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प्रधानों ने किया पालिका के विस्तारीकरण का विरोध
Updated Tue, 12 Sep 2017 10:15 PM IST
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उत्तरकाशी। ग्राम प्रधान संगठन ने पालिका क्षेत्र के विस्तार का विरोध किया है। क्षेत्र की 16 ग्राम पंचायतों को बाड़ाहाट पालिका में मिलाने के विरोध में प्रधान संगठन की ओर से महापंचायत आयोजित की गई, जिसके बाद उन्होंने डीएम को ज्ञापन देकर इस निर्णय को निरस्त करने की मांग की। प्रधानों ने मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जोशियाड़ा में आयोजित महापंचायत में संगठन के अध्यक्ष अनिल रावत ने कहा कि पालिका क्षेत्र में आते ही ग्राम पंचायतों की सभी सुविधाएं समाप्त हो जाएगी। ग्रामीणों को विभिन्न दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत एक गांव प्रधान देश है, ऐसे में गांवों को शहरी क्षेत्र में शामिल करना गलत फैसला है। उन्होंने कहा कि पालिका क्षेत्र के मुकाबले, ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक सफाई व सुविधाएं हैं।
उधर, सचिव जगदंबा प्रसाद सेमवाल ने कहा कि गांवों का शहरीकरण होते ही राजा के जमाने से मिलने वाले हकहकूक, मनरेगा, राज्य वित्त आदि सुविधाएं समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विस्तारीकरण के निर्णय के खिलाफ क्षेत्र के हर गांव में महापंचायत आयोजित की जाएगी। बैठक के दौरान गिरवीर परमार, गुलराज सिंह, सुचिता सेमवाल, किशोर बिष्ट, पुष्पा चौहान आदि मौजूद थे।
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जोशियाड़ा में आयोजित महापंचायत में संगठन के अध्यक्ष अनिल रावत ने कहा कि पालिका क्षेत्र में आते ही ग्राम पंचायतों की सभी सुविधाएं समाप्त हो जाएगी। ग्रामीणों को विभिन्न दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत एक गांव प्रधान देश है, ऐसे में गांवों को शहरी क्षेत्र में शामिल करना गलत फैसला है। उन्होंने कहा कि पालिका क्षेत्र के मुकाबले, ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक सफाई व सुविधाएं हैं।
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उधर, सचिव जगदंबा प्रसाद सेमवाल ने कहा कि गांवों का शहरीकरण होते ही राजा के जमाने से मिलने वाले हकहकूक, मनरेगा, राज्य वित्त आदि सुविधाएं समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विस्तारीकरण के निर्णय के खिलाफ क्षेत्र के हर गांव में महापंचायत आयोजित की जाएगी। बैठक के दौरान गिरवीर परमार, गुलराज सिंह, सुचिता सेमवाल, किशोर बिष्ट, पुष्पा चौहान आदि मौजूद थे।
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