{"_id":"59c29e0b4f1c1b29688b596d","slug":"150592670020-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनशन पर डटे रहे छात्र नेता, महाविद्यालय के छात्र छात्राओं ने दिया आंदोलन को समर्थन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनशन पर डटे रहे छात्र नेता, महाविद्यालय के छात्र छात्राओं ने दिया आंदोलन को समर्थन
Updated Wed, 20 Sep 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उत्तरकाशी। रामचंद्र उनियाल राजकीय महाविद्यालय में अनशन पर बैठे छात्र संगठन का अन्य छात्रों ने भी समर्थन किया है। अनशन के दूसरे दिन महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों की ओर से शिक्षकों के रिक्त पदों में स्थाई नियुक्ति की मांग की जा रही है। उधर, कॉलेज प्रशासन की ओर कसे अनशन कर रहे छात्रों की स्वास्थ्य जांच के लिए जिला चिकित्सालय को पत्र भेजा गया है।
वर्तमान में महाविद्यालय के 65 पदों में से 23 पर नियमित तथा 18 पर गेस्ट टीचर तैनात हैं, जबकि 24 पद खाली हैं। इनमें से भी 18 गेस्ट व संविदा शिक्षक मांगों को लेकर कभी भी हड़ताल पर जा सकते हैं। विरोध में दिपेंद्र कुमार, सोनू सिंह, देवराज चंद रमोला, गणेश राणा, पृथ्वीपाल मटूड़ा व संदीप कुमार ने मंगलवार से अनशन शुरू किया था। विवि प्रतिनिधि सोनू सिंह का कहना है कि कॉलेज में अधिकतर गरीब परिवारों के ही छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, जिनका भविष्य इन शिक्षकों पर निर्भर है। प्रधानाचार्य पीएस मखलोगा ने कहा कि छात्रों की मांग गलत नहीं है, लेकिन व्यवहारिक तौर पर इसे पूरा कर पाना कॉलेज प्रशासन के लिए संभव नहीं है। निदेशालय को इस संबंध में पत्र भेज दिया है, तब तक के लिए भौतिक विज्ञान विभाग में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अनशन कर रहे छात्रों की जांच के लिए भी जिला चिकित्सालय से डाक्टरों को बुलाया गया है। प्रदर्शनकारियों में शिवानी बिष्ट, दीपिका, साक्षी, काजल सोनी, अनामिका, अमरीकन पुरी, नितेश मिनान आदि मौजूद थे।
वर्तमान में महाविद्यालय के 65 पदों में से 23 पर नियमित तथा 18 पर गेस्ट टीचर तैनात हैं, जबकि 24 पद खाली हैं। इनमें से भी 18 गेस्ट व संविदा शिक्षक मांगों को लेकर कभी भी हड़ताल पर जा सकते हैं। विरोध में दिपेंद्र कुमार, सोनू सिंह, देवराज चंद रमोला, गणेश राणा, पृथ्वीपाल मटूड़ा व संदीप कुमार ने मंगलवार से अनशन शुरू किया था। विवि प्रतिनिधि सोनू सिंह का कहना है कि कॉलेज में अधिकतर गरीब परिवारों के ही छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, जिनका भविष्य इन शिक्षकों पर निर्भर है। प्रधानाचार्य पीएस मखलोगा ने कहा कि छात्रों की मांग गलत नहीं है, लेकिन व्यवहारिक तौर पर इसे पूरा कर पाना कॉलेज प्रशासन के लिए संभव नहीं है। निदेशालय को इस संबंध में पत्र भेज दिया है, तब तक के लिए भौतिक विज्ञान विभाग में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अनशन कर रहे छात्रों की जांच के लिए भी जिला चिकित्सालय से डाक्टरों को बुलाया गया है। प्रदर्शनकारियों में शिवानी बिष्ट, दीपिका, साक्षी, काजल सोनी, अनामिका, अमरीकन पुरी, नितेश मिनान आदि मौजूद थे।
विज्ञापन