{"_id":"61e532b2891a40356c7b8ffd","slug":"uttarakhand-election-2022-read-latest-uttarakhand-political-news-assembly-polls-updates-bjp-congress","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand Election 2022 : उत्तराखंड में क्या है सियासी हलचल? एक क्लिक में पढ़िए प्रदेश की राजनीति से जुड़ी हर खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand Election 2022 : उत्तराखंड में क्या है सियासी हलचल? एक क्लिक में पढ़िए प्रदेश की राजनीति से जुड़ी हर खबर
Mon, 17 Jan 2022 07:57 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Mon, 17 Jan 2022 07:57 PM IST
सार
Uttarakhand Assembly Election 2022: उत्तराखंड में 14 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। 21 जनवरी को अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। 28 जनवरी को नामांकन की आखिरी तारीख है। 29 जनवरी को नामांकन की स्क्रूटनी होगी और 31 जनवरी तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 14 फरवरी को पूरे प्रदेश में वोट डाले जाएंगे। इसके नतीजे 10 मार्च को आएंगे।
विज्ञापन
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चुनाव नजदीक आते ही उत्तराखंड में राजनीतिक उठापठक तेज हो गई है। चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। नेताओं के दल बदलने का सिलसिला भी जारी है। प्रदेश में सियासी पारा हाई है। राजनीतिक नेताओं की बयानबाजी और गुटबाजी भी तेजी से सामने आने लगी है। ऐसे में क्या है उत्तराखंड में राजनीतिक हलचल? एक क्लिक में पढ़िए प्रदेश चुनाव से जुड़ी सारी खबरें...
1. कांग्रेस को झटका, भाजपा में शामिल हुईं महिला कांग्रेस अध्यक्ष
उत्तराखंड में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। नैनीताल से पूर्व विधायक और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य अपने बगावती सुर के बाद अब भाजपा में शामिल हो गईं हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने उन्हें सोमवार को देहरादून में पार्टी की सदस्यता दिलवाई। उनके साथ ही कांग्रेस महिला प्रदेश उपाध्यक्ष रेखा बोरा गुप्ता और वंदना गुप्ता भी भाजपा में शामिल हो गईं। पढ़ें पूरी खबर...
2. तो यहां से चुनाव लड़ेंगे हरक...
भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे डॉ. हरक सिंह रावत को लेकर जिस तरह की खबरें आ रही हैं, उससे साफ है कि उनका अगला पड़ाव कांग्रेस पार्टी ही होगी। माना जा रहा है कि कांग्रेस में शामिल होने के बाद डॉ. हरक सिंह रावत डोईवाला से चुनाव लड़ सकते हैं। जबकि पहले से तैयारी कर रहे और पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को रायपुर सीट पर शिफ्ट किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
3. भाजपा और कांग्रेस में दिल्ली से देहरादून तक टिकट की सियासत गर्म
उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के टिकटों को लेकर रविवार को दिल्ली से देहरादून तक सियासी माहौल गरम हो गया। भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने संभावित प्रत्याशियों की सूची आलाकमान को भेज चुके हैं। दिल्ली में रविवार को भाजपा केंद्रीय नेतृत्व और कांग्रेस की बैठकों का दौर देर रात तक जारी था। हालांकि रविवार को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक नहीं हो पाई। पढ़ें पूरी खबर...
4. हरीश रावत का बड़ा बयान
हरक सिंह रावत को भाजपा के निकाले जाने के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत का बड़ा बयान सामने आया है। हरीश रावत ने कहा है कि अगर हरक सिंह रावत अपनी कांग्रेस छोड़ने की गलती मान लेते हैं तो पार्टी में उनका स्वागत है। पढ़िए पूरी खबर...
5. हरक सिंह रावत के कांग्रेस में जाने से किसे होगा फायदा ?
तमाम अटकलों के बीच हरक सिंह रावत ने स्वयं यह साफ कर दिया है कि अब वे कांग्रेस में जा रहे हैं और कांग्रेस में रहकर उत्तराखंड को विकास के रास्ते पर आगे ले जाएंगे। वे कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। इस कद्दावर नेता के पाला बदलने से उत्तराखंड की दर्जन भर से ज्यादा सीटों पर समीकरण बदल जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर...
6. प्रदेश की राजनीति में सबसे हॉट सीट बनी श्रीनगर विधान सभा
गढ़ नरेश की राजधानी, लोक संस्कृति का संवाहक व एजुकेशन हब श्रीनगर उत्तराखंड राज्य बनने के बाद विधान सभा के रुप में अस्तित्व में आया। प्रदेश में हुए विगत चार विधान सभा चुनावों में यहां बारी-बारी से भाजपा व कांग्रेस की झोली में जीत की खुशियां आई हैं। यह सीट 2002 व 2007 में अनुजाति आरक्षित सीट रही। जबकि 2012 से यह सामान्य सीट है। पढ़ें पूरी खबर...
7. यमुनोत्री में पार्टी छोड़ प्रत्याशी के व्यक्तित्व को मिली तरजीह
यमुनोत्री विधानसभा का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है। यह सीट राज्य गठन के बाद ही अस्तित्व में आई। हिमालय की सदानीरा यमुना नदी के उद्गम स्थल व चार धामों में पहले यमुनोत्री धाम की मौजूदगी के चलते इस सीट का महत्व काफी बढ़ जाता है। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
1. कांग्रेस को झटका, भाजपा में शामिल हुईं महिला कांग्रेस अध्यक्ष
उत्तराखंड में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। नैनीताल से पूर्व विधायक और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य अपने बगावती सुर के बाद अब भाजपा में शामिल हो गईं हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने उन्हें सोमवार को देहरादून में पार्टी की सदस्यता दिलवाई। उनके साथ ही कांग्रेस महिला प्रदेश उपाध्यक्ष रेखा बोरा गुप्ता और वंदना गुप्ता भी भाजपा में शामिल हो गईं। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
2. तो यहां से चुनाव लड़ेंगे हरक...
भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे डॉ. हरक सिंह रावत को लेकर जिस तरह की खबरें आ रही हैं, उससे साफ है कि उनका अगला पड़ाव कांग्रेस पार्टी ही होगी। माना जा रहा है कि कांग्रेस में शामिल होने के बाद डॉ. हरक सिंह रावत डोईवाला से चुनाव लड़ सकते हैं। जबकि पहले से तैयारी कर रहे और पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को रायपुर सीट पर शिफ्ट किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
3. भाजपा और कांग्रेस में दिल्ली से देहरादून तक टिकट की सियासत गर्म
उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के टिकटों को लेकर रविवार को दिल्ली से देहरादून तक सियासी माहौल गरम हो गया। भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने संभावित प्रत्याशियों की सूची आलाकमान को भेज चुके हैं। दिल्ली में रविवार को भाजपा केंद्रीय नेतृत्व और कांग्रेस की बैठकों का दौर देर रात तक जारी था। हालांकि रविवार को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक नहीं हो पाई। पढ़ें पूरी खबर...
4. हरीश रावत का बड़ा बयान
हरक सिंह रावत को भाजपा के निकाले जाने के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत का बड़ा बयान सामने आया है। हरीश रावत ने कहा है कि अगर हरक सिंह रावत अपनी कांग्रेस छोड़ने की गलती मान लेते हैं तो पार्टी में उनका स्वागत है। पढ़िए पूरी खबर...
5. हरक सिंह रावत के कांग्रेस में जाने से किसे होगा फायदा ?
तमाम अटकलों के बीच हरक सिंह रावत ने स्वयं यह साफ कर दिया है कि अब वे कांग्रेस में जा रहे हैं और कांग्रेस में रहकर उत्तराखंड को विकास के रास्ते पर आगे ले जाएंगे। वे कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। इस कद्दावर नेता के पाला बदलने से उत्तराखंड की दर्जन भर से ज्यादा सीटों पर समीकरण बदल जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर...
6. प्रदेश की राजनीति में सबसे हॉट सीट बनी श्रीनगर विधान सभा
गढ़ नरेश की राजधानी, लोक संस्कृति का संवाहक व एजुकेशन हब श्रीनगर उत्तराखंड राज्य बनने के बाद विधान सभा के रुप में अस्तित्व में आया। प्रदेश में हुए विगत चार विधान सभा चुनावों में यहां बारी-बारी से भाजपा व कांग्रेस की झोली में जीत की खुशियां आई हैं। यह सीट 2002 व 2007 में अनुजाति आरक्षित सीट रही। जबकि 2012 से यह सामान्य सीट है। पढ़ें पूरी खबर...
7. यमुनोत्री में पार्टी छोड़ प्रत्याशी के व्यक्तित्व को मिली तरजीह
यमुनोत्री विधानसभा का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है। यह सीट राज्य गठन के बाद ही अस्तित्व में आई। हिमालय की सदानीरा यमुना नदी के उद्गम स्थल व चार धामों में पहले यमुनोत्री धाम की मौजूदगी के चलते इस सीट का महत्व काफी बढ़ जाता है। पढ़ें पूरी खबर...