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गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे सहित दो दर्जन संपर्क मार्गों में यातायात ठप
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उत्तरकाशी। भारी बर्फबारी के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर अभी तक यातायात सुचारु नहीं हो सका है। जिले के करीब दो दर्जन संपर्क मार्गों के फिर अवरुद्ध होने से यमुना घाटी सहित विभिन्न गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
बता दें कि विगत 21 जनवरी से ही जिले के सभी ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है, जिससे गंगोत्री हाईवे पर सुक्की टॉप से आगे यातायात प्रभावित हो गया है। राडी टॉप व हनुमान चट्टी क्षेत्र में बर्फ की मोटी चादर बिछ जाने से यमुनोत्री हाईवे भी अवरुद्ध हो गया है, जिससे संपूर्ण यमुना घाटी का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। उधर, मोरी-नैटवाड़-सांकरी-जखोल, नैटवाड़-सेवा, टिकोची-दुचाणु, पासा-पैंसर, गमरी-मैंजणी सहित करीब 21 संपर्क मोटर मार्ग भी बर्फबारी के कारण अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आपदा प्रबंधन के अधिकारी संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर रविवार देर शाम तक इन सड़कों पर यातायात बहाल करने का दावा कर रहे हैं। जानकीचट्टी-खरसाली, गंगनानी-भंगेली, भुक्की-कुज्जन, हर्षिल-मुखबा, कुवां-कफनौल, कमद-अयारखाल सहित 14 मोटर मार्गों के खुलने में अभी एक से दो दिन का समय लगेगा। एसडीएम भटवाड़ी देवेंद्र नेगी ने बताया कि बीआरओ सहित सभी एजेंसियां लगातार सड़क खोलने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन लगातार बर्फबारी होने के कारण मार्ग बार-बार अवरुद्ध हो रहे हैं। हिमस्खलन के खतरे के चलते भी कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम खुलते ही सभी मार्गों पर यातायात सुचारु कर दिया जाएगा।
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मौसम के आगे बेबस हुआ विद्युत विभाग
बड़कोट। विगत कई दिनों से हो रही बर्फबारी के कारण यमुना और गंगा घाटी के दर्जनों गांवों में एक हफ्ते बाद भी विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है, जिससे इन क्षेत्रों में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। विद्युत विभाग के कर्मचारी दिन रात व्यवस्थाओं को सुचारु करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मौसम के प्रकोप के सामने उनकी तमाम जद्दोजहद विफल हो रही है।
बता दें कि मौसम खराब होने के कारण विगत 21 जनवरी को यमुना और गंगा घाटी के कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। हालांकि तीन दिनों बाद ही विभाग ने बड़कोट, पुरोला, नौगांव आदि नगरीय क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था कर आपूर्ति सुचारु कर दी थी, लेकिन गीठ पट्टी, गोविंद नेशनल पार्क, उपला टकनौर आदि दूरस्थ क्षेत्रों में अभी तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है, जिससे उक्त क्षेत्रों में दूरसंचार सहित अन्य सभी रोजमर्रा के कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं। उधर, ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता प्रशांत पंत ने बताया कि विभाग के कर्मचारी लगातार विद्युत आपूर्ति सुचारु करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भारी बर्फबारी से उत्पन्न जोखिमों व मार्ग अवरुद्ध होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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बता दें कि विगत 21 जनवरी से ही जिले के सभी ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है, जिससे गंगोत्री हाईवे पर सुक्की टॉप से आगे यातायात प्रभावित हो गया है। राडी टॉप व हनुमान चट्टी क्षेत्र में बर्फ की मोटी चादर बिछ जाने से यमुनोत्री हाईवे भी अवरुद्ध हो गया है, जिससे संपूर्ण यमुना घाटी का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। उधर, मोरी-नैटवाड़-सांकरी-जखोल, नैटवाड़-सेवा, टिकोची-दुचाणु, पासा-पैंसर, गमरी-मैंजणी सहित करीब 21 संपर्क मोटर मार्ग भी बर्फबारी के कारण अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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आपदा प्रबंधन के अधिकारी संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर रविवार देर शाम तक इन सड़कों पर यातायात बहाल करने का दावा कर रहे हैं। जानकीचट्टी-खरसाली, गंगनानी-भंगेली, भुक्की-कुज्जन, हर्षिल-मुखबा, कुवां-कफनौल, कमद-अयारखाल सहित 14 मोटर मार्गों के खुलने में अभी एक से दो दिन का समय लगेगा। एसडीएम भटवाड़ी देवेंद्र नेगी ने बताया कि बीआरओ सहित सभी एजेंसियां लगातार सड़क खोलने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन लगातार बर्फबारी होने के कारण मार्ग बार-बार अवरुद्ध हो रहे हैं। हिमस्खलन के खतरे के चलते भी कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम खुलते ही सभी मार्गों पर यातायात सुचारु कर दिया जाएगा।
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मौसम के आगे बेबस हुआ विद्युत विभाग
बड़कोट। विगत कई दिनों से हो रही बर्फबारी के कारण यमुना और गंगा घाटी के दर्जनों गांवों में एक हफ्ते बाद भी विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है, जिससे इन क्षेत्रों में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। विद्युत विभाग के कर्मचारी दिन रात व्यवस्थाओं को सुचारु करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मौसम के प्रकोप के सामने उनकी तमाम जद्दोजहद विफल हो रही है।
बता दें कि मौसम खराब होने के कारण विगत 21 जनवरी को यमुना और गंगा घाटी के कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। हालांकि तीन दिनों बाद ही विभाग ने बड़कोट, पुरोला, नौगांव आदि नगरीय क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था कर आपूर्ति सुचारु कर दी थी, लेकिन गीठ पट्टी, गोविंद नेशनल पार्क, उपला टकनौर आदि दूरस्थ क्षेत्रों में अभी तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है, जिससे उक्त क्षेत्रों में दूरसंचार सहित अन्य सभी रोजमर्रा के कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं। उधर, ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता प्रशांत पंत ने बताया कि विभाग के कर्मचारी लगातार विद्युत आपूर्ति सुचारु करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भारी बर्फबारी से उत्पन्न जोखिमों व मार्ग अवरुद्ध होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।