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अज्ञात बुखार के कारण चार लोगों की मौत से दिचली क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत-compat
Updated Tue, 25 Sep 2018 10:24 PM IST
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चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी)। ब्लाक के दिचली क्षेत्र के गांवों में एक माह के भीतर अज्ञात बीमारी से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक पीड़ित ग्रामीण अब भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ में भर्ती हैं। डाक्टर इसे सामान्य वायरल एवं पीलिया बताकर इलाज तो कर रहे हैं, लेकिन एक समान लक्षण वाली बीमारी से ग्रस्त एक के बाद एक चार मरीजों की मौत होने से क्षेत्र में दहशत व्याप्त है।
दिचली क्षेत्र के कोमल राणा, राजेश रावत, प्यार सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि बीते करीब एक माह से दिचली क्षेत्र के जगड़गांव, क्यारी, सर्प, दिचली, भेंगवालगांव, जोगत तल्ला, खालसी आदि गांव अज्ञात बीमारी की चपेट में हैं। उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ पहुंचने पर यहां चिकित्सक पीलिया बताकर उपचार कर रहे हैं, लेकिन इससे फायदा नहीं होने पर मरीज इलाज के लिए देहरादून एवं चंडीगढ़ तक दौड़ लगाने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि बीते 7 सितंबर को दिचली गांव निवासी चकोरी देवी (40) पत्नी प्यारेलाल की इसी बीमारी से मौत हो गई। जगड़गांव की सीमा राणा (30) पुत्री स्व. राधा सिंह बुखार होने पर इलाज के लिए चिन्यालीसौड़ पहुंची। यहां ठीक नहीं होने पर परिजन उसे पहले उत्तरकाशी और फिर देहरादून ले गए, जहां 11 सितंबर को उसकी मौत हो गई। इसी बुखार से पीड़ित क्यारी गांव के कोमल सिंह (44) पुत्र मंगल सिंह ने 23 सितंबर और कवागड़ी गोरण निवासी सतेश्वर प्रसाद (54) पुत्र भरोसानंद ने 24 सितंबर को देहरादून में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
जगड़गांव की सुनैना देवी पत्नी विशन सिंह का यहां उपचार नहीं होने पर परिजन उन्हें चंडीगढ़ ले गए, जहां उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार है, जबकि इसी गांव की ऊषा देवी पत्नी फूल सिंह कंडियाल का उपचार सीएमआई देहरादून में कराया गया। अब भी दिचली क्षेत्र के गांवों से अनीता देवी, डॉली, मंगल सिंह, सुनैना, चंद्रा देवी, चार साल की अंकुरी समेत 12 से अधिक बुखार पीड़ित सीएचसी चिन्यालीसौड़ में भर्ती हैं। समान लक्षण की बीमारी से चार लोगों की मौत और कई लोगों के बुखार पीड़ित होने से क्षेत्र की जनता में दहशत व्याप्त है।
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यह हैं अज्ञात बीमारी के लक्षण
चिन्यालीसौड़। दिचली क्षेत्र निवासी कोमल राणा ने बीमारी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पहले बुखार आ रहा है और फिर उल्टियां होने के साथ मरीज की खाना खाने की इच्छा खत्म हो जा रही है। इन लक्षणों के आधार पर सीएचसी के चिकित्सक पीलिया बताकर बिना जांच के ही उपचार कर रहे हैं। अधिकांश मरीजों में यही एक समान लक्षण देखने को मिल रहे हैं। कुछ दिन पहले उनकी बहन सीमा की भी इसी तरह तबियत खराब हुई। यहां उपचार कराने पर कोई फायदा नहीं हुआ तो उसे देहरादून ले गए। वहां भी उसे नहीं बचाया जा सका। वहां चिकित्सकों ने गलत दवाओं के प्रयोग से किडनी खराब होने की जानकारी दी।
दिचली क्षेत्र के साथ ही सीमा से लगी टिहरी जनपद की नगुण एवं गुसाईं पट्टी के गांवों में वायरल बुखार की शिकायतें आ रही हैं। बीमारी की जांच के पुख्ता इंतजाम नहीं होने से बीमारी का पता नहीं लग पा रहा है। इस वजह से ही गंभीर मरीजों को रेफर किया गया। मौत के कारणों का पता नहीं है।
-डा.जेएस भंडारी, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़।
सरकार आयुष्मान योजना तो चला रही है, लेकिन दूरस्थ क्षेत्रों में सही उपचार नहीं मिलने के कारण मरीजों की मौत हो रही है। सरकार दूरस्थ क्षेत्रों के अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा एवं चिकित्सक मुहैया करा दे तो इन योजनाओं की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
-संजय डोभाल, प्रदेश महासचिव कांग्रेस।
कोट.........
दिचली क्षेत्र में बीमारी की पड़ताल के लिए आज बुधवार को मेडिकल टीम भेजी जा रही है। जल्द ही बीमारी का पता लगाकर ग्रामीणों को उपचार मुहैया कराया जाएगा। बुखार से चार लोगों की मौत की हमें जानकारी नहीं मिली है।
-डा. विनोद नौटियाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी उत्तरकाशी।
दिचली क्षेत्र के कोमल राणा, राजेश रावत, प्यार सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि बीते करीब एक माह से दिचली क्षेत्र के जगड़गांव, क्यारी, सर्प, दिचली, भेंगवालगांव, जोगत तल्ला, खालसी आदि गांव अज्ञात बीमारी की चपेट में हैं। उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ पहुंचने पर यहां चिकित्सक पीलिया बताकर उपचार कर रहे हैं, लेकिन इससे फायदा नहीं होने पर मरीज इलाज के लिए देहरादून एवं चंडीगढ़ तक दौड़ लगाने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि बीते 7 सितंबर को दिचली गांव निवासी चकोरी देवी (40) पत्नी प्यारेलाल की इसी बीमारी से मौत हो गई। जगड़गांव की सीमा राणा (30) पुत्री स्व. राधा सिंह बुखार होने पर इलाज के लिए चिन्यालीसौड़ पहुंची। यहां ठीक नहीं होने पर परिजन उसे पहले उत्तरकाशी और फिर देहरादून ले गए, जहां 11 सितंबर को उसकी मौत हो गई। इसी बुखार से पीड़ित क्यारी गांव के कोमल सिंह (44) पुत्र मंगल सिंह ने 23 सितंबर और कवागड़ी गोरण निवासी सतेश्वर प्रसाद (54) पुत्र भरोसानंद ने 24 सितंबर को देहरादून में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
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जगड़गांव की सुनैना देवी पत्नी विशन सिंह का यहां उपचार नहीं होने पर परिजन उन्हें चंडीगढ़ ले गए, जहां उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार है, जबकि इसी गांव की ऊषा देवी पत्नी फूल सिंह कंडियाल का उपचार सीएमआई देहरादून में कराया गया। अब भी दिचली क्षेत्र के गांवों से अनीता देवी, डॉली, मंगल सिंह, सुनैना, चंद्रा देवी, चार साल की अंकुरी समेत 12 से अधिक बुखार पीड़ित सीएचसी चिन्यालीसौड़ में भर्ती हैं। समान लक्षण की बीमारी से चार लोगों की मौत और कई लोगों के बुखार पीड़ित होने से क्षेत्र की जनता में दहशत व्याप्त है।
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यह हैं अज्ञात बीमारी के लक्षण
चिन्यालीसौड़। दिचली क्षेत्र निवासी कोमल राणा ने बीमारी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पहले बुखार आ रहा है और फिर उल्टियां होने के साथ मरीज की खाना खाने की इच्छा खत्म हो जा रही है। इन लक्षणों के आधार पर सीएचसी के चिकित्सक पीलिया बताकर बिना जांच के ही उपचार कर रहे हैं। अधिकांश मरीजों में यही एक समान लक्षण देखने को मिल रहे हैं। कुछ दिन पहले उनकी बहन सीमा की भी इसी तरह तबियत खराब हुई। यहां उपचार कराने पर कोई फायदा नहीं हुआ तो उसे देहरादून ले गए। वहां भी उसे नहीं बचाया जा सका। वहां चिकित्सकों ने गलत दवाओं के प्रयोग से किडनी खराब होने की जानकारी दी।
दिचली क्षेत्र के साथ ही सीमा से लगी टिहरी जनपद की नगुण एवं गुसाईं पट्टी के गांवों में वायरल बुखार की शिकायतें आ रही हैं। बीमारी की जांच के पुख्ता इंतजाम नहीं होने से बीमारी का पता नहीं लग पा रहा है। इस वजह से ही गंभीर मरीजों को रेफर किया गया। मौत के कारणों का पता नहीं है।
-डा.जेएस भंडारी, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़।
सरकार आयुष्मान योजना तो चला रही है, लेकिन दूरस्थ क्षेत्रों में सही उपचार नहीं मिलने के कारण मरीजों की मौत हो रही है। सरकार दूरस्थ क्षेत्रों के अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा एवं चिकित्सक मुहैया करा दे तो इन योजनाओं की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
-संजय डोभाल, प्रदेश महासचिव कांग्रेस।
कोट.........
दिचली क्षेत्र में बीमारी की पड़ताल के लिए आज बुधवार को मेडिकल टीम भेजी जा रही है। जल्द ही बीमारी का पता लगाकर ग्रामीणों को उपचार मुहैया कराया जाएगा। बुखार से चार लोगों की मौत की हमें जानकारी नहीं मिली है।
-डा. विनोद नौटियाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी उत्तरकाशी।