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जोशियाड़ा बैराज झील को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद
Updated Sat, 10 Feb 2018 10:37 PM IST
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उत्तरकाशी। प्रशासन ने जोशियाड़ा बैराज झील और इसके आसपास के इलाके को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद तेज कर दी है। झील में वाटर स्पोर्ट्स के सफल प्रयोग के बाद अब इसके चारों ओर मरीन ड्राइव, मनोरंजन पार्क, रेस्टोरेंट आदि की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने और इसमें स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर तैयार हो सकें।
डीएम डा. आशीष चौहान ने झील को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का बीड़ा उठाया है। झील में नौकायन, कनोइंग, क्याकिंग आदि वाटर स्पोर्ट्स का सफल प्रयोग किया जा चुका है। शनिवार को डिप्टी कलक्टर अनुराग आर्य एवं एसडीएम देवेंद्र नेगी के नेतृत्व में एक टीम ने बैराज झील और इसके आसपास के इलाके का सर्वेक्षण किया। टीम में शामिल आर्किटेक्ट ने झील के किनारे मनोरंजन पार्क, मरीन ड्राइव, रेस्टोरेंट आदि की संभावनाएं तलाशीं। एसडीएम नेगी ने बताया कि झील के सुंदरीकरण व ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध होने पर यहां पर्यटकों को आकर्षित करेगी। लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे। सर्वे कर इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद शासन की स्वीकृति से इसे धरातल पर उतारा जाएगा। इस मौके पर आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल आदि मौजूद रहे।
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डीएम डा. आशीष चौहान ने झील को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का बीड़ा उठाया है। झील में नौकायन, कनोइंग, क्याकिंग आदि वाटर स्पोर्ट्स का सफल प्रयोग किया जा चुका है। शनिवार को डिप्टी कलक्टर अनुराग आर्य एवं एसडीएम देवेंद्र नेगी के नेतृत्व में एक टीम ने बैराज झील और इसके आसपास के इलाके का सर्वेक्षण किया। टीम में शामिल आर्किटेक्ट ने झील के किनारे मनोरंजन पार्क, मरीन ड्राइव, रेस्टोरेंट आदि की संभावनाएं तलाशीं। एसडीएम नेगी ने बताया कि झील के सुंदरीकरण व ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध होने पर यहां पर्यटकों को आकर्षित करेगी। लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे। सर्वे कर इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद शासन की स्वीकृति से इसे धरातल पर उतारा जाएगा। इस मौके पर आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल आदि मौजूद रहे।
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