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18 साल बाद खेड़मी गांव में पहुंचे कपिलमुनि महाराज
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- फोटो : amarujala
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पुरोला (उत्तरकाशी)। मोरी ब्लाक के खेड़मी गांव में 18 साल बाद कपिल मुनि महाराज एवं कोटलाएंक खंडासुरी देवता की डोली पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों ने देव डोलियों के साथ तांदी नृत्य कर क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। इस दौरान ग्रामीणों ने देवता के पश्वा से समस्याओं का समाधान जानने के साथ ही आशीर्वाद लिया।
देवभूमि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में देवी-देवताओं के प्रति लोगों में अगाध आस्था है। बुधवार को इसकी झलक दूरस्थ खेड़मी गांव में देखने को मिली। गुंदियाटगांव से क्षेत्र के आराध्य कपिलमुनि महाराज और कोटलाएंक खंडासुरी देवता की डोली जीवाणू, देवजानी होते हुए खेड़मी गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। इस मौके पर खेड़मी, देवजानी, डांडागांव, बेष्टी एवं जीवाणू गांव के आराध्य बैरिंग देवता की डोली भी मौजूद रही। इस दौरान ग्रामीणों ने देव डोलियों के साथ तांदी नृत्य कर क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। सड़क से चार किमी दुर्गम खड़ी चढ़ाई वाली पैदल दूरी होने के बावजूद सैकड़ों श्रद्धालु देव डोलियों के साथ यहां पहुंचे।
प्रधान केशर सिंह ने बताया कि देवता की डोली 18 साल बाद गांव पहुंची है। अब देवता तीन माह तक खेड़मी गांव में ही रहेंगे। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान ग्रामीणों ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। इस मौके पर पांच गांव समिति के अध्यक्ष जगमोहन सिंह, सुरेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह, सोबेंद्र सिंह, चंद्र सिंह, चतर लाल, प्रेमलाल, अनिल लाल आदि मौजूद रहे।
देवभूमि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में देवी-देवताओं के प्रति लोगों में अगाध आस्था है। बुधवार को इसकी झलक दूरस्थ खेड़मी गांव में देखने को मिली। गुंदियाटगांव से क्षेत्र के आराध्य कपिलमुनि महाराज और कोटलाएंक खंडासुरी देवता की डोली जीवाणू, देवजानी होते हुए खेड़मी गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। इस मौके पर खेड़मी, देवजानी, डांडागांव, बेष्टी एवं जीवाणू गांव के आराध्य बैरिंग देवता की डोली भी मौजूद रही। इस दौरान ग्रामीणों ने देव डोलियों के साथ तांदी नृत्य कर क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। सड़क से चार किमी दुर्गम खड़ी चढ़ाई वाली पैदल दूरी होने के बावजूद सैकड़ों श्रद्धालु देव डोलियों के साथ यहां पहुंचे।
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प्रधान केशर सिंह ने बताया कि देवता की डोली 18 साल बाद गांव पहुंची है। अब देवता तीन माह तक खेड़मी गांव में ही रहेंगे। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान ग्रामीणों ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। इस मौके पर पांच गांव समिति के अध्यक्ष जगमोहन सिंह, सुरेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह, सोबेंद्र सिंह, चंद्र सिंह, चतर लाल, प्रेमलाल, अनिल लाल आदि मौजूद रहे।
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