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ओजरी डबरकोट में भूस्खलन से यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध-compat
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:48 PM IST
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बड़कोट। मूसलाधार बारिश के बाद ओजरी-डबरकोट में हुए भूस्खलन से यमुनोत्री राजमार्ग बुधवार सुबह बाधित हो गया। मार्ग बंद होने से हाईवे के दोनों तरफ दर्जनों यात्री वाहन फंस गए। इस बीच पहाड़ी से लगातार पत्थर मलबा गिरने के कारण मार्ग खोलने के प्रयास देर शाम तक सफल नहीं हो पाए।
बुधवार तड़के हुई बारिश के बाद सक्रिय हुए ओजरी-डबरकोट स्लाइड जोन के कारण यमुनोत्री राजमार्ग एक बार फिर से बाधित हो गया है। जानकारी के अनुसार सुबह करीब साढ़े आठ बजे मलबा आने से हाईवे बाधित हो गया था। हालांकि बारिश रुकने के बाद एनएच कर्मचारियों ने जेसीबी मशीनों की मदद से मार्ग खोलने का प्रयास किया, लेकिन पहाड़ी से लगातार मलबा पत्थर गिरने के कारण सभी प्रयास विफल हो गए। इस बीच मार्ग बाधित होने से हाईवे के दोनों तरफ दर्जनों यात्री वाहन फंस गए। जानकीचट्टी की तरफ फंसे करीब 50 तीर्थयात्रियों एवं बड़कोट की तरफ फंसे 40 यात्रियों को प्रशासन द्वारा यातायात सुचारु होने तक सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है, जबकि स्थानीय ग्रामीण एवं कुछ यात्री तिर्खली-कुंसाला पैदल मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं।
बॉक्स:
वैकल्पिक पैदल मार्ग की बदहाली पर भड़के ग्रामीण
बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे बाधित होने की स्थिति पर वैकल्पिक मार्ग के तौर प्रयोग हो रहे तिर्खली-कुंसाला पैदल मार्ग की बदहाली को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त की है। ग्रामीणों ने कहा कि डीएम के आदेश के बावजूद लोनिवि द्वारा मार्ग की मरम्मत नहीं की जा रही है। ऐसे में बुधवार को लोनिवि कर्मचारियों द्वारा मार्ग में बने गड्ढों को मिट्टी से भरने पर ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी जताई। आक्रोशित ग्रामीणों ने जेसीबी मशीनों के आगे जाम लगाकर मिट्टी डालने का काम रुकवा दिया, उन्होंने गड्ढों में पत्थर डालकर मार्ग को स्थायी रूप से ठीक करने की मांग की। इस दौरान प्रवीन राणा, चंद्रमोहन, ओम प्रकाश आदि ग्रामीणों ने कहा कि आदेश के बावजूद इतने दिनों से विभाग द्वारा मार्ग की मरम्मत नहीं की गई। जबकि बारिश में मिट्टी डालकर खानापूर्ति की जा रही, जो राहगीरों के लिए सुविधा के बदले मुसीबत साबित हो रही है। उन्होंने डीएम से मार्ग की मरम्मत करवाने एवं लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
बुधवार तड़के हुई बारिश के बाद सक्रिय हुए ओजरी-डबरकोट स्लाइड जोन के कारण यमुनोत्री राजमार्ग एक बार फिर से बाधित हो गया है। जानकारी के अनुसार सुबह करीब साढ़े आठ बजे मलबा आने से हाईवे बाधित हो गया था। हालांकि बारिश रुकने के बाद एनएच कर्मचारियों ने जेसीबी मशीनों की मदद से मार्ग खोलने का प्रयास किया, लेकिन पहाड़ी से लगातार मलबा पत्थर गिरने के कारण सभी प्रयास विफल हो गए। इस बीच मार्ग बाधित होने से हाईवे के दोनों तरफ दर्जनों यात्री वाहन फंस गए। जानकीचट्टी की तरफ फंसे करीब 50 तीर्थयात्रियों एवं बड़कोट की तरफ फंसे 40 यात्रियों को प्रशासन द्वारा यातायात सुचारु होने तक सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है, जबकि स्थानीय ग्रामीण एवं कुछ यात्री तिर्खली-कुंसाला पैदल मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं।
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वैकल्पिक पैदल मार्ग की बदहाली पर भड़के ग्रामीण
बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे बाधित होने की स्थिति पर वैकल्पिक मार्ग के तौर प्रयोग हो रहे तिर्खली-कुंसाला पैदल मार्ग की बदहाली को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त की है। ग्रामीणों ने कहा कि डीएम के आदेश के बावजूद लोनिवि द्वारा मार्ग की मरम्मत नहीं की जा रही है। ऐसे में बुधवार को लोनिवि कर्मचारियों द्वारा मार्ग में बने गड्ढों को मिट्टी से भरने पर ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी जताई। आक्रोशित ग्रामीणों ने जेसीबी मशीनों के आगे जाम लगाकर मिट्टी डालने का काम रुकवा दिया, उन्होंने गड्ढों में पत्थर डालकर मार्ग को स्थायी रूप से ठीक करने की मांग की। इस दौरान प्रवीन राणा, चंद्रमोहन, ओम प्रकाश आदि ग्रामीणों ने कहा कि आदेश के बावजूद इतने दिनों से विभाग द्वारा मार्ग की मरम्मत नहीं की गई। जबकि बारिश में मिट्टी डालकर खानापूर्ति की जा रही, जो राहगीरों के लिए सुविधा के बदले मुसीबत साबित हो रही है। उन्होंने डीएम से मार्ग की मरम्मत करवाने एवं लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
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