{"_id":"5b8c14f142c79210c55f2447","slug":"15359070446-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तटवर्ती आबादी के लिए मुसीबत बना टिहरी बांध झील में जमा कचरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तटवर्ती आबादी के लिए मुसीबत बना टिहरी बांध झील में जमा कचरा
Updated Sun, 02 Sep 2018 10:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिन्यालीसौड़। टिहरी बांध झील के घटते बढ़ते जलस्तर के साथ बीते दस साल से झील में तैर रहा कचरा तटवर्ती आबादी के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने टीएचडीसी से शीघ्र कचरे का निस्तारण करने की मांग की है।
बता दें कि वर्ष 2006-07 में टिहरी बांध झील बनने के बाद से जलागम क्षेत्र से गंगा भागीरथी में बहकर आने वाला कचरा झील में जमा है। इसे साफ नहीं कराए जाने के कारण साल दर साल इस कचरे में इजाफा होता जा रहा है। आजकल टिहरी बांध झील का जलस्तर 820 मीटर होने पर यह कचरा चिन्यालीसौड़ के आसपास तैर रहा है। सीएचसी में तैनात डा. विनोद कुकरेती का कहना है कि कचरे से उठती दुर्गंध और कीट पतंगों से संक्रामक रोगों का खतरा है। निवर्तमान पालिकाध्यक्ष शूरवीर रांगड़, व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल आदि ने कचरे से हो रही दिक्कतों से अवगत कराते हुए टीएचडीसी से शीघ्र कचरे का निस्तारण कराने की मांग की है।
विज्ञापन
बता दें कि वर्ष 2006-07 में टिहरी बांध झील बनने के बाद से जलागम क्षेत्र से गंगा भागीरथी में बहकर आने वाला कचरा झील में जमा है। इसे साफ नहीं कराए जाने के कारण साल दर साल इस कचरे में इजाफा होता जा रहा है। आजकल टिहरी बांध झील का जलस्तर 820 मीटर होने पर यह कचरा चिन्यालीसौड़ के आसपास तैर रहा है। सीएचसी में तैनात डा. विनोद कुकरेती का कहना है कि कचरे से उठती दुर्गंध और कीट पतंगों से संक्रामक रोगों का खतरा है। निवर्तमान पालिकाध्यक्ष शूरवीर रांगड़, व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल आदि ने कचरे से हो रही दिक्कतों से अवगत कराते हुए टीएचडीसी से शीघ्र कचरे का निस्तारण कराने की मांग की है।
विज्ञापन