{"_id":"5aa01cfe4f1c1b21308b5448","slug":"15204428572-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुराने अखबारों को पढ़कर पास की पीसीएस परीक्षा: हिमानी स्नेही, वरिष्ठ कोषाधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुराने अखबारों को पढ़कर पास की पीसीएस परीक्षा: हिमानी स्नेही, वरिष्ठ कोषाधिकारी
Updated Wed, 07 Mar 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उत्तरकाशी। ‘अगर लक्ष्य तय हो और उसे पाने के लिए लगन हो तो विषम परिस्थितियां भी आपको हरा नहीं सकती हैं’ यह गुरुमंत्र है वरिष्ठ कोषाधिकारी पद पर तैनात हिमानी स्नेही के। रुड़की में 1 जून 1986 में जनमी हिमानी स्नेही वर्ष 2009 कैडर की पीसीएस अधिकारी हैं। विकास अधिकारी पद से सेवानिवृत्त पिता वीपी स्नेही एवं गृहणी माता शीला स्नेही के आदर्शों ने बचपन से ही हिमानी को देश एवं समाज सेवा के लिए प्रेरित किया है।
बीते ढाई वर्षों से उत्तरकाशी में कार्यरत हिमानी बताती हैं कि शिशु मंदिर में पढ़ाई करने के दौरान से ही वह प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देखती थी, लेकिन कुछ कारण वश उन्हें बीएड कर शिक्षक बनना पड़ा। ढाई वर्ष तक अध्यापन कार्य किया, लेकिन सपने को पाने के लिए वह हर वक्त प्रयास करती रहीं। बताती हैं कि उस दौरान इंटरनेट या कोचिंग तो दूर उन्हें समय से अखबार तक नहीं मिलता था। वह दो से तीन दिन पुराने अखबारों को पढ़कर ही समसामयिक मुद्दों की जानकारी जुटाती थी। इसी लगन से उन्होंने पहले ही प्रयास में पीसीएस परीक्षा पास कर ली। उन्होंने सभी बालिकाओं से अपने सपने को लक्ष्य बनाकर उसके लिए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी।
बीते ढाई वर्षों से उत्तरकाशी में कार्यरत हिमानी बताती हैं कि शिशु मंदिर में पढ़ाई करने के दौरान से ही वह प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देखती थी, लेकिन कुछ कारण वश उन्हें बीएड कर शिक्षक बनना पड़ा। ढाई वर्ष तक अध्यापन कार्य किया, लेकिन सपने को पाने के लिए वह हर वक्त प्रयास करती रहीं। बताती हैं कि उस दौरान इंटरनेट या कोचिंग तो दूर उन्हें समय से अखबार तक नहीं मिलता था। वह दो से तीन दिन पुराने अखबारों को पढ़कर ही समसामयिक मुद्दों की जानकारी जुटाती थी। इसी लगन से उन्होंने पहले ही प्रयास में पीसीएस परीक्षा पास कर ली। उन्होंने सभी बालिकाओं से अपने सपने को लक्ष्य बनाकर उसके लिए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी।
विज्ञापन