्रशासन ने फिलहाल अस्थायी उपाय तलाशने शुरू कर दिए हैं। पालिका के अधिशासी अधिकारी सुशील कुरील ने बताया कि पालिका ने बड़ेथी-तेखला बाईपास रोड पर तेखला पुल के निकट 47 हजार रुपये प्रतिमाह की दर पर करीब पांच नाली जमीन लीज पर ली है। यहां कांपेक्टर और किलवेस्ट मशीन लगाई जा रही है। करीब 7 लाख रुपये लागत से खरीदी गई किलवेस्ट मशीन में कचरे को जलाकर राख में तब्दील किया जाएगा, जबकि कांपेक्टर मशीन से प्लास्टिक कचरे के ब्लाक तैयार कर निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तांबाखानी वाले हिस्से में कचरा डंपिंग जोन नहीं बनाया जाएगा। वहां फिलहाल अस्थायी तौर पर कचरा डंप किया जा रहा है। सुरंग के बाहरी हिस्से में वरुणावत से पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए रास्ता बंद किया गया है।