{"_id":"071245463f8df1f2407ee8585284f289","slug":"uttarakhand-floods-104","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम पर लगा उपेक्षा का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम पर लगा उपेक्षा का आरोप
यशवंत बडियारी
Updated Wed, 31 Jul 2013 10:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का आपदा के बाद पिंडरघाटी का दौरा खराब मौसम के कारण चार बार निरस्त हो चुका है। दूरस्थ क्षेत्रों से आए लोगों को सीएम के न आने से जहां चौथी बार निराशा हाथ लगी, वहीं आपदा राहत के कार्य भी व्यापक रुप से प्रभावित हुए।
विज्ञापन
आपदाग्रस्त क्षेत्रों में सीएम तो नहीं पहुंच पाए लेकिन जिला और तहसील स्तर के अधिकारियों का रेला जरूर घाटी में पहुंचा।
मौसम खराबी के कारण रद्द करना पड़ा दौरा
मंगलवार को भी मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का ग्वालदम, देवाल का भ्रमण मौसम खराबी के कारण रद्द करना पड़ा। सोमवार को भी यही स्थिति रही। जबकि इससे पूर्व 12 और 13 जुलाई को भी मौसम दगा दे गया। लाखों उम्मीदें लेकर आए दूरस्थ गांवों के प्रभावित लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। दूरस्थ गांव झलिया से देवाल पहुंचे भागचंद, सोरीगाड के बलवंत सिंह ने कहा कि लोगों की मदद तो दूर सरकार जनता का मजाक उड़ा रही है।
विज्ञापन
देखें, उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज
सीएम और अधिकारी यहां पहुंचने में भी कतरा रहे हैं। बलाण के बुद्धिराम, हिमनी के काम सिंह और ओडर के राजेंद्र सिंह का कहना था कि उनके गांवों का ब्लाक मुख्यालय सहित नजदीकी बाजारों से संपर्क कटा हुआ है। हेलीकॉप्टर से एक बार ही राहत पहुंचाई गई, लेकिन उसके बाद से किसी ने गांवों की सुध नहीं ली। सीएम मौसम का बहाना बनाकर पीछे हट रहे हैं।
विज्ञापन
आपदा ने मुश्किलें बढ़ा दी
चौड गांव के खुशाल सिंह ने कहा कि आपदा ने जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लापरवाह शासन और प्रशासन के चलते अब लोगों का जीना भी मुश्किल हो गया है। अपने घरों के काम छोड़कर लोग देवाल पहुंचे, लेकिन हर बार सुनने को मिला कि मौसम खराब होने से सीएम नहीं आ रहे हैं।
खबर पर राय देने के लिए क्लिक करें