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गंगा भागीरथी में पानी के साथ बिजली परियोजनाओं में बढ़ा विद्युत उत्पादन
Updated Sun, 17 Jun 2018 10:52 PM IST
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उत्तरकाशी। गंगा भागीरथी में वाटर डिस्चार्ज बढ़ने का फायदा जल विद्युत परियोजनाओं को मिलने लगा है। आजकल मनेरी भाली प्रथम एवं द्वितीय चरण परियोजना से रोजाना नौ मिलियन यूनिट से ज्यादा विद्युत उत्पादन हो रहा है।
दिन के समय जोशियाड़ा बैराज पर वाटर डिस्चार्ज 170 क्यूमेक्स व रात के समय करीब ढाई सौ क्यूमेक्स दर्ज किया गया। पानी बढ़ने से 90 मेगावाट की मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना में 30-30 मेगावाट की तीनों टरबाइनों को फुल लोड पर चलाकर रोजाना दो मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हो रहा है। 304 मेगावाट की मनेरी भाली स्टेज टू परियोजना में भी चारों टरबाइनों को 302 से 304 मेगावाट लोड पर चलाकर रोजाना 7.248 मियू विद्युत उत्पादन हो रहा है।
निगम के सूत्रों के अनुसार एमबी-2 परियोजना में इस साल पहली बार 304 मेगावाट लोड पर टरबाइनें चलाकर एक दिन में रिकार्ड 7.248 मियू विद्युत उत्पादन हुआ है। इस बार मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना में उत्पादन का वार्षिक लक्ष्य 390 मियू है। शुरूआती ढाई माह में ही 114.5 मियू उत्पादन हो चुका है, जबकि एमबी-2 में वार्षिक उत्पादन लक्ष्य 1300 मियू के सापेक्ष अब तक 286 मियू उत्पादन हुआ है।
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पानी कम होने पर झील में पलटी मोटर बोट
रविवार दोपहर को पानी कम होने पर प्रशासन द्वारा झील में चलाई जा रही एक पैडल बोट और एक मोटर बोट नदी के बहाव के साथ बह कर फोरवे इंटेक गेट में फंस गई। मोटर बोट तो झील में पलट गई। हालांकि बोट में कोई नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने बोट को झील से बाहर निकाला।
दिन के समय जोशियाड़ा बैराज पर वाटर डिस्चार्ज 170 क्यूमेक्स व रात के समय करीब ढाई सौ क्यूमेक्स दर्ज किया गया। पानी बढ़ने से 90 मेगावाट की मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना में 30-30 मेगावाट की तीनों टरबाइनों को फुल लोड पर चलाकर रोजाना दो मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हो रहा है। 304 मेगावाट की मनेरी भाली स्टेज टू परियोजना में भी चारों टरबाइनों को 302 से 304 मेगावाट लोड पर चलाकर रोजाना 7.248 मियू विद्युत उत्पादन हो रहा है।
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निगम के सूत्रों के अनुसार एमबी-2 परियोजना में इस साल पहली बार 304 मेगावाट लोड पर टरबाइनें चलाकर एक दिन में रिकार्ड 7.248 मियू विद्युत उत्पादन हुआ है। इस बार मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना में उत्पादन का वार्षिक लक्ष्य 390 मियू है। शुरूआती ढाई माह में ही 114.5 मियू उत्पादन हो चुका है, जबकि एमबी-2 में वार्षिक उत्पादन लक्ष्य 1300 मियू के सापेक्ष अब तक 286 मियू उत्पादन हुआ है।
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पानी कम होने पर झील में पलटी मोटर बोट
रविवार दोपहर को पानी कम होने पर प्रशासन द्वारा झील में चलाई जा रही एक पैडल बोट और एक मोटर बोट नदी के बहाव के साथ बह कर फोरवे इंटेक गेट में फंस गई। मोटर बोट तो झील में पलट गई। हालांकि बोट में कोई नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने बोट को झील से बाहर निकाला।