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यमुनोत्री यात्रा के प्रमुख पड़ाव नौगांव में पेयजल किल्लत
Updated Thu, 08 Feb 2018 10:32 PM IST
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नौगांव (उत्तरकाशी)। कस्बे और आसपास के चार गांवों को जोड़कर नगर पंचायत का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन बढ़ी आबादी को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के इंतजाम अभी तक नहीं हो पाए हैं। सर्दियों में ही क्षेत्र की जनता पेयजल किल्लत से जूझने को मजबूर है। यात्रा सीजन के दौरान संकट और गहराना तय है।
करीब चार साल पहले नौगांव से लगे मुंगरा, मुराड़ी, नौगांव एवं धारी मुलाणा ग्राम पंचायत को मिलाकर इसे नगर पंचायत का दर्जा दिया गया, लेकिन पेयजल व्यवस्था अब भी वर्षों पुरानी पेयजल योजनाओं के भरोसे ही चल रही है। यही कारण है कि नगरवासियों को हैंडपंपों से प्यास बुझानी पड़ रही है। व्यापार मंडल अध्यक्ष जगदीश असवाल का कहना है कि जल संस्थान उपभोक्ताओं से पानी के बढ़े हुए बिलों की वसूली तो कर रहा है, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं दे रहा है। उन्होंने जल संस्थान से समय रहते पेयजल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
कोट..........
पानी के पुराने स्रोतों से ही फिलहाल काम चलाया जा रहा है। इन स्रोतों पर भी जलस्राव तेजी से कम होता जा रहा है। नगर के आसपास पानी के नए स्रोत उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पंपिंग योजना से ही समस्या का समाधान हो सकता है। इसके लिए विभाग प्रयास कर रहा है।
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प्रणव ध्यानी, अवर अभियंता जल संस्थान नौगांव।
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करीब चार साल पहले नौगांव से लगे मुंगरा, मुराड़ी, नौगांव एवं धारी मुलाणा ग्राम पंचायत को मिलाकर इसे नगर पंचायत का दर्जा दिया गया, लेकिन पेयजल व्यवस्था अब भी वर्षों पुरानी पेयजल योजनाओं के भरोसे ही चल रही है। यही कारण है कि नगरवासियों को हैंडपंपों से प्यास बुझानी पड़ रही है। व्यापार मंडल अध्यक्ष जगदीश असवाल का कहना है कि जल संस्थान उपभोक्ताओं से पानी के बढ़े हुए बिलों की वसूली तो कर रहा है, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं दे रहा है। उन्होंने जल संस्थान से समय रहते पेयजल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
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कोट..........
पानी के पुराने स्रोतों से ही फिलहाल काम चलाया जा रहा है। इन स्रोतों पर भी जलस्राव तेजी से कम होता जा रहा है। नगर के आसपास पानी के नए स्रोत उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पंपिंग योजना से ही समस्या का समाधान हो सकता है। इसके लिए विभाग प्रयास कर रहा है।
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प्रणव ध्यानी, अवर अभियंता जल संस्थान नौगांव।