{"_id":"5df28b048ebc3e87e75c0ce1","slug":"work-fast-on-13-district-13-destination-officer-maharaj-kashipur-news-hld365333466","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन’ पर तेजी से काम करें अधिकारी : महाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन’ पर तेजी से काम करें अधिकारी : महाराज
विज्ञापन
काशीपुर में गिरीताल सरोवर का निरीक्षण करते पर्यटन मंत्री।
- फोटो : KASHIPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशीपुर। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड में ‘13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन’ के तहत नए पर्यटक स्थलों को विकसित करने के लिए शुरू की गई योजना की समीक्षा की। उन्होंने डेस्टिनेशन की थीम के आधार पर सभी जिलों में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। पर्यटन मंत्री ने कहा कि इस योजना में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बुधवार को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने पर्यटन सचिव डॉ. दिलीप जावलकर की मौजूदगी में कुमाऊं और गढ़वाल मंडल विकास निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। पर्यटन मंत्री ने बताया कि इस योजना में डीपीआर तैयार करने समेत अन्य कार्यों के लिए जिलों को 50-50 लाख रुपये की राशि अवमुक्त कर दी है। उन्होंने जिलेवार डेस्टिनेशन के कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
कई जिलों के अधिकारियों को फटकार लगाई कि पिछली समीक्षा बैठक में उनके दिए निर्देशों का पालन नहीं हुआ। बताया कि नैनीताल के सड़ियाताल में हैलीपेड के लिए स्थान चिह्नित कर लिया है। भूमि हस्तांतरण के लिए अनुमति ली जा रही है। कहा उत्तराखंड के टूरिज्म में ग्रामीण परिवेश को विकसित किया जाए।
विज्ञापन
डेस्टिनेशन को लेकर प्रचार-प्रसार में वहीं के दृश्यों को प्रदर्शित किया जाए। होम स्टे व धार्मिक टूरिज्म पर खास ध्यान दिया जाए। उन्होंने तय अवधि में डीपीआर भेजकर शासन से वित्तीय मंजूरी लेने को कहा। ताकि पर्यटन की दृष्टि से ऊधमसिंह नगर समृद्ध हो सके।
डीएम ने प्रोजेक्टर से समझाई डेस्टिनेशन की कार्ययोजना
काशीपुर। पर्यटन मंत्री की समीक्षा बैठक में डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने प्रोजेक्टर के माध्यम से द्रोणासागर, गोविषाण टीले और हरिपुर बौर जलाशय को विकसित करने के लिए तैयार प्रोजेक्ट सामने रखे। बताया कि द्रोणासागर को पुनर्जीवित करने के साथ ही ऐतिहासिक महत्व के गोविषाण टीले को संवारा जाएगा। यहां पर्यटकों को दिनभर ठहरने की अनुमति रहेगी।
चैती परिसर स्थित मां बाल सुंदरी देवी मंदिर के पास बुक्सा जनजाति के लिए म्यूजियम, शापिंग एवं फूड एरिया, किड्स जोन व सेंट्रल पार्क विकसित किया जाएगा। डीएम ने बताया कि डेस्टिनेशन को विकसित करने के लिए सिंचाई विभाग की मदद से कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है। हरिपुरा बोर जलाशय को जलक्रीड़ा की थीम पर विकसित कर पीपी मोड में दिया जाएगा।
पर्यटन विकास में आईआईएम ने रखा सहयोग का प्रस्ताव
काशीपुर। समीक्षा बैठक में आईआईएम के निदेशक कुलभूषण बलूनी ने पर्यटन मंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखा कि राज्य के पर्यटन विकास में उनका संस्थान पूरी तरह से सहयोग करने को तैयार है।
आईआईएम के द्वारा 73 लोगों ने अपना स्टार्टअप शुरू किया है। पर्यटन, होटल मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट तैयार करने व डेस्टीनेशन के प्रचार प्रसार में आईआईएम अहम भूमिका अदा कर सकता है। एकीकृत बाजार के क्षेत्र में देशभर में काशीपुर के आईआईएम का दूसरा स्थान है। उन्होंने एस्कोर्ट फार्म में हैलीपेड बनाने का भी सुझाव रखा।
विधायक की मांग पर गिरी सरोवर व गुरुद्वारे डेस्टिनेशन योजना में शामिल
काशीपुर। विधायक हरभजन सिंह चीमा के अनुरोध पर पर्यटन मंत्री ने गिरी सरोवर को भी डेस्टिनेशन योजना में शामिल करने पर सहमति दी है। पर्यटन मंत्री ने मानचित्र के साथ प्रस्ताव भेजने को कहा। विधायक चीमा ने टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तहत उत्तराखंड के सभी गुरुद्वारों को आपस में जोड़ने का सुझाव दिया।
इस पर पर्यटन मंत्री ने राज्य के पर्यटन सचिव जावलकर को उत्तराखंड के गुरुद्वारों पांवटा साहिब, ननकाना साहिब, नानकमत्ता साहिब और रीठा साहिब को इस योजना में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोविषाण क्षेत्र में एक सेंट्रल पार्क के निर्माण पर सहमति जताई। पर्यटन मंत्री ने मोटेश्वर महादेव व बाल सुंदरी देवी मंदिर में भी दर्शन किए।
बाद में पर्यटन मंत्री महाराज पूर्व सांसद स्व. सत्येंद्र चंद्र गुड़िया के आवास पर भी पहुंचे। वहां उन्होंने विमला गुड़िया और डॉ. दीपिका गुड़िया से भेंटकर उनके परिवार की कुशल क्षेम पूछी। इस मौके पर महापौर ऊषा चौधरी के अलावा कुमाऊं एवं गढ़वाल मंडल विकास निगम के अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
बुधवार को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने पर्यटन सचिव डॉ. दिलीप जावलकर की मौजूदगी में कुमाऊं और गढ़वाल मंडल विकास निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। पर्यटन मंत्री ने बताया कि इस योजना में डीपीआर तैयार करने समेत अन्य कार्यों के लिए जिलों को 50-50 लाख रुपये की राशि अवमुक्त कर दी है। उन्होंने जिलेवार डेस्टिनेशन के कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
विज्ञापन
कई जिलों के अधिकारियों को फटकार लगाई कि पिछली समीक्षा बैठक में उनके दिए निर्देशों का पालन नहीं हुआ। बताया कि नैनीताल के सड़ियाताल में हैलीपेड के लिए स्थान चिह्नित कर लिया है। भूमि हस्तांतरण के लिए अनुमति ली जा रही है। कहा उत्तराखंड के टूरिज्म में ग्रामीण परिवेश को विकसित किया जाए।
विज्ञापन
डेस्टिनेशन को लेकर प्रचार-प्रसार में वहीं के दृश्यों को प्रदर्शित किया जाए। होम स्टे व धार्मिक टूरिज्म पर खास ध्यान दिया जाए। उन्होंने तय अवधि में डीपीआर भेजकर शासन से वित्तीय मंजूरी लेने को कहा। ताकि पर्यटन की दृष्टि से ऊधमसिंह नगर समृद्ध हो सके।
डीएम ने प्रोजेक्टर से समझाई डेस्टिनेशन की कार्ययोजना
काशीपुर। पर्यटन मंत्री की समीक्षा बैठक में डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने प्रोजेक्टर के माध्यम से द्रोणासागर, गोविषाण टीले और हरिपुर बौर जलाशय को विकसित करने के लिए तैयार प्रोजेक्ट सामने रखे। बताया कि द्रोणासागर को पुनर्जीवित करने के साथ ही ऐतिहासिक महत्व के गोविषाण टीले को संवारा जाएगा। यहां पर्यटकों को दिनभर ठहरने की अनुमति रहेगी।
चैती परिसर स्थित मां बाल सुंदरी देवी मंदिर के पास बुक्सा जनजाति के लिए म्यूजियम, शापिंग एवं फूड एरिया, किड्स जोन व सेंट्रल पार्क विकसित किया जाएगा। डीएम ने बताया कि डेस्टिनेशन को विकसित करने के लिए सिंचाई विभाग की मदद से कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है। हरिपुरा बोर जलाशय को जलक्रीड़ा की थीम पर विकसित कर पीपी मोड में दिया जाएगा।
पर्यटन विकास में आईआईएम ने रखा सहयोग का प्रस्ताव
काशीपुर। समीक्षा बैठक में आईआईएम के निदेशक कुलभूषण बलूनी ने पर्यटन मंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखा कि राज्य के पर्यटन विकास में उनका संस्थान पूरी तरह से सहयोग करने को तैयार है।
आईआईएम के द्वारा 73 लोगों ने अपना स्टार्टअप शुरू किया है। पर्यटन, होटल मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट तैयार करने व डेस्टीनेशन के प्रचार प्रसार में आईआईएम अहम भूमिका अदा कर सकता है। एकीकृत बाजार के क्षेत्र में देशभर में काशीपुर के आईआईएम का दूसरा स्थान है। उन्होंने एस्कोर्ट फार्म में हैलीपेड बनाने का भी सुझाव रखा।
विधायक की मांग पर गिरी सरोवर व गुरुद्वारे डेस्टिनेशन योजना में शामिल
काशीपुर। विधायक हरभजन सिंह चीमा के अनुरोध पर पर्यटन मंत्री ने गिरी सरोवर को भी डेस्टिनेशन योजना में शामिल करने पर सहमति दी है। पर्यटन मंत्री ने मानचित्र के साथ प्रस्ताव भेजने को कहा। विधायक चीमा ने टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तहत उत्तराखंड के सभी गुरुद्वारों को आपस में जोड़ने का सुझाव दिया।
इस पर पर्यटन मंत्री ने राज्य के पर्यटन सचिव जावलकर को उत्तराखंड के गुरुद्वारों पांवटा साहिब, ननकाना साहिब, नानकमत्ता साहिब और रीठा साहिब को इस योजना में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोविषाण क्षेत्र में एक सेंट्रल पार्क के निर्माण पर सहमति जताई। पर्यटन मंत्री ने मोटेश्वर महादेव व बाल सुंदरी देवी मंदिर में भी दर्शन किए।
बाद में पर्यटन मंत्री महाराज पूर्व सांसद स्व. सत्येंद्र चंद्र गुड़िया के आवास पर भी पहुंचे। वहां उन्होंने विमला गुड़िया और डॉ. दीपिका गुड़िया से भेंटकर उनके परिवार की कुशल क्षेम पूछी। इस मौके पर महापौर ऊषा चौधरी के अलावा कुमाऊं एवं गढ़वाल मंडल विकास निगम के अधिकारी मौजूद थे।

काशीपुर में अधिकारियों की बैठक लेते पर्यटन मंत्री। - फोटो : KASHIPUR