फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Zeenat and Ruby became in search of help

प्रधानी की चाह में बन गईं जीनत और रूबी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 19 Sep 2019 12:25 AM IST
विज्ञापन
Zeenat and Ruby became in search of help
काशीपुर। प्रधान बनने की चाह में अनुसूचित जाति की दो महिलाएं मुस्लिमों से निकाह रचाने के बाद जीनत और रुबी बन गईं। अपने पैतृक गांवों की मतदाता सूचियों से नाम निरस्त कराकर इन दोनों ने काशीपुर की गुलड़िया ग्रामसभा की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। प्रशासन इनके आवेदन पत्रों की जांच कर रहा है। फिलहाल मतदाता सूची में इन महिलाओं का नाम शामिल नहीं किया जा सका है। इससे पहले भी बाजपुर में ऐसा ही एक मामला सामने आ चुका है।
विज्ञापन

काशीपुर खंड विकास क्षेत्र की गुलड़िया ग्रामसभा में प्रधान पद इस बार एससी महिला के लिए आरक्षित है। इस ग्राम सभा में कुल 1725 मतदाता हैं, जबकि सिर्फ 38 मतदाता दलित समाज से हैं। अल्पसंख्यक बहुल गांव में प्रधानी का पद आरक्षित होने के बाद चुनाव की तैयारी में लंबे समय से जुटे दावेदारों की हसरतों पर पानी फिर गया, लेकिन प्रधानी के पद की चाह में दो परिवारों ने बड़ा दांव चल दिया। गुलड़िया में निवर्तमान प्रधान महिला है। प्रधान पति की उम्र 55 के पार है। उनके पुत्र वारिस ने एमबीबीएस कर रखा है। एक वर्ष पूर्व परिजनों ने अपनी ही बिरादरी में उसका रिश्ता तय कर दिया था।
विज्ञापन

निवर्तमान प्रधान के पति पर सियासी जुनून इस कदर हावी है कि प्रधानी घर में बरकरार रखने के लिए उसने अपने पुत्र वारिस का निकाह छह सितंबर को चांदपुर (मुरादाबाद) निवासी युवती से करा दिया। 09 सितंबर को उनका विवाह उप निबंधक कार्यालय में पंजीकृत भी हो गया। वारिस से निकाह करने वाली एससी युवती भी स्नातक है और निजी अस्पताल में नर्स है। निकाह के बाद जीनत बन चुकी इस युवती ने अपने पैतृक गांव की मतदाता सूची से नाम कटवाकर ग्राम गुलड़िया की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी गांव में रिफाकत भी कई माह से प्रधान पद की दावेदारी में जुटा था। रिफाकत दो बच्चों का पिता है। चुनाव लड़ने के लिए पत्नी के विरोध के बावजूद उसने भी एक एससी महिला से निकाह कर लिया। यह महिला सेहल, मुरादाबाद की रहने वाली है। उसका विवाह काशीपुर के ही एक गांव में हुआ था। वह भी मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में कार्यरत है। चुनाव लड़ने के लिए इस महिला ने अपने पति को छोड़ दिया। इस जोड़े ने भी अपना निकाह उपनिबंधक कार्यालय में पंजीकृत कराया है। निकाह के बाद उसने अपना नाम बदलकर रूबी कर लिया है। इन दोनों महिलाओं ने अपने नाम गुलड़िया की मतदाता सूची में जोड़ने के लिए आवेदन किया है।
एसडीएम ने खंड विकास अधिकारी को इन आवेदनों पर जांच के आदेश दिए हैं। ग्राम विकास सचिव ने अपनी जांच रिपोर्ट में सूची में नए नाम जोड़ने पर विवाद की आशंका जताई है। फिलहाल उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो सके है।
खंड विकास अधिकारी दिनेश जोशी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की अंतिम तिथि 13 सितंबर थी। अब इन आवेदनों पर कार्रवाई संभव नहीं है।
उपजिलाधिकारी सुंदर सिंह तोमर ने कहा कि ग्राम गुलड़िया में दो एससी महिलाओं ने मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए आवेदन दिए हैं। इस मामले में खंड विकास अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। मतदाता सूची में नाम शामिल करने की अवधि समाप्त हो चुकी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह प्रकरण राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दिया जाएगा।

निकाह में मेहर की राशि महज 5-5 हजार
काशीपुर। दोनों महिलाओं के निकाह में मेहर की रकम सिर्फ पांच-पांच हजार रुपये तय की गई है। मेहर की राशि बहुत कम होने को लेकर दोनों पक्षों के बीच लेन-देन की अफवाहें भी जोरों पर हैं। चर्चा यह भी है कि दस्तावेजी खानापूर्ति के लिए ही इस तरह के रिश्ते का दिखावा किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed