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ाजकीय पॉलिटेक्निक के नये भवन में शुरु हुई कक्षाएं
Updated Wed, 23 Aug 2017 10:11 PM IST
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बड़कोट (उत्तरकाशी)। काफी समय से बंद पड़े राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में आखिरकार बुधवार से कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया है। करीब छह करोड़ की लागत से बना कॉलेज भवन दो साल पहले तैयार हो गया था, लेकिन एप्रोच मार्ग न होने की वजह से इसकी कक्षाओं का संचालन बड़कोट के एक भवन में हो रहा था। छात्रों की परेशानी को अमर उजाला ने अपने 13 अगस्त के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया, जिसके बाद प्रशासन की ओर से मामले में कार्रवाई की गई। अब भवन के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार कर कक्षाएं शुरू करा दी गई हैं।
वर्ष 2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बड़कोट में पॉलीटेक्निक खोलने की घोषणा की थी, लेकिन जगह नहीं होने से कक्षाएं उत्तरकाशी में चल रही थी। 2014 में बड़कोट में ही कक्षाओं का संचालन शुरू कराया गया। वहीं 2015 में 6 करोड़ की लागत से पौंटी गांव के निकट भवन बनाया गया, लेकिन एप्रोच मार्ग न होने से नए भवन में शिफ्ट नहीं हो पाया था। इसका मुख्य कारण नौगांव-पौंटी राजगढ़ी मोटर मार्ग से लेकर संस्थान तक के मार्ग वाली भूमि ग्रामीणों के नाम होना था। केवल 200-250 मीटर भूमि संस्थान के नाम पर नहीं होने से भवन बेकार पड़ा था, लेकिन अब बुधवार को वैकल्पिक मार्ग तैयार कर नए भवन में कक्षाएं शुरू होने से छात्राएं खुश हैं। प्रधानाचार्य एसके पाठक का कहना है कि दूसरे व तीसरे वर्ष की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। प्रथम वर्ष में अभी प्रवेश की प्रक्रिया बड़कोट में ही चल रही हैं।
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वर्ष 2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बड़कोट में पॉलीटेक्निक खोलने की घोषणा की थी, लेकिन जगह नहीं होने से कक्षाएं उत्तरकाशी में चल रही थी। 2014 में बड़कोट में ही कक्षाओं का संचालन शुरू कराया गया। वहीं 2015 में 6 करोड़ की लागत से पौंटी गांव के निकट भवन बनाया गया, लेकिन एप्रोच मार्ग न होने से नए भवन में शिफ्ट नहीं हो पाया था। इसका मुख्य कारण नौगांव-पौंटी राजगढ़ी मोटर मार्ग से लेकर संस्थान तक के मार्ग वाली भूमि ग्रामीणों के नाम होना था। केवल 200-250 मीटर भूमि संस्थान के नाम पर नहीं होने से भवन बेकार पड़ा था, लेकिन अब बुधवार को वैकल्पिक मार्ग तैयार कर नए भवन में कक्षाएं शुरू होने से छात्राएं खुश हैं। प्रधानाचार्य एसके पाठक का कहना है कि दूसरे व तीसरे वर्ष की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। प्रथम वर्ष में अभी प्रवेश की प्रक्रिया बड़कोट में ही चल रही हैं।
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