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उतरकाशी में बारिश व बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित
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Highway
- फोटो : amarujala
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उत्तरकाशी। बारिश और बर्फबारी ने एक बार फिर से जिले में आम जनजीवन प्रभावित कर दिया है। हिमस्खलन और भूस्खलन के कारण गंगोत्री हाईवे सहित कई संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जबकि सड़क पर बर्फ व पाला जमा होने से यमुनोत्री हाईवे सहित ऊंचाई वाले इलाकों में आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। उधर, नैनबाग-डामटा के बीच भूधंसाव के कारण अवरुद्ध यमुनोत्री हाईवे पर अभी भी भारी वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि संबंधित विभाग सभी मार्गों को सुचारु करने में जुटे हुए हैं।
बता दें कि जिला मुख्यालय सहित जिले के तमाम निचले इलाकों में बुधवार शाम से लगातार बारिश हो रही है, जबकि ढाई हजार मीटर से अधिक के ऊंचाई वाले इलाके बर्फ से लकदक हो गए हैं। जगह-जगह यातायात, विद्युत आदि बुनियादी सुविधाएं प्रभावित होने से स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार धराली में हिमस्खलन तथा भैरवघाटी में भारी बर्फबारी के कारण गंगोत्री हाईवे पर हर्षिल से आगे यातायात ठप हो गया है, जबकि राडी टॉप, हनुमानचट्टी आदि स्थानों पर सड़क में फिसलन होने के कारण यमुनोत्री हाईवे पर आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। एवलांच के कारण कुंवा-कफनौल-राड़ी मोटर मार्ग तथा भूस्खलन के चलते उत्तरकाशी-घनसाली-तिलवाड़ा, स्यांसू-मणी तथा टिकोची-किराणू-सिरतोली संपर्क मार्ग भी बाधित रहे। मोरी क्षेत्र में 11केवी की लाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के आठ गांवों में पिछले हफ्ते से विद्युत आपूर्ति भी ठप पड़ी है।
आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि भूस्खलन से अवरुद्ध मार्गों को सुचारु कर दिया गया है, जबकि बीआरओ, एनएच, लोनिवि व पीएमजीएसवाई विभागों के कर्मचारी अन्य मार्गों को भी खोलने का प्रयास कर रहे हैं। नैनबाग-डामटा के बीच सड़क का करीब दस मीटर हिस्सा धंसने के कारण विकासनगर-बड़कोट एनएच-123 में फिलहाल भारी वाहनों की आवाजाही रुकी हुई है, जिसे बहाल करने के लिए एनएच के कर्मचारी मौके पर जुटे हैं।
बता दें कि जिला मुख्यालय सहित जिले के तमाम निचले इलाकों में बुधवार शाम से लगातार बारिश हो रही है, जबकि ढाई हजार मीटर से अधिक के ऊंचाई वाले इलाके बर्फ से लकदक हो गए हैं। जगह-जगह यातायात, विद्युत आदि बुनियादी सुविधाएं प्रभावित होने से स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार धराली में हिमस्खलन तथा भैरवघाटी में भारी बर्फबारी के कारण गंगोत्री हाईवे पर हर्षिल से आगे यातायात ठप हो गया है, जबकि राडी टॉप, हनुमानचट्टी आदि स्थानों पर सड़क में फिसलन होने के कारण यमुनोत्री हाईवे पर आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। एवलांच के कारण कुंवा-कफनौल-राड़ी मोटर मार्ग तथा भूस्खलन के चलते उत्तरकाशी-घनसाली-तिलवाड़ा, स्यांसू-मणी तथा टिकोची-किराणू-सिरतोली संपर्क मार्ग भी बाधित रहे। मोरी क्षेत्र में 11केवी की लाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के आठ गांवों में पिछले हफ्ते से विद्युत आपूर्ति भी ठप पड़ी है।
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आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि भूस्खलन से अवरुद्ध मार्गों को सुचारु कर दिया गया है, जबकि बीआरओ, एनएच, लोनिवि व पीएमजीएसवाई विभागों के कर्मचारी अन्य मार्गों को भी खोलने का प्रयास कर रहे हैं। नैनबाग-डामटा के बीच सड़क का करीब दस मीटर हिस्सा धंसने के कारण विकासनगर-बड़कोट एनएच-123 में फिलहाल भारी वाहनों की आवाजाही रुकी हुई है, जिसे बहाल करने के लिए एनएच के कर्मचारी मौके पर जुटे हैं।
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