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कभी मिड डे मील के लिए आते थे बच्चे स्कूल, आज बोलने लगे है अंग्रेजी
Updated Sat, 16 Sep 2017 10:03 PM IST
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उत्तरकाशी। राजकीय प्राथमिक विद्यालय बड़ेथी में एक साल पहले महज कुछ छात्र-छात्राएं बगैर ड्रेस के स्कूल के बैग में महज मिड डे मील खाने की थाली लेकर आते थे, लेकिन स्कूल के आदर्श प्राथमिक विद्यालय बनने के एक साल बाद यहां काफी कुछ बदलाव देखने को मिल रहा है। आज यहां अध्यापकों के व्यक्तिगत प्रयास से न सिर्फ छात्र संख्या बढ़ी है, बल्कि स्कूल में बच्चों के बैठने व पढ़ने लिखने का भी तौर तरीका बदल गया है। यही कारण है कि आज सरकारी स्कूल के बच्चे अंग्रेजी में बातचीत करने लग गए हैं।
जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर चिन्यालीसौड़ ब्लॉक में पड़ने वाला राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय बड़ेथी अप्रैल 2016 में आदर्श (माडर्न) हुआ। इससे पहले यहां महज 38 छात्र-छात्राएं थे, लेकिन एक साल में यहां छात्र संख्या 110 हो गई है। स्कूल में सहायक अध्यापक मुरारी राणा ने बताया कि स्कूल में छह शिक्षक हैं। शिक्षकों ने स्कूल में व्यक्तिगत प्रयास से फर्नीचर, बच्चों के लिए स्वेटर, पंखे, डाइनिंग टेबल आदि जुटाई है। शिक्षिका मीना भट्ट के अनुसार कि आज बच्चे भले ही अंग्रेजी में अपना परिचय देने योग्य बन गए हैं, लेकिन हमें यहां शिक्षा का स्तर और बढ़ाना है। ताकि अभिभावक निजी स्कूलों के बजाए सरकारी स्कूलों में बच्चों को ज्यादा भेजे। इसके लिए हर महा अभिभावकों की बैठक बुलाई जाती है। विद्यालय में अतिरिक्त कमरों की जरूरत है, क्योंकि एक कक्षा कंप्यूटर रूम और दूसरी संकुल संसाधन केंद्र पर चलती है।
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जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर चिन्यालीसौड़ ब्लॉक में पड़ने वाला राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय बड़ेथी अप्रैल 2016 में आदर्श (माडर्न) हुआ। इससे पहले यहां महज 38 छात्र-छात्राएं थे, लेकिन एक साल में यहां छात्र संख्या 110 हो गई है। स्कूल में सहायक अध्यापक मुरारी राणा ने बताया कि स्कूल में छह शिक्षक हैं। शिक्षकों ने स्कूल में व्यक्तिगत प्रयास से फर्नीचर, बच्चों के लिए स्वेटर, पंखे, डाइनिंग टेबल आदि जुटाई है। शिक्षिका मीना भट्ट के अनुसार कि आज बच्चे भले ही अंग्रेजी में अपना परिचय देने योग्य बन गए हैं, लेकिन हमें यहां शिक्षा का स्तर और बढ़ाना है। ताकि अभिभावक निजी स्कूलों के बजाए सरकारी स्कूलों में बच्चों को ज्यादा भेजे। इसके लिए हर महा अभिभावकों की बैठक बुलाई जाती है। विद्यालय में अतिरिक्त कमरों की जरूरत है, क्योंकि एक कक्षा कंप्यूटर रूम और दूसरी संकुल संसाधन केंद्र पर चलती है।
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