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अंग्रेजी शराब की दुकान के विरोध में उतरी राजगढ़ी की महिलाएं
Updated Thu, 17 May 2018 10:44 PM IST
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बड़कोट। प्रदेश सरकार पर बुनियादी सुविधाओं के बदले नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए नौगांव ब्लॉक के राजगढ़ी कस्बे की महिलाओं ने आंदोलन छेड़ दिया है। महिलाओं ने गांव में खुली अंग्रेजी शराब की दुकान के बाहर धरना प्रदर्शन कर उसे बंद करा दिया है। महिलाओं का आक्रोश देखकर ठेका संचालक ने प्रशासन से अपनी जमानत राशि वापस करने की मांग की है।
ई-टेंडरिंग के माध्यम से राजगढ़ी कस्बे में अंग्रेजी शराब की दुकान का आवंटन हुआ था, जिसकी जानकारी मिलते ही महिलाओं ने दुकान के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर ठेका खोलने का विरोध शुरू कर दिया। आंदोलन की अगुवाई कर रही गौरा देवी ने कहा कि सरकार गांवों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य आदि बुनियादी सुविधाएं देने के बदले अंग्रेजी शराब की दुकान खोलने में लगी है। सरकार के राजस्व के लालच के चलते पर्वतीय क्षेत्रों के पुरुष एवं युवा वर्ग नशे के दलदल में फंस रहे हैं। बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार बुद्धि सिंह रावत एवं आबकारी निरीक्षक प्रवीण कुमार ने महिलाओं से आंदोलन समाप्त कर दुकान खोलने देने की अपील की, लेकिन महिलाओं ने उन्हें बैरंग लौटा दिया। आक्रोशित महिलाओं ने कहा कि सरकार गांव में उद्योग, अस्पताल, स्कूल आदि खोले तो उसका स्वागत किया जाएगा, लेकिन शराब की दुकान किसी कीमत पर खुलने नहीं दी जाएगी। उधर, महिलाओं का आक्रोश देखकर ठेका संचालक सोबन चंद ने भी प्रशासन से जमानत राशि लौटाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में बीना देवी, प्रमिला देवी, राधिका देवी, विजय सिंह सहित कई महिलाएं शामिल थीं।
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ई-टेंडरिंग के माध्यम से राजगढ़ी कस्बे में अंग्रेजी शराब की दुकान का आवंटन हुआ था, जिसकी जानकारी मिलते ही महिलाओं ने दुकान के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर ठेका खोलने का विरोध शुरू कर दिया। आंदोलन की अगुवाई कर रही गौरा देवी ने कहा कि सरकार गांवों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य आदि बुनियादी सुविधाएं देने के बदले अंग्रेजी शराब की दुकान खोलने में लगी है। सरकार के राजस्व के लालच के चलते पर्वतीय क्षेत्रों के पुरुष एवं युवा वर्ग नशे के दलदल में फंस रहे हैं। बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार बुद्धि सिंह रावत एवं आबकारी निरीक्षक प्रवीण कुमार ने महिलाओं से आंदोलन समाप्त कर दुकान खोलने देने की अपील की, लेकिन महिलाओं ने उन्हें बैरंग लौटा दिया। आक्रोशित महिलाओं ने कहा कि सरकार गांव में उद्योग, अस्पताल, स्कूल आदि खोले तो उसका स्वागत किया जाएगा, लेकिन शराब की दुकान किसी कीमत पर खुलने नहीं दी जाएगी। उधर, महिलाओं का आक्रोश देखकर ठेका संचालक सोबन चंद ने भी प्रशासन से जमानत राशि लौटाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में बीना देवी, प्रमिला देवी, राधिका देवी, विजय सिंह सहित कई महिलाएं शामिल थीं।
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