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ग्रिड की लाइन में फॉल्ट आने पर मातली के पास जंगल में फिर लगी आग-compat
Updated Tue, 25 Sep 2018 10:20 PM IST
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उत्तरकाशी। मातली गांव से गुजर रही पिटकुल की ट्रांसमिशन लाइन में मंगलवार शाम करीब सवा चार बजे फाल्ट आने से जंगल में आग लग गई। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। फॉल्ट के कारण जिले में विद्युत आपूर्ति के साथ ही जल विद्युत परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन भी ठप हो गया। हालांकि आधा घंटे के भीतर आपूर्ति और विद्युत उत्पादन बहाल कर लिया गया, लेकिन महज बीस दिनों के भीतर ग्रिड की लाइन में एक ही स्थान पर फॉल्ट की पुनरावृत्ति से पिटकुल पर सवाल उठ रहे हैं।
बता दें कि विगत छह सितंबर को मातली गांव से होकर गुजर रही पिटकुल की 220 केवीए ट्रांसमिशन लाइन में फॉल्ट आने पर यहां गांव के पास जंगल में आग लग गई थी। साथ ही लाइन का एक तार टूट कर पास ही घर के ऊपर जा गिरा था, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई थी। महज बीस दिन बाद ठीक उसी स्थान पर ट्रांसमिशन लाइन में फॉल्ट आने पर जंगल में आग लग गई, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। आग तो कुछ ही देर में बुझ गई, लेकिन फॉल्ट के कारण मनेरी भाली प्रथम एवं द्वितीय चरण परियोजना में उत्पादन ठप होने के साथ ही 33 केवीए फीडर बंद करने से जिले में विद्युत आपूर्ति भी ठप हो गई। हालांकि इस दौरान ग्रिड के दूसरे फीडर से स्थिति को संभाल लिया गया। आधा घंटे के भीतर विद्युत आपूर्ति सुचारु कर ली गई और परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन भी शुरू कर लिया गया। पिटकुल के एई दिनेश पाल ने बताया कि मातली के पास ट्रांसमिशन लाइन में कुछ फॉल्ट की जानकारी मिली है। फिलहाल दूसरे फीडर के माध्यम से ट्रांसमिशन चल रहा है। फॉल्ट की पड़ताल के लिए पिटकुल की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है।
बता दें कि विगत छह सितंबर को मातली गांव से होकर गुजर रही पिटकुल की 220 केवीए ट्रांसमिशन लाइन में फॉल्ट आने पर यहां गांव के पास जंगल में आग लग गई थी। साथ ही लाइन का एक तार टूट कर पास ही घर के ऊपर जा गिरा था, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई थी। महज बीस दिन बाद ठीक उसी स्थान पर ट्रांसमिशन लाइन में फॉल्ट आने पर जंगल में आग लग गई, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। आग तो कुछ ही देर में बुझ गई, लेकिन फॉल्ट के कारण मनेरी भाली प्रथम एवं द्वितीय चरण परियोजना में उत्पादन ठप होने के साथ ही 33 केवीए फीडर बंद करने से जिले में विद्युत आपूर्ति भी ठप हो गई। हालांकि इस दौरान ग्रिड के दूसरे फीडर से स्थिति को संभाल लिया गया। आधा घंटे के भीतर विद्युत आपूर्ति सुचारु कर ली गई और परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन भी शुरू कर लिया गया। पिटकुल के एई दिनेश पाल ने बताया कि मातली के पास ट्रांसमिशन लाइन में कुछ फॉल्ट की जानकारी मिली है। फिलहाल दूसरे फीडर के माध्यम से ट्रांसमिशन चल रहा है। फॉल्ट की पड़ताल के लिए पिटकुल की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है।
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