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कहीं यमुनोत्री धाम की यात्रा में रोड़ा न बन जाए डबरकोट स्लिप जोन
Updated Tue, 06 Feb 2018 10:32 PM IST
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बड़कोट (उत्तरकाशी)। इस बार चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यमुनोत्री धाम की यात्रा चुनौतीपूर्ण हो सकती है। बीते साल एक माह तक यमुनोत्री धाम की यात्रा पर ब्रेक लगाने वाले ओजरी डबरकोट भूस्खलन को अभी तक उपचारित नहीं किया जा सका है। बजट के अभाव में न तो अभी तक भूस्खलन को उपचारित किया जा सका है और न ही वैकल्पिक मार्ग को दुरुस्त कराया जा सका है।
बीते साल सितंबर में ओजरी डबरकोट में पहाड़ी से हुए भारी भूस्खलन से यमुनोत्री हाईवे का करीब चार सौ मीटर हिस्सा तबाह हो गया था। पहाड़ी से भूस्खलन करीब एक माह तक जारी रहने के कारण यमुनोत्री धाम की यात्रा ठप रही थी। यूं तो प्रशासन ने करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर कामचलाऊ वैकल्पिक मार्ग तैयार कराया था, लेकिन इस पर वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के इंतजाम न तब हो पाए थे और न ही अब हैं। आधा साल बीता लेकिन सरकार ने अभी तक इस हिस्से में यमुनोत्री हाईवे को चाकचौबंद करने की जहमत नहीं उठाई है।
यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित मनमोहन उनियाल, पवन प्रकाश उनियाल, पंडा समिति के उपाध्यक्ष मनोहर उनियाल, होटल व्यवसायी अरविंद रावत, अजबीन पंवार, आनंद राणा, जसपाल परमार आदि ने अभी तक ओजरी डबरकोट भूस्खलन को उपचारित नहीं करने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकार इस बार चारधाम यात्रा में रिकार्ड तीर्थयात्रियों के पहुंचने के दावे कर रही है। दूसरी ओर यात्रा मार्ग की सुध नहीं ली जा रही है।
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कोट.......
डबरकोट भूस्खलन के स्थाई उपचार के लिए डीपीआर तैयार कर इसको ऑल वेदर रोड में शामिल करने की बात चल रही है। इसके बाद ही यहां स्थाई ट्रीटमेंट हो पाएगा। फिलहाल यहां वाहनों की आवाजाही लायक सड़क तैयार करा रहे हैं।
नवनीत पांडे, ईई, राजमार्ग निर्माण खंड बड़कोट।
कोट...
ओजरी डबरकोट भूस्खलन वाले हिस्से को दुरुस्त कराने के लिए अभी बजट नहीं मिल पाया है। बारिश में यहां यातायात अवरुद्ध होने का खतरा है। लोनिवि को वैकल्पिक सड़क दुरुस्त कराने को कहा गया है।
डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।
कोट.........
डबरकोट भूस्खलन वाले हिस्से में सुरंग का प्रस्ताव तैयार किया गया है। तब तक कुंसाला होते हुए वैकल्पिक सड़क दुरुस्त कराने के लिए छह करोड़ का प्रस्ताव तैयार है। शीघ्र मुख्यमंत्री से वार्ता कर इसे स्वीकृत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
केदार सिंह रावत, विधायक यमुनोत्री क्षेत्र।
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बीते साल सितंबर में ओजरी डबरकोट में पहाड़ी से हुए भारी भूस्खलन से यमुनोत्री हाईवे का करीब चार सौ मीटर हिस्सा तबाह हो गया था। पहाड़ी से भूस्खलन करीब एक माह तक जारी रहने के कारण यमुनोत्री धाम की यात्रा ठप रही थी। यूं तो प्रशासन ने करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर कामचलाऊ वैकल्पिक मार्ग तैयार कराया था, लेकिन इस पर वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के इंतजाम न तब हो पाए थे और न ही अब हैं। आधा साल बीता लेकिन सरकार ने अभी तक इस हिस्से में यमुनोत्री हाईवे को चाकचौबंद करने की जहमत नहीं उठाई है।
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यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित मनमोहन उनियाल, पवन प्रकाश उनियाल, पंडा समिति के उपाध्यक्ष मनोहर उनियाल, होटल व्यवसायी अरविंद रावत, अजबीन पंवार, आनंद राणा, जसपाल परमार आदि ने अभी तक ओजरी डबरकोट भूस्खलन को उपचारित नहीं करने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकार इस बार चारधाम यात्रा में रिकार्ड तीर्थयात्रियों के पहुंचने के दावे कर रही है। दूसरी ओर यात्रा मार्ग की सुध नहीं ली जा रही है।
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डबरकोट भूस्खलन के स्थाई उपचार के लिए डीपीआर तैयार कर इसको ऑल वेदर रोड में शामिल करने की बात चल रही है। इसके बाद ही यहां स्थाई ट्रीटमेंट हो पाएगा। फिलहाल यहां वाहनों की आवाजाही लायक सड़क तैयार करा रहे हैं।
नवनीत पांडे, ईई, राजमार्ग निर्माण खंड बड़कोट।
कोट...
ओजरी डबरकोट भूस्खलन वाले हिस्से को दुरुस्त कराने के लिए अभी बजट नहीं मिल पाया है। बारिश में यहां यातायात अवरुद्ध होने का खतरा है। लोनिवि को वैकल्पिक सड़क दुरुस्त कराने को कहा गया है।
डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।
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डबरकोट भूस्खलन वाले हिस्से में सुरंग का प्रस्ताव तैयार किया गया है। तब तक कुंसाला होते हुए वैकल्पिक सड़क दुरुस्त कराने के लिए छह करोड़ का प्रस्ताव तैयार है। शीघ्र मुख्यमंत्री से वार्ता कर इसे स्वीकृत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
केदार सिंह रावत, विधायक यमुनोत्री क्षेत्र।