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टकनौर क्षेत्र को फल पट्टी के तौर पर विकसित करने की मांग
Updated Wed, 31 Oct 2018 10:21 PM IST
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उत्तरकाशी। फल उत्पादन की अपार संभावनाओं के बावजूद उपला टकनौर क्षेत्र में उद्यान विभाग की ओर से उचित संसाधन उपलब्ध नहीं कराने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मामले पर संज्ञान लेकर हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर ग्रामीणों को फल उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने की मांग की है।
बुधवार को जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र राणा ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर इस संबंध में वार्ता की। उन्होंने बताया कि करीब 30 ग्राम सभाओं वाले टकनौर क्षेत्र में हर्षिल सहित मात्र पांच गांव सेब आदि फलों का उत्पादन कर रहे हैं, जबकि गंगनानी से सैंज तक के शेष 25 गांवों में संभावनाओं के बावजूद बागवानी क्षेत्र में आज तक कोई विकास नहीं हो सका है। करीब साढ़े चार से साढ़े छह हजार फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्र में नाशपाती आदि कई प्रकार के फलों की पैदावार की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर ग्रामीणों को नियमित रूप से उच्च गुणवत्ता के पौधे व तकनीकी ज्ञान मुहैया कराया जाए, तो हालात सुधारे जा सकते हैं।
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बुधवार को जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र राणा ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर इस संबंध में वार्ता की। उन्होंने बताया कि करीब 30 ग्राम सभाओं वाले टकनौर क्षेत्र में हर्षिल सहित मात्र पांच गांव सेब आदि फलों का उत्पादन कर रहे हैं, जबकि गंगनानी से सैंज तक के शेष 25 गांवों में संभावनाओं के बावजूद बागवानी क्षेत्र में आज तक कोई विकास नहीं हो सका है। करीब साढ़े चार से साढ़े छह हजार फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्र में नाशपाती आदि कई प्रकार के फलों की पैदावार की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर ग्रामीणों को नियमित रूप से उच्च गुणवत्ता के पौधे व तकनीकी ज्ञान मुहैया कराया जाए, तो हालात सुधारे जा सकते हैं।
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