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मांग पूर्ति के लिए देवताओं की शरण में जाएंगे राज्य आंदोलनकारी
Updated Sat, 19 May 2018 10:56 PM IST
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उत्तरकाशी। चिह्नित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने मणिकर्णिका घाट पर राज्य सरकार की बुद्धि-शुद्धि के लिए यज्ञ किया। उन्होंने एक समान 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन और दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की मांग पूरी नहीं होने पर रोष जताया।
राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि करीब दो माह पूर्व मोरी में हुए प्रांतीय अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने 15 दिन के भीतर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन आजतक समस्या हल नहीं हुई। आंदोलनकारियों ने जल्द समस्या हल नहीं होने पर देवताओं की शरण में जाने का मन बनाया है। साथ ही चार जून को पौड़ी में कमिश्नर का घेराव करने का एलान किया। इस मौके पर जयेंद्र बिष्ट, जगदीश भट्ट, राजेंद्र पैन्यूली, प्रताप चौहान, शूरवीर भंडारी, भरत सिंह पंवार, चंद्रमणि उनियाल, मनमोहन सिंह, विजय सिंह, गीताराम सेमवाल, रामलाल नेगी, ध्यान सिंह, सुरेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।
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राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि करीब दो माह पूर्व मोरी में हुए प्रांतीय अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने 15 दिन के भीतर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन आजतक समस्या हल नहीं हुई। आंदोलनकारियों ने जल्द समस्या हल नहीं होने पर देवताओं की शरण में जाने का मन बनाया है। साथ ही चार जून को पौड़ी में कमिश्नर का घेराव करने का एलान किया। इस मौके पर जयेंद्र बिष्ट, जगदीश भट्ट, राजेंद्र पैन्यूली, प्रताप चौहान, शूरवीर भंडारी, भरत सिंह पंवार, चंद्रमणि उनियाल, मनमोहन सिंह, विजय सिंह, गीताराम सेमवाल, रामलाल नेगी, ध्यान सिंह, सुरेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।
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