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पदा में क्षतिग्रस्त पैदल पुल के निर्माण और सड़क डामरीकरण की मांग
Updated Sun, 08 Jul 2018 10:52 PM IST
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उत्तरकाशी। वर्ष 2013 की आपदा में ध्वस्त हुए मंज्यारा पैदल पुल का सालों बाद भी निर्माण नहीं होने व चिणाखोली सड़क का डामरीकरण नहीं होने से चिणाखोली एवं गेंवला क्षेत्र के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारी संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चिरंजीलाल रजवार ने बताया कि वर्ष 2013 में राणूकीगाड में आए सैलाब से बौन ग्राम सभा के चिणाखोली एवं गेंवला क्षेत्र को जोड़ने वाला मंज्यारा पैदल पुल ध्वस्त हो गया था, जिसके बाद पुल के पुनर्निर्माण के लिए लोनिवि ने वर्ष 2014 में शासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अभी तक पुल निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हुआ है। खस्ताहाल सड़क पर टैक्सी चालक वाहन नहीं ले जा रहे हैं, जिससे लोगों को दिक्कत हो रही है। उन्होंने इस संबंध में डीएम को पत्र भेजकर शीघ्र पुल का निर्माण व चिणाखोली सड़क पर डामरीकरण कराने की मांग की है।
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सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारी संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चिरंजीलाल रजवार ने बताया कि वर्ष 2013 में राणूकीगाड में आए सैलाब से बौन ग्राम सभा के चिणाखोली एवं गेंवला क्षेत्र को जोड़ने वाला मंज्यारा पैदल पुल ध्वस्त हो गया था, जिसके बाद पुल के पुनर्निर्माण के लिए लोनिवि ने वर्ष 2014 में शासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अभी तक पुल निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हुआ है। खस्ताहाल सड़क पर टैक्सी चालक वाहन नहीं ले जा रहे हैं, जिससे लोगों को दिक्कत हो रही है। उन्होंने इस संबंध में डीएम को पत्र भेजकर शीघ्र पुल का निर्माण व चिणाखोली सड़क पर डामरीकरण कराने की मांग की है।
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