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Udham Singh Nagar News: चिंताजनक... सड़कों पर हादसों ने छीना सुकून, बढ़ गया खतरा
Sat, 20 Dec 2025 01:03 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 20 Dec 2025 01:03 AM IST
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काशीपुर। उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ साल दर साल बढ़ता जा रहा है। इसमें कोहरा और अन्य कारण भी शामिल है। जागरूकता और चेकिंग अभियान के बावजूद सड़क हादसों की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। ऐसे में सैकड़ों लोग हर वर्ष अपनी जान गवां दे रहे हैं। वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या 917 पहुंच चुकी है। वहीं, सड़क हादसों के मामले 1600 तक पहुंच गए हैं जोकि पिछले वर्ष से काफी ज्यादा हैं।
उत्तराखंड पुलिस विभाग से मिली जानकारी अनुसार प्रदेश में वर्ष 2024 में 1311 सड़क दुर्घटनाएं हुईं थीं जोकि 2025 में बढ़कर 1369 हो गईं। वहीं जान गंवाने वालों की संख्या 2024 में 770 थी जोकि अब 917 हो गई है।
पिछले वर्ष के मुकाबले घायलों की संख्या 1145 से बढ़कर 1600 हो गईं हैं। पुलिस व यातायात विभाग के तमाम चेकिंग व जागरूकता अभियान के बावजूद सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में गिरावट नहीं आ रही है।
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यहां बढ़ीं दुर्घटनाएं
रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, पौड़ी, अल्मोड़ा में सड़क दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। पिथौरागढ़, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून में सड़क हादसों में मृतक की संख्या बढ़ी है। वहीं, नैनीताल, बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, चमोली, टिहरी, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी में पिछले वर्ष की अपेक्षा घायलों की संख्या बढ़ी है।
सड़क हादसों का कारण
वाहन चालक यातायात नियमों को ठेंगा दिखाकर मार्ग पर फर्राटा भरते हैं। शराब पीकर वाहन चलाना, ओवरस्पीडिंग करना और गलत तरीके से वाहन चलाने से अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इन हादसों में कई लोग जान भी गवां देते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी बढ़ते हादसों में कमी लाने के लिए संबंधित विभाग को जरूरी कदम उठाने के आदेश भी दिए हैं। इसकी रोकथाम के लिए मुख्य सचिव ने सड़क हादसे की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने, ओवरस्पीड कम करने और रेड लाइट जंपिंग करने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके हादसों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
दुर्घटनाओं में घायल और मृतकों की संख्या
जनपद दुर्घटनाएं 2024-25 मृतकों की संख्या 2024-25 घायलों की संख्या 2024-25
उत्तरकाशी 13-16 15-12 38-65
टिहरी 44-45 31-42 59-104
चमोली 14-35 9-29 22-50
रुद्रप्रयाग 09-27 21-33 29-40
पौड़ी 22-31 21-22 44-69
देहरादून 397-326 145-172 344-327
हरिद्वार 341-296 217-202 278-303
नैनीताल 118-207 94-120 84-287
यूएस नगर 295-305 189-216 203-244
अल्मोड़ा 17-23 8-13 12-29
पिथौरागढ़ 18-29 3-32 30-52
चंपावत 19-17 13-12 19-22
बागेश्वर 4-12 4-12 3-10
वर्जन
सड़क हादसों की रोकथाम के लिए वाहनों में रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं। लाल कपड़ा खरीदकर गन्ने की ट्रॉलियों और अन्य वाहनों को दिया जा रहा है। लगातार चेकिंग की जा रही है। यह दल हर महीने करीब ढ़ाई हजार वाहनों पर कार्रवाई करते हैं। एएनपीआर कैमरे भी चालान कर रहे हैं। - संदीप वर्मा, एआरटीओ प्रवर्तन, काशीपुर
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उत्तराखंड पुलिस विभाग से मिली जानकारी अनुसार प्रदेश में वर्ष 2024 में 1311 सड़क दुर्घटनाएं हुईं थीं जोकि 2025 में बढ़कर 1369 हो गईं। वहीं जान गंवाने वालों की संख्या 2024 में 770 थी जोकि अब 917 हो गई है।
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पिछले वर्ष के मुकाबले घायलों की संख्या 1145 से बढ़कर 1600 हो गईं हैं। पुलिस व यातायात विभाग के तमाम चेकिंग व जागरूकता अभियान के बावजूद सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में गिरावट नहीं आ रही है।
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यहां बढ़ीं दुर्घटनाएं
रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, पौड़ी, अल्मोड़ा में सड़क दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। पिथौरागढ़, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून में सड़क हादसों में मृतक की संख्या बढ़ी है। वहीं, नैनीताल, बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, चमोली, टिहरी, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी में पिछले वर्ष की अपेक्षा घायलों की संख्या बढ़ी है।
सड़क हादसों का कारण
वाहन चालक यातायात नियमों को ठेंगा दिखाकर मार्ग पर फर्राटा भरते हैं। शराब पीकर वाहन चलाना, ओवरस्पीडिंग करना और गलत तरीके से वाहन चलाने से अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इन हादसों में कई लोग जान भी गवां देते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी बढ़ते हादसों में कमी लाने के लिए संबंधित विभाग को जरूरी कदम उठाने के आदेश भी दिए हैं। इसकी रोकथाम के लिए मुख्य सचिव ने सड़क हादसे की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने, ओवरस्पीड कम करने और रेड लाइट जंपिंग करने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके हादसों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
दुर्घटनाओं में घायल और मृतकों की संख्या
जनपद दुर्घटनाएं 2024-25 मृतकों की संख्या 2024-25 घायलों की संख्या 2024-25
उत्तरकाशी 13-16 15-12 38-65
टिहरी 44-45 31-42 59-104
चमोली 14-35 9-29 22-50
रुद्रप्रयाग 09-27 21-33 29-40
पौड़ी 22-31 21-22 44-69
देहरादून 397-326 145-172 344-327
हरिद्वार 341-296 217-202 278-303
नैनीताल 118-207 94-120 84-287
यूएस नगर 295-305 189-216 203-244
अल्मोड़ा 17-23 8-13 12-29
पिथौरागढ़ 18-29 3-32 30-52
चंपावत 19-17 13-12 19-22
बागेश्वर 4-12 4-12 3-10
वर्जन
सड़क हादसों की रोकथाम के लिए वाहनों में रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं। लाल कपड़ा खरीदकर गन्ने की ट्रॉलियों और अन्य वाहनों को दिया जा रहा है। लगातार चेकिंग की जा रही है। यह दल हर महीने करीब ढ़ाई हजार वाहनों पर कार्रवाई करते हैं। एएनपीआर कैमरे भी चालान कर रहे हैं। - संदीप वर्मा, एआरटीओ प्रवर्तन, काशीपुर