युवा संवाद: सीएम धामी ने 360 छात्र-छात्राओं से कहा- भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, शिकायत के लिए दिए 1064 नंबर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के सनातन धर्मशाला स्थित सोबन सिंह जीना सभागार में 18 विद्यालयों के 360 छात्र-छात्राओं के साथ युवा समकालिक संवाद किया।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को सनातन धर्मशाला खटीमा परिसर स्थित एक विद्यालय के सोबन सिंह जीना सभागार में आयोजित युवा समकालिक संवाद में शामिल हुए। कार्यक्रम में 18 विद्यालयों के करीब 360 छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने युवाओं और छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि कोई कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है या अनुचित दबाव बनाता है तो टोल फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है और प्राप्त शिकायतों पर विशेष टीमों की ओर से त्वरित जांच की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त होनी चाहिए।
अपने विजन को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे ऐसा उत्तराखंड देखना चाहते हैं, जहां युवाओं को शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए पलायन न करना पड़े। राज्य में ही स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर तेजी से काम चल रहा है। उत्तराखंड की प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के पास समृद्ध हिमालयी पर्वत श्रृंखलाएं, नदियां, वन, कृषि संसाधन और उत्कृष्ट संस्थान मौजूद हैं।
इस दौरान दायित्वधारी मोहिनी पोखरिया, गंभीर सिंह धामी, किशन सिंह किन्ना, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टूरना, वरुण अग्रवाल, नीरज वर्मा, प्रेम सिंह राणा आदि मौजूद रहे।
छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री से पूछे रोजगार और विकास से जुड़े सवाल
सनातन धर्मशाला खटीमा परिसर स्थित विद्यालय के सोबन सिंह जीना सभागार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को युवाओं के सवालों के जवाब दिए। छात्र-छात्राओं ने सीएम से रोजगार और विकास से जुड़े सवाल पूछे।
छात्रा आल्या के सवाल, सरकार सीमांत जिलों के लिए क्या कर रही है, का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास और वहां के निवासियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की ओर से वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत बिजली, पेयजल, पक्की सड़कों, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों से होने वाले पलायन को रोकने के लिए सरकार का विशेष ध्यान रोजगार सृजन पर है। रोजगार की तलाश में दूर-दराज जाने वाले स्थानीय युवाओं को उनके गांव और घर के पास ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों के लिए विशेष छूट और नई योजनाओं का एलान भी किया जाएगा।
कक्षा 11 की छात्रा रेखा ने पांच अगस्त की आपदा में राहत कार्यों और विकास-पर्यावरण संतुलन पर सवाल किया। इसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के प्राकृतिक योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं को अनुशासित जीवन जीने और सकारात्मक सोच के साथ भविष्य की परीक्षाओं की तैयारी करने का आह्वान किया। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। आगे भी नौकरियों के अवसर लगातार आते रहेंगे।
पर्यटकों की संख्या पर छात्र अब्दुल के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, हवाई सेवाओं और होमस्टे जैसी सुविधाओं के विस्तार से उत्तराखंड में पर्यटन को नई गति मिली है। चंपावत, मुनस्यारी, कौसानी, बेरीनाग, चौकोड़ी, पंचाचूली और आदि कैलाश जैसे क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटकों के बेहतर स्वागत, साफ-सुथरी सुविधाओं और आतिथ्य पर विशेष ध्यान दे रही है, जिससे राज्य में आने वाले पर्यटक बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का ही परिणाम है कि प्रदेश में पर्यटकों की वार्षिक संख्या बढ़कर सात से आठ करोड़ के पार पहुंच गई है।
संवाद कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, विकास व पर्यावरण संरक्षण, साइंस एंड टेक्नोलॉजी और आपदा प्रबंधन विषयों पर प्रश्न पूछे।