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दो पेयजल योजनाएं होने के बावजूद पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे मोरी बाजार के निवासी
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पुरोला। जल संस्थान की लापरवाही के चलते लाखों की लागत से बनाई गई दो पेयजल योजनाएं भी मोरी बाजार क्षेत्र के लोगों की प्यास नहीं बुझा पा रही है। बिना टैंक व फिल्टर सिस्टम के बिछाई गई लाइनों के कारण लोगों को नसीब हो रहा थोड़ा बहुत पानी भी प्रयोग लायक नहीं होता है। इस संबंध में कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर लोगों ने रोष जताया है।
करीब दो हजार की आबादी वाले मोरी बाजार क्षेत्र में पेयजल सुविधा मुहैया कराने के लिए चगांणू स्रोत से तीन किमी व ननौरा खड्ड से पांच किमी लंबी दो पेयजल योजनाओं का निर्माण किया गया था, लेकिन देखरेख के अभाव में दोनों ही योजनाएं जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिससे लोगों को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ननौरा खड्ड में बिना स्टोर टैंक व फिल्टर सिस्टम के बिछाई गई लाइन के कारण लोगों को बरसात में दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। क्षेत्र के राजेंद्र रावत ने बताया कि पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से जगह-जगह पानी लीक हो रहा है, जबकि फिल्टर सिस्टम नहीं होने के कारण लोगों को नसीब हो रहा थोड़ा बहुत पानी भी प्रयोग लायक नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार सूचित करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जल संस्थान के सहायक अभियंता एसएस रावत ने कहा कि बजट के अभाव में पेयजल लाइनों की मरम्मत आदि कार्य नहीं हो पा रहे हैं। बजट मिलते ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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करीब दो हजार की आबादी वाले मोरी बाजार क्षेत्र में पेयजल सुविधा मुहैया कराने के लिए चगांणू स्रोत से तीन किमी व ननौरा खड्ड से पांच किमी लंबी दो पेयजल योजनाओं का निर्माण किया गया था, लेकिन देखरेख के अभाव में दोनों ही योजनाएं जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिससे लोगों को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ननौरा खड्ड में बिना स्टोर टैंक व फिल्टर सिस्टम के बिछाई गई लाइन के कारण लोगों को बरसात में दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। क्षेत्र के राजेंद्र रावत ने बताया कि पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से जगह-जगह पानी लीक हो रहा है, जबकि फिल्टर सिस्टम नहीं होने के कारण लोगों को नसीब हो रहा थोड़ा बहुत पानी भी प्रयोग लायक नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार सूचित करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जल संस्थान के सहायक अभियंता एसएस रावत ने कहा कि बजट के अभाव में पेयजल लाइनों की मरम्मत आदि कार्य नहीं हो पा रहे हैं। बजट मिलते ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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