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शिक्षा विभाग की लापरवाही से रद्द हुई अतिथि शिक्षकों की काउंसलिंग
Updated Fri, 10 Nov 2017 10:46 PM IST
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उत्तरकाशी। शिक्षा विभाग की ओर से प्रवक्ता पद के लिए आयोजित अतिथि शिक्षकों की जिला स्तरीय काउंसिलिंग भारी हंगामे के बीच रद्द कर दी गई है। ब्लॉक कार्यालयों की ओर से प्रत्याशियों की गलत सूची देने की वजह से यह निर्णय लिया गया है। चिन्यालीसौड़ तथा मोरी ब्लॉक के कई अतिथि शिक्षकों को अधिक अंक होने के बाद भी मेरिट लिस्ट में शामिल नहीं किया गया था। इस कारण उन्होंने कांउसिलिंग का विरोध करते हुए शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी की ओर से संशोधित सूची के साथ 14 नवंबर को फिर से काउंसिलिंग कराने का आदेश दिया गया है।
शुक्रवार को अतिथि शिक्षकों को विद्यालय आवंटित करने के लिए जिला स्तरीय काउंसिलिंग कराई जा रही थी, लेकिन चिन्यालीसौड़ तथा मोरी ब्लॉक के कई प्रभावित अतिथि शिक्षकों का नाम सूची में शामिल नहीं किया गया। इससे मेरिट लिस्ट में कम अंक वाले प्रत्याशियों को विद्यालय आवंटित कर दिए गए, जबकि अधिक अंक होने के बाद भी कुछ शिक्षक बाहर हो गए। इसके विरोध में शिक्षकों ने जमकर हंगामा किया तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी से गड़बड़ी की शिकायत की। चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के मुकेश भंडारी ने बताया कि मार्च 2016 में विभाग की ओर से अतिथि शिक्षकों को हटा दिया गया था। इसके बाद सितंबर 2016 में मेरिट के आधार पर ब्लॉक, जिला, मंडल तथा राज्य स्तर पर प्रभावित शिक्षकों को नियुक्ति दी जानी थी, जबकि छूटे हुए शिक्षकों को वर्ष 2017 की लिस्ट में जोड़कर फिर से काउंसिलिंग कर विद्यालय आवंटित किए जाने थे। इसके पहले चरण में 23 अक्तूबर को हुई ब्लॉक स्तरीय काउंसिलिंग में अधिक मेरिट वालों को सीट मिल चुकी है, जबकि बचे हुए प्रत्याशियों को जिला काउंसिलिंग में विद्यालय आवंटित होने थे, लेकिन ब्लॉक की ओर से भेजी गई लिस्ट से कई शिक्षकों का नाम गायब कर दिया गया है।
वहीं, मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्य ने बताया कि शासनादेश के अनुसार 2016 के प्रभावितों को भी मेरिट के हिसाब से सीट आवंटित की जानी है, लेकिन ब्लॉक स्तर पर हुई लापरवाही के चलते कई प्रभावितों के नाम लिस्ट में शामिल नहीं हुए हैं। इस कारण जिला स्तर की काउंसलिंग को रद्द कर दिया गया है। सभी ब्लॉकों से संशोधित सूची मांगी गई। इसके आधार पर 14 नवंबर को फिर से काउंसिलिंग की जाएगी। इस दौरान प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र मोहन, रामेश्वर दत्त, कमाल चंद, राय सिंह रावत आदि शामिल रहे।
शुक्रवार को अतिथि शिक्षकों को विद्यालय आवंटित करने के लिए जिला स्तरीय काउंसिलिंग कराई जा रही थी, लेकिन चिन्यालीसौड़ तथा मोरी ब्लॉक के कई प्रभावित अतिथि शिक्षकों का नाम सूची में शामिल नहीं किया गया। इससे मेरिट लिस्ट में कम अंक वाले प्रत्याशियों को विद्यालय आवंटित कर दिए गए, जबकि अधिक अंक होने के बाद भी कुछ शिक्षक बाहर हो गए। इसके विरोध में शिक्षकों ने जमकर हंगामा किया तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी से गड़बड़ी की शिकायत की। चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के मुकेश भंडारी ने बताया कि मार्च 2016 में विभाग की ओर से अतिथि शिक्षकों को हटा दिया गया था। इसके बाद सितंबर 2016 में मेरिट के आधार पर ब्लॉक, जिला, मंडल तथा राज्य स्तर पर प्रभावित शिक्षकों को नियुक्ति दी जानी थी, जबकि छूटे हुए शिक्षकों को वर्ष 2017 की लिस्ट में जोड़कर फिर से काउंसिलिंग कर विद्यालय आवंटित किए जाने थे। इसके पहले चरण में 23 अक्तूबर को हुई ब्लॉक स्तरीय काउंसिलिंग में अधिक मेरिट वालों को सीट मिल चुकी है, जबकि बचे हुए प्रत्याशियों को जिला काउंसिलिंग में विद्यालय आवंटित होने थे, लेकिन ब्लॉक की ओर से भेजी गई लिस्ट से कई शिक्षकों का नाम गायब कर दिया गया है।
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वहीं, मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्य ने बताया कि शासनादेश के अनुसार 2016 के प्रभावितों को भी मेरिट के हिसाब से सीट आवंटित की जानी है, लेकिन ब्लॉक स्तर पर हुई लापरवाही के चलते कई प्रभावितों के नाम लिस्ट में शामिल नहीं हुए हैं। इस कारण जिला स्तर की काउंसलिंग को रद्द कर दिया गया है। सभी ब्लॉकों से संशोधित सूची मांगी गई। इसके आधार पर 14 नवंबर को फिर से काउंसिलिंग की जाएगी। इस दौरान प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र मोहन, रामेश्वर दत्त, कमाल चंद, राय सिंह रावत आदि शामिल रहे।
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