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यमुनोत्री क्षेत्र में भूस्खलन की जद में आया भोजपत्र का जंगल
Updated Mon, 23 Oct 2017 10:43 PM IST
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बड़कोट (उत्तरकाशी)। यमुनोत्री क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन के कारण यहां मौजूद भोजपत्र के जंगल खतरे की जद में आने लगे हैं। यमुना घाटी के गरुड़ गंगा व हनुमान चट्टी-डोडीताल ट्रैक क्षेत्र की पहाड़ियों में हो रहा भू-कटाव इन बहुमूल्य वृक्षों के लिए नासूर बन गया है। शासन-प्रशासन की ओर से आजतक स्लाइड जोन के ट्रीटमेंट के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
वर्ष 2012 की बाढ़ से हनुमान गंगा व यमुना नदी ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। वहीं, जड़ीबूटियों के दोहन के लिए कई लोग क्षेत्र में अवैध खुदान भी करते रहे हैं, जिससे हनुमान चट्टी-डोडीताल ट्रैक के कंडोला तोक व गरुड़ गंगा क्षेत्र में कई स्थानों पर स्लाइड जोन बन गए हैं, जिससे धार्मिक व औषधीय महत्व के भोजपत्र वृक्ष के जंगलों को खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय निवासी पुरुषोत्तम प्रसाद, पवन प्रकाश उनियाल आदि का कहना है कि जनपद में गोमुख के अलावा इस क्षेत्र में ही भोज वृक्ष बहुतायत में पाया जाता है, लेकिन वर्ष 2012 की आपदा के बाद से इन जंगलों के आसपास भारी मात्रा में भूस्खलन शुरू हो गया है। जिसके बाद से ही यहां के जंगल खतरे में आ गए हैं। उधर, सहायक उप वन संरक्षक जीपी सिंह ने कहा कि क्षेत्र के संरक्षण के लिए पूर्व में प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन शासन से स्वीकृति नहीं मिली। विभाग द्वारा फिर से प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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वर्ष 2012 की बाढ़ से हनुमान गंगा व यमुना नदी ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। वहीं, जड़ीबूटियों के दोहन के लिए कई लोग क्षेत्र में अवैध खुदान भी करते रहे हैं, जिससे हनुमान चट्टी-डोडीताल ट्रैक के कंडोला तोक व गरुड़ गंगा क्षेत्र में कई स्थानों पर स्लाइड जोन बन गए हैं, जिससे धार्मिक व औषधीय महत्व के भोजपत्र वृक्ष के जंगलों को खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय निवासी पुरुषोत्तम प्रसाद, पवन प्रकाश उनियाल आदि का कहना है कि जनपद में गोमुख के अलावा इस क्षेत्र में ही भोज वृक्ष बहुतायत में पाया जाता है, लेकिन वर्ष 2012 की आपदा के बाद से इन जंगलों के आसपास भारी मात्रा में भूस्खलन शुरू हो गया है। जिसके बाद से ही यहां के जंगल खतरे में आ गए हैं। उधर, सहायक उप वन संरक्षक जीपी सिंह ने कहा कि क्षेत्र के संरक्षण के लिए पूर्व में प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन शासन से स्वीकृति नहीं मिली। विभाग द्वारा फिर से प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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