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हिरण्यबाहु नदी में उफान आने से खरसाली गांव में मची अफरा तफरी
Updated Thu, 26 Jul 2018 10:37 PM IST
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बड़कोट (उत्तरकाशी)। बारिश से हिरण्यबाहु नदी में आए उफान से खरसाली गांव में अफरा-तफरी मच गई। इससे नदी से लगी करीब डेढ़ सौ नाली भूमि पर फसल बर्बाद हो गई। साथ ही आयुर्वेदिक अस्पताल व कुछ अन्य भवनों पर खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से हुए नुकसान का मुआवजा देने व शीघ्र सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है।
बुधवार रात करीब दस बजे खरसाली गांव के पास बहने वाली हिरण्यबाहु नदी में अचानक उफान आ गया। भयभीत ग्रामीण गांव के सोमेश्वर देवता के मंदिर में एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने पूरी रात अनहोनी की आशंका में जाग कर काटी। सुबह नदी में पानी कम होने पर ग्रामीण नदी में आई बाढ़ में हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचे।
खरसाली गांव निवासी प्यारेलाल उनियाल, प्रदीप उनियाल, रणवीर राणा ने बताया कि नदी में आए उफान में तटवर्ती हिस्से में ग्रामीणों की करीब डेढ़ सौ नाली सिंचित भूमि तबाह हो गई। नदी से हुए कटाव के कारण गांव का आयुर्वेदिक अस्पताल तथा कुछ अन्य भवन खतरे की जद में आ गए हैं। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र क्षति का आकलन कराकर प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा देने तथा गांव की सुरक्षा के लिए नदी किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है। तहसीलदार बुद्धिलाल सरियाल ने बताया कि खरसाली गांव में आपदा में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए पटवारियों की टीम मौके पर भेजी गई है। वहीं, डांडा गांव में बारिश के बाद हुए भूस्खलन से एक आवासीय भवन खतरे की जद में आ गया है। गांव के विरेंद्र सिंह के घर के निचले हिस्से में भूस्खलन होने से पूरा भवन ढहने की कगार पर है।
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बुधवार रात करीब दस बजे खरसाली गांव के पास बहने वाली हिरण्यबाहु नदी में अचानक उफान आ गया। भयभीत ग्रामीण गांव के सोमेश्वर देवता के मंदिर में एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने पूरी रात अनहोनी की आशंका में जाग कर काटी। सुबह नदी में पानी कम होने पर ग्रामीण नदी में आई बाढ़ में हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचे।
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खरसाली गांव निवासी प्यारेलाल उनियाल, प्रदीप उनियाल, रणवीर राणा ने बताया कि नदी में आए उफान में तटवर्ती हिस्से में ग्रामीणों की करीब डेढ़ सौ नाली सिंचित भूमि तबाह हो गई। नदी से हुए कटाव के कारण गांव का आयुर्वेदिक अस्पताल तथा कुछ अन्य भवन खतरे की जद में आ गए हैं। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र क्षति का आकलन कराकर प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा देने तथा गांव की सुरक्षा के लिए नदी किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है। तहसीलदार बुद्धिलाल सरियाल ने बताया कि खरसाली गांव में आपदा में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए पटवारियों की टीम मौके पर भेजी गई है। वहीं, डांडा गांव में बारिश के बाद हुए भूस्खलन से एक आवासीय भवन खतरे की जद में आ गया है। गांव के विरेंद्र सिंह के घर के निचले हिस्से में भूस्खलन होने से पूरा भवन ढहने की कगार पर है।
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