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जनप्रतिनिधियों एवं पर्यावरणविदों के रवैये से टूट रहा पोखरी वासियों का सब्र

Sun, 04 Mar 2018 10:36 PM IST
Updated Sun, 04 Mar 2018 10:36 PM IST
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जनप्रतिनिधियों एवं पर्यावरणविदों के रवैये से टूट रहा पोखरी वासियों का सब्र
उत्तरकाशी। निम बैंड से पोखरी गांव तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर आंदोलनरत पोखरीवासियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। बीते 40 दिन से कलक्ट्रेट परिसर में बैठे ग्रामीण, जनप्रतिनिधियों एवं पर्यावरणविदों के रवैये से परेशान हो गए हैं। ऐसे में एनजीटी की ओर से मामले में हस्तक्षेप करने के बाद ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन का मन बना लिया है।
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रविवार को धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कोर्ट के आदेशों की अवमानना का आरोप लगाते हुए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं पर्यावरणविदों के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी मांग को पर्यावरण एवं राजनीतिक रंग देकर पोखरी का विकास बाधित किया जा रहा है। उन्होंने जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं करने पर क्रमिक अनशन की चेतावनी दी। धरना देने वालों में निर्मला नेगी, सोबना देवी, नारायणी देवी, देवेंद्री देवी, उर्मिला नेगी, राजकुमारी नेगी, बलवीर सिंह, शूरवीर सिंह, बचन सिंह, अतर सिंह आदि शामिल थे।
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उधर, अपने पुश्तैनी जंगलों को बचाने के लिए ग्रीन चिपको डांग सत्याग्रह के बैनर तले डांग के ग्रामीणों का धरना भी जारी रहा। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण के नाम पर वह किसी भी हाल में प्रशासन को पेड़ काटने नहीं देंगे।
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कोट:
एनजीटी द्वारा निमबैंड से पोखरी तक स्वीकृत सड़क में यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में पांच मार्च को सरकार द्वारा अपना पक्ष रखा जाएगा। एनजीटी में सुनवाई पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य को लेकर कुछ कार्रवाई की जा सकेगी।
- डा. आशीष चौहान, जिलाधिकारी उत्तरकाशी।
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