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छात्रा की गौरा कन्या धन की रकम आठ माह बाद ट्रांसफर कर दी किसी अन्य खाते में
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:22 PM IST
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उत्तरकाशी। जिले में समाज कल्याण विभाग और बैंक की लापरवाही के कारण एक युवती के खाते से गौरा कन्याधन की 50 हजार की रकम दूसरे के खाते में डाल दी गई। अब युवती और उसके पिता रकम वापस लेने के लिए बैंक और समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
भटवाड़ी ब्लॉक के सिरोर गांव निवासी मनमोहन सिंह ने बताया कि उसकी बेटी पूजा ने 2016 में जीआईसी नेताला से इंटरमीडिएट पास किया है, जबकि इस बीच स्कूल से गौरा कन्याधन के लिए आवेदन किया गया था। इसके लिए उन्होंने समाज कल्याण विभाग की ओर से बताई गई सभी औपचारिकताएं पूरी की थी। विभाग ने उसे पात्र मानते हुए 30 मार्च 2017 को गौरा कन्या धन योजना के तहत 50 हजार की रकम केनरा बैंक के माध्यम से उसके खाते में डाल दी, लेकिन आठ माह बाद 9 अक्टूबर को जब वे बैंक में पास बुक पर एंट्री कराने पहुंचे, तो पता चला कि उसके खाते से किसी अन्य के खाते पर 50 हजार की रकम डाल दी गई। इस संबंध में उन्हें बैंक और समाज कल्याण विभाग से कोई सूचना नहीं दी गई। अब अचानक गायब हुई रकम से वह चौंक गए। पास बुक में एंट्री कराने पर पता चला कि किसी अक्षिका नाम की लड़की के खाते में रकम की एनईएफटी कर दी गई। अब पिता और बेटी दोनों समाज कल्याण कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
वहीं जिला समाज कल्याण कार्यालय में प्रधान सहायक सरोप सिंह कंडियाल का कहना है कि गौरा देवी कन्याधन योजना के लिए राइंका नेताला से जो सूची ऑनलाइन उनको प्राप्त हुई है। उसके आधार पर ही भुगतान किया गया है। यदि इसमें कोई त्रुटी पाई गई है, तो वह ब्लॉक स्तर से की गई है। वहीं मामले में बैंक शाखा प्रबंधक केनरा बैंक अनूप शाह का कहना है कि समाज कल्याण विभाग की ओर से एक पत्र आया था। जिसके आधार पर पैसे ट्रांसफर किए गए हैं। हम बिना लिखित पत्र के कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। वैसे मामला अब सुलझ गया है। समाज कल्याण की ओर से उन्हें दूसरा चेक दिया जा रहा है।
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भटवाड़ी ब्लॉक के सिरोर गांव निवासी मनमोहन सिंह ने बताया कि उसकी बेटी पूजा ने 2016 में जीआईसी नेताला से इंटरमीडिएट पास किया है, जबकि इस बीच स्कूल से गौरा कन्याधन के लिए आवेदन किया गया था। इसके लिए उन्होंने समाज कल्याण विभाग की ओर से बताई गई सभी औपचारिकताएं पूरी की थी। विभाग ने उसे पात्र मानते हुए 30 मार्च 2017 को गौरा कन्या धन योजना के तहत 50 हजार की रकम केनरा बैंक के माध्यम से उसके खाते में डाल दी, लेकिन आठ माह बाद 9 अक्टूबर को जब वे बैंक में पास बुक पर एंट्री कराने पहुंचे, तो पता चला कि उसके खाते से किसी अन्य के खाते पर 50 हजार की रकम डाल दी गई। इस संबंध में उन्हें बैंक और समाज कल्याण विभाग से कोई सूचना नहीं दी गई। अब अचानक गायब हुई रकम से वह चौंक गए। पास बुक में एंट्री कराने पर पता चला कि किसी अक्षिका नाम की लड़की के खाते में रकम की एनईएफटी कर दी गई। अब पिता और बेटी दोनों समाज कल्याण कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
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वहीं जिला समाज कल्याण कार्यालय में प्रधान सहायक सरोप सिंह कंडियाल का कहना है कि गौरा देवी कन्याधन योजना के लिए राइंका नेताला से जो सूची ऑनलाइन उनको प्राप्त हुई है। उसके आधार पर ही भुगतान किया गया है। यदि इसमें कोई त्रुटी पाई गई है, तो वह ब्लॉक स्तर से की गई है। वहीं मामले में बैंक शाखा प्रबंधक केनरा बैंक अनूप शाह का कहना है कि समाज कल्याण विभाग की ओर से एक पत्र आया था। जिसके आधार पर पैसे ट्रांसफर किए गए हैं। हम बिना लिखित पत्र के कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। वैसे मामला अब सुलझ गया है। समाज कल्याण की ओर से उन्हें दूसरा चेक दिया जा रहा है।
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