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मेरे खिलाफ किया जा रहा है राजनीतिक एवं प्रशासनिक षड़यंत्र - जयेंद्री राणा
Updated Sat, 15 Sep 2018 09:43 AM IST
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उत्तरकाशी। धोखाधड़ी और गबन के आरोपों से घिरी बाड़ाहाट उत्तरकाशी की पूर्व पालिकाध्यक्ष जयेंद्री राणा ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले अधिशासी अधिकारी को भी लपेटे में लिया। एकतरफा जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को उन्होंने राजनीतिक एवं प्रशासनिक षड्यंत्र बताया। सब्जी मंडी में दुकान आवंटन को उन्होंने गरीबों के हित में लिया गया सही फैसला बताया।
पूर्व पालिकाध्यक्ष जयेंद्री राणा ने शुक्रवार को बाकायदा पत्रकार वार्ता कर तमाम आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि पालिका क्षेत्र के अंतर्गत सरकारी जमीन पर पालिका का हक होता है। इस जमीन पर गरीबों के हित को देखते हुए पालिका बोर्ड में प्रस्ताव पारित कर प्रीफैब्रिकेटेड दुकानें बनाने का निर्णय लिया गया था। इन दुकानों के लिए नियमों के तहत ही धरोहर राशि और किराया वसूला गया। उन्होंने कहा कि पालिका में हर कार्य बोर्ड में पारित प्रस्ताव एवं अधिशासी अधिकारी के हस्ताक्षरों से ही होता है। उन्होंने इस मामले को लेकर महिला आयोग और न्यायालय की शरण में जाने की चेतावनी दी। इसके साथ ही उन्होंने पालिका बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासक द्वारा जटायू मशीन खरीद समेत अन्य कार्यों पर भी श्वेत पत्र जारी करने की की मांग की।
पूर्व पालिकाध्यक्ष जयेंद्री राणा ने शुक्रवार को बाकायदा पत्रकार वार्ता कर तमाम आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि पालिका क्षेत्र के अंतर्गत सरकारी जमीन पर पालिका का हक होता है। इस जमीन पर गरीबों के हित को देखते हुए पालिका बोर्ड में प्रस्ताव पारित कर प्रीफैब्रिकेटेड दुकानें बनाने का निर्णय लिया गया था। इन दुकानों के लिए नियमों के तहत ही धरोहर राशि और किराया वसूला गया। उन्होंने कहा कि पालिका में हर कार्य बोर्ड में पारित प्रस्ताव एवं अधिशासी अधिकारी के हस्ताक्षरों से ही होता है। उन्होंने इस मामले को लेकर महिला आयोग और न्यायालय की शरण में जाने की चेतावनी दी। इसके साथ ही उन्होंने पालिका बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासक द्वारा जटायू मशीन खरीद समेत अन्य कार्यों पर भी श्वेत पत्र जारी करने की की मांग की।
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