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यमुनोत्री राजमार्ग में वैकल्पिक मोटर मार्ग बनाने की मांग
Updated Sat, 16 Sep 2017 10:07 PM IST
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बड़कोट (उत्तरकाशी)। ओजरी के पास हो रहे भूस्खलन से यमुनोत्री हाईवे छठे दिन भी नहीं खुल पाया। ऐसे में अब जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग की है। यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने भी हालात को देखते हुए गंगनाणी से हेली सेवा और कुथनौर मोटर मार्ग तैयार करने की बात कही है। उधर, एसडीएम मनुज गोयल ने लोनिवि को ओजरी से सियाना बैंड के पैदल रास्ते को मोटर मार्ग बनाने के लिए सर्वे कराने के आदेश दिए हैं।
ओजरी क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन के कारण राजमार्ग को सुचारु करने के सभी प्रयास विफल हो रहे हैं। लगातार छह दिन मार्ग बंद होने के कारण यमुनोत्री धाम जाने वाले यात्रियों और ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से ओजरी से सियाना बैंड तक पैदल मार्ग के जरिए यात्रा सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप होने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। इससे अब लोगों ने कुथनौर से तिर्खली तक के 8 किमी हिस्से में वैकल्पिक मोटर मार्ग बनाने की मांग की है। यमुनोत्री विधायक ने भी डीएम से वार्ता कर मोटर मार्ग का कार्य शुरू कराने की बात कही है। उन्होंने गंगनाणी से खरसाली तक हेली सेवा शुरू करने को भी कहा है। एसडीएम ने ओजरी से सियाना बैंड के तीन किमी लंबे पैदल रास्ते को मोटर मार्ग में विकसित करने के लिए सर्वे कराने के आदेश दिए हैं।
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विशेषज्ञों ने किया ओजरी का सर्वे
विशेषज्ञों की एक टीम ने शनिवार को ओजरी के भूस्खलन क्षेत्र का सर्वे किया। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के निदेशक भूपेंद्र सिंह, उत्तराखंड भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के निदेशक दीपेंद्र सिंह चंद, भूवैज्ञानिक धर्मेंद्र सिंह, ऑल वेदर रोड के एक्सपर्ट दिनेश सिंह ने हालात का जायजा लिया। विशेषज्ञों ने कहा कि संबंधित रिपोर्ट उच्च अधिकारियों व प्रशासन को दी जाएगी। वहीं, जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि विशेषज्ञों ने उन्हें अभी रिपोर्ट नहीं दी है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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यमुनोत्री धाम पैदल पहुंचे 320 यात्री
यमुनोत्री हाईवे बंद होने के बाद भी श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। शनिवार को भी करीब 320 यात्रियों ने धाम पहुंचकर यमुनोत्री मंदिर में दर्शन किए, जबकि 440 यात्री धाम से लौटे हैं। अभी भी कई श्रद्धालु मंदिर जाने के लिए जगह-जगह ठहरे हुए हैं।
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ओजरी क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन के कारण राजमार्ग को सुचारु करने के सभी प्रयास विफल हो रहे हैं। लगातार छह दिन मार्ग बंद होने के कारण यमुनोत्री धाम जाने वाले यात्रियों और ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से ओजरी से सियाना बैंड तक पैदल मार्ग के जरिए यात्रा सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप होने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। इससे अब लोगों ने कुथनौर से तिर्खली तक के 8 किमी हिस्से में वैकल्पिक मोटर मार्ग बनाने की मांग की है। यमुनोत्री विधायक ने भी डीएम से वार्ता कर मोटर मार्ग का कार्य शुरू कराने की बात कही है। उन्होंने गंगनाणी से खरसाली तक हेली सेवा शुरू करने को भी कहा है। एसडीएम ने ओजरी से सियाना बैंड के तीन किमी लंबे पैदल रास्ते को मोटर मार्ग में विकसित करने के लिए सर्वे कराने के आदेश दिए हैं।
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विशेषज्ञों ने किया ओजरी का सर्वे
विशेषज्ञों की एक टीम ने शनिवार को ओजरी के भूस्खलन क्षेत्र का सर्वे किया। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के निदेशक भूपेंद्र सिंह, उत्तराखंड भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के निदेशक दीपेंद्र सिंह चंद, भूवैज्ञानिक धर्मेंद्र सिंह, ऑल वेदर रोड के एक्सपर्ट दिनेश सिंह ने हालात का जायजा लिया। विशेषज्ञों ने कहा कि संबंधित रिपोर्ट उच्च अधिकारियों व प्रशासन को दी जाएगी। वहीं, जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि विशेषज्ञों ने उन्हें अभी रिपोर्ट नहीं दी है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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यमुनोत्री धाम पैदल पहुंचे 320 यात्री
यमुनोत्री हाईवे बंद होने के बाद भी श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। शनिवार को भी करीब 320 यात्रियों ने धाम पहुंचकर यमुनोत्री मंदिर में दर्शन किए, जबकि 440 यात्री धाम से लौटे हैं। अभी भी कई श्रद्धालु मंदिर जाने के लिए जगह-जगह ठहरे हुए हैं।