{"_id":"5c8bd950bdec222aaf37b6f5","slug":"15526690981151-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोशाला में आग लगने से जिंदा जली 51 भेड़-बकरियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोशाला में आग लगने से जिंदा जली 51 भेड़-बकरियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नौगांव (उत्तरकाशी)। ठोलिंका गांव में एक गोशाला में आग लगने के कारण यहां बंधी 51 भेड़-बकरियां जलकर मर गईं। अग्निकांड में पड़ोस की छानी में बंधी दो भैंस और दो बैल भी झुलस गए।
ठोलिंका गांव निवासी सोबत सिंह समेत अन्य ग्रामीणों की गांव से दो किमी दूर हंसियारी तोक में छानियां हैं। बृहस्पतिवार रात को सोबत सिंह अपनी भेड़ बकरियों को छानी के भीतर बंद कर गांव लौट आया था। शुक्रवार तड़के जब ग्रामीण मवेशियों को चारा पानी देने छानियों में पहुंचे, तो वहां सोबत सिंह की छानी आग से स्वाह मिली। सूचना मिलते ही राजस्व एवं पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। राजस्व उपनिरीक्षक राजेश रावत ने बताया कि छानी के भीतर बंधी सभी 41 बकरियां और दस भेड़ें अग्निकांड में जलकर मर गई हैं। उन्होंने बताया कि इससे सटी दूसरी छानी में बंधी दो भैंस और दो बैल भी आग से झुलस गए हैं। पशुपालन विभाग की टीम ने झुलसे हुए मवेशियों का उपचार किया। गांव की प्रधान रीना देवी, नयन सिंह राणा ने बताया कि पीड़ित ग्रामीण गरीब परिवार से हैं और भेड़-बकरी पालन ही उसका मुख्य व्यवसाय था। सारे मवेशी आग में जलने से उसके समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित ग्रामीण को आर्थिक मदद मुहैया कराने की मांग की हे।
ठोलिंका गांव निवासी सोबत सिंह समेत अन्य ग्रामीणों की गांव से दो किमी दूर हंसियारी तोक में छानियां हैं। बृहस्पतिवार रात को सोबत सिंह अपनी भेड़ बकरियों को छानी के भीतर बंद कर गांव लौट आया था। शुक्रवार तड़के जब ग्रामीण मवेशियों को चारा पानी देने छानियों में पहुंचे, तो वहां सोबत सिंह की छानी आग से स्वाह मिली। सूचना मिलते ही राजस्व एवं पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। राजस्व उपनिरीक्षक राजेश रावत ने बताया कि छानी के भीतर बंधी सभी 41 बकरियां और दस भेड़ें अग्निकांड में जलकर मर गई हैं। उन्होंने बताया कि इससे सटी दूसरी छानी में बंधी दो भैंस और दो बैल भी आग से झुलस गए हैं। पशुपालन विभाग की टीम ने झुलसे हुए मवेशियों का उपचार किया। गांव की प्रधान रीना देवी, नयन सिंह राणा ने बताया कि पीड़ित ग्रामीण गरीब परिवार से हैं और भेड़-बकरी पालन ही उसका मुख्य व्यवसाय था। सारे मवेशी आग में जलने से उसके समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित ग्रामीण को आर्थिक मदद मुहैया कराने की मांग की हे।
विज्ञापन