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शिकायत पेटी पहुंचायेगी महिला के साथ उत्पीड़न करने वाले अपराधी को जेल
Updated Thu, 12 Oct 2017 10:39 PM IST
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उत्तरकाशी। किसी महिला या युवती के साथ अगर किसी प्रकार का उत्पीड़न होता है तो उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। वे बेझिझक इसकी शिकायत सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने वाले शिकायत पेटियों में डाल दें। उत्तराखंड पुलिस सभी सार्वजनिक स्थानों, बस अड्डे, शिक्षण संस्थानों, चौराहों आदि में बंद शिकायती पेटियां रखने जा रही हैं। कोई भी पीड़िता अपने साथ हुई घटना को पत्र में लिखकर इन पेटियों में डाल सकती हैं। इन पत्रों को स्वयं एसपी देंखेंगे।
लगातार बढ़ते महिला अपराधों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने सभी जिलों में सार्वजनक स्थानों पर बंद शिकायती पेटियां रखने का निर्णय लिया है। यह पेटियां ठीक उसी प्रकार होंगी जिस प्रकार संदेश पत्र एकत्रित करने के लिए डाक विभाग द्वारा लेटर बॉक्स लगाया जाता है। पुलिस मुख्यालय से हाल ही में इस संबंध में सभी जिलों के कप्तानों को निर्देश जारी हुए हैं। इसके तहत शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, बस अड्डों परिसरों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर ये शिकायती पेटियां लगाई जाएंगी। इनमें आसानी से कोई भी पीड़ित महिला या युवती अपनी शिकायत पत्र के माध्यम से पुलिस तक पहुंचा सकती है। इन शिकायती पेटियों को संबंधित थाना क्षेत्र का थानाध्यक्ष एकत्रित कर संज्ञान लेगा और उस पर कार्रवाई करेगा। इतना ही नहीं, यह मामला महीने में आयोजित होने वाली क्राइम मीटिंग में भी रखा जाएगा। एसपी स्वयं इसकी समीक्षा करेंगे। जरूरत पड़ने पर संबंधित पीड़िता से पुलिस बात भी करेगी ताकि गुनहगार को उसकी करनी की सजा दिलाई जा सके। दरअसल, मित्र पुलिस ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि प्रदेश की महिलाएं और लड़कियां खुलकर जी सकें। आए दिन महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ और अन्य तरीके से उत्पीड़न होता है, लेकिन थाने में जाने की डर और झिझक से बहुत कम इसका विरोध दर्ज करा पाती हैं। इसलिए उत्तराखंड मित्र पुलिस ने शिकायत पेटियां लगवाने का तरीका अपनाया है।
कोट--
पुलिस मुख्यालय से शिकायती पेटी लगाने के लिए निर्देश मिले हैं। यह सभी जिलों में सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे। किसी भी महिला या युवती के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न होता है तो वह बेझिझक अपने नजदीकी शिकायत पेटी में अपना शिकायती पत्र डाल सकती है। इसका संज्ञान नजदीकी थाने में थानाध्यक्ष लेगा और कार्रवाई करेगा। क्राइम मीटिंग में स्वयं जिले के एसपी इसकी समीक्षा करेंगे। -सुखबीर सिंह, एसपी, लॉ एंड आर्डर पुलिस मुख्यालय व प्रभारी एसपी उत्तरकाशी
लगातार बढ़ते महिला अपराधों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने सभी जिलों में सार्वजनक स्थानों पर बंद शिकायती पेटियां रखने का निर्णय लिया है। यह पेटियां ठीक उसी प्रकार होंगी जिस प्रकार संदेश पत्र एकत्रित करने के लिए डाक विभाग द्वारा लेटर बॉक्स लगाया जाता है। पुलिस मुख्यालय से हाल ही में इस संबंध में सभी जिलों के कप्तानों को निर्देश जारी हुए हैं। इसके तहत शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, बस अड्डों परिसरों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर ये शिकायती पेटियां लगाई जाएंगी। इनमें आसानी से कोई भी पीड़ित महिला या युवती अपनी शिकायत पत्र के माध्यम से पुलिस तक पहुंचा सकती है। इन शिकायती पेटियों को संबंधित थाना क्षेत्र का थानाध्यक्ष एकत्रित कर संज्ञान लेगा और उस पर कार्रवाई करेगा। इतना ही नहीं, यह मामला महीने में आयोजित होने वाली क्राइम मीटिंग में भी रखा जाएगा। एसपी स्वयं इसकी समीक्षा करेंगे। जरूरत पड़ने पर संबंधित पीड़िता से पुलिस बात भी करेगी ताकि गुनहगार को उसकी करनी की सजा दिलाई जा सके। दरअसल, मित्र पुलिस ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि प्रदेश की महिलाएं और लड़कियां खुलकर जी सकें। आए दिन महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ और अन्य तरीके से उत्पीड़न होता है, लेकिन थाने में जाने की डर और झिझक से बहुत कम इसका विरोध दर्ज करा पाती हैं। इसलिए उत्तराखंड मित्र पुलिस ने शिकायत पेटियां लगवाने का तरीका अपनाया है।
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कोट--
पुलिस मुख्यालय से शिकायती पेटी लगाने के लिए निर्देश मिले हैं। यह सभी जिलों में सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे। किसी भी महिला या युवती के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न होता है तो वह बेझिझक अपने नजदीकी शिकायत पेटी में अपना शिकायती पत्र डाल सकती है। इसका संज्ञान नजदीकी थाने में थानाध्यक्ष लेगा और कार्रवाई करेगा। क्राइम मीटिंग में स्वयं जिले के एसपी इसकी समीक्षा करेंगे। -सुखबीर सिंह, एसपी, लॉ एंड आर्डर पुलिस मुख्यालय व प्रभारी एसपी उत्तरकाशी
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