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युवाओं ने सीखे आपदा प्रबंधन के गुर
Updated Tue, 19 Sep 2017 10:11 PM IST
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उत्तरकाशी। नंदा देवी इंस्टीट्यूट ऑफ एडवेंचर स्पोर्ट की ओर से 12 दिवसीय सामुदायिक आपदा प्रबंधन ट्रेनिंग कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। रिलायंस फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को आपदा प्रबंधन व रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में जानकारी देना है। असी गंगा घाटी के कफ्लौंन गांव में 9 से 20 सितंबर तक चलने वाली इस ार्यशाला में भटवाड़ी, गुंजी (धारचुला) व जखोली (रुद्रप्रयाग) के 25 युवाओं की ओर से प्रतिभाग किया जा रहा है।
कार्यक्रम के तहत युवाओं को पर्वतारोहण, रिवर क्रॉसिंग, टेंट लगाने सहित गांव में आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों के बारे में बताया गया। पर्वतारोही पदमश्री मोहन सिंह गुंजियाल, एसडीआरएफ की ओर से बचाव व राहत कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया। युवाओं द्वारा कफ्लौंन गांव का भ्रमण कर वहां के हालात पर भी एक रिपोर्ट तैयार की गई।
नंदा देवी संस्था के निदेशक डा. सुनील कैंथोला ने बताया कि हमारा उद्देश्य राहत-बचाव की ट्रेनिंग देने के साथ ही युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी पैदा करना है। हम युवाओं को आपदा के प्रकार, आपदा आने के कारण, उसे टालने के तरीके व आपदा के दौरान के हालातों से निपटने के लिए तैयार कर रहे हैं। अगर हर गांव में प्रशिक्षित युवाओं का दल हो तो वे आपदा के हालात पैदा नहीं होने देंगे। फिर भी अगर कोई घटना होती है, तो ये सरकारी मदद पहुंचने से पहले ही काफी हद तक बचाव कार्य कर सकेंगे। उधर ट्रेनिंग में आए राहुल गुंजियाल, मनीषा व जयराज राणा ने बताया कि ट्रेनिंग से आपदा के प्रति उनकी सोच में बदलाव आया है। आपदा के समय सरकारी मदद से अधिक समुदाय का आपसी सहयोग ही महत्वपूर्ण होता है। इस मौके पर कमलेश गुरानी, सतल सिंह पंवार, सुमिला पंवार, विजय पाल आदि मौजूद थे।
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कार्यक्रम के तहत युवाओं को पर्वतारोहण, रिवर क्रॉसिंग, टेंट लगाने सहित गांव में आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों के बारे में बताया गया। पर्वतारोही पदमश्री मोहन सिंह गुंजियाल, एसडीआरएफ की ओर से बचाव व राहत कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया। युवाओं द्वारा कफ्लौंन गांव का भ्रमण कर वहां के हालात पर भी एक रिपोर्ट तैयार की गई।
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नंदा देवी संस्था के निदेशक डा. सुनील कैंथोला ने बताया कि हमारा उद्देश्य राहत-बचाव की ट्रेनिंग देने के साथ ही युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी पैदा करना है। हम युवाओं को आपदा के प्रकार, आपदा आने के कारण, उसे टालने के तरीके व आपदा के दौरान के हालातों से निपटने के लिए तैयार कर रहे हैं। अगर हर गांव में प्रशिक्षित युवाओं का दल हो तो वे आपदा के हालात पैदा नहीं होने देंगे। फिर भी अगर कोई घटना होती है, तो ये सरकारी मदद पहुंचने से पहले ही काफी हद तक बचाव कार्य कर सकेंगे। उधर ट्रेनिंग में आए राहुल गुंजियाल, मनीषा व जयराज राणा ने बताया कि ट्रेनिंग से आपदा के प्रति उनकी सोच में बदलाव आया है। आपदा के समय सरकारी मदद से अधिक समुदाय का आपसी सहयोग ही महत्वपूर्ण होता है। इस मौके पर कमलेश गुरानी, सतल सिंह पंवार, सुमिला पंवार, विजय पाल आदि मौजूद थे।
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