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अज्ञात बीमारी से 26 भेड़-बकरियों की मौत, पशुपालकों में दहशत
Updated Fri, 08 Dec 2017 10:58 PM IST
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बड़कोट (उत्तरकाशी)। नौगांव प्रखंड के डख्याटगांव स्थित टटाउ नामे तोक में अज्ञात बीमारी से 26 भेड़-बकरियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य इसकी चपेट में हैं। सूचना मिलने पर पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार में जुट गई है। बीमारी का पता लगाने के लिए मृत बकरियों का बिसरा जांच के लिए ऋषिकेश प्रयोगशाला भेजा गया है।
कुथनौर क्षेत्र के नकोड़ा गांव निवासी भगत सिंह बीते दिनों अपनी 70 भेड़-बकरियों के रेवड़ के साथ नीचे की तरफ लौटे हैं। बृहस्पतिवार को अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से एक-एक कर उनकी भेड़ बकरियां मरने लगीं।
उन्होंने बताया कि पहले पशु सुस्त पड़ रहे हैं और फिर बेहोशी की हालत में मर जा रहे हैं। कुछ भेड़-बकरियों के मल के साथ खून भी आ रहा है। अब तक उनकी 26 भेड़-बकरियां मर चुकी हैं, जबकि शेष बीमारी से पस्त हैं। पीड़ित पशुपालक भगत सिंह ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की।
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पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.अनमोल नौटियाल ने बताया कि पशुओं की मौत के कारण पता नहीं चल पा रहा है। संभव है कि मौसम में बदलाव या जहरीली घास खाने से पशु बीमार हो रहे हों। मृत मवेशियों का बिसरा जांच के लिए ऋषिकेश प्रयोगशाला भेजा गया है। मौके पर पहुंचे राजगढ़ी के राजस्व उपनिरीक्षक दिनेश रावत ने एसडीएम के माध्यम से इसकी रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही।
कुथनौर क्षेत्र के नकोड़ा गांव निवासी भगत सिंह बीते दिनों अपनी 70 भेड़-बकरियों के रेवड़ के साथ नीचे की तरफ लौटे हैं। बृहस्पतिवार को अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से एक-एक कर उनकी भेड़ बकरियां मरने लगीं।
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उन्होंने बताया कि पहले पशु सुस्त पड़ रहे हैं और फिर बेहोशी की हालत में मर जा रहे हैं। कुछ भेड़-बकरियों के मल के साथ खून भी आ रहा है। अब तक उनकी 26 भेड़-बकरियां मर चुकी हैं, जबकि शेष बीमारी से पस्त हैं। पीड़ित पशुपालक भगत सिंह ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की।
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पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.अनमोल नौटियाल ने बताया कि पशुओं की मौत के कारण पता नहीं चल पा रहा है। संभव है कि मौसम में बदलाव या जहरीली घास खाने से पशु बीमार हो रहे हों। मृत मवेशियों का बिसरा जांच के लिए ऋषिकेश प्रयोगशाला भेजा गया है। मौके पर पहुंचे राजगढ़ी के राजस्व उपनिरीक्षक दिनेश रावत ने एसडीएम के माध्यम से इसकी रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही।