फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Woman digitally arrested for seven days, Rs 7.88 lakh extorted

Udham Singh Nagar News: सात दिन तक महिला को किया डिजिटल अरेस्ट, 7.88 लाख रुपये हड़पे

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2025 12:16 AM IST
विज्ञापन
Woman digitally arrested for seven days, Rs 7.88 lakh extorted
रुद्रपुर। डिजिटल अरेस्ट से ठगी के मामले थम नहीं रहे हैं। साइबर ठग ने फर्जी इंस्पेक्टर बनकर एक महिला को सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। ठग ने इनकम टैक्स की तरफ से मनी लॉन्ड्रिंग का फर्जी नोटिस दिखाकर डराया और फिर सुप्रीम कोर्ट के फर्जी दस्तावेज भेजकर झांसे में लिया। पीड़िता को बेंगलूरू में उसके खिलाफ ह्यूमन ट्रैफिकिंग की 18 प्राथमिकी दर्ज होने की बात कही गई। साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
विज्ञापन

रुद्रपुर के एक पॉश कालोनी में रहने वाली श्वेता ने पुलिस को बताया कि चार अक्तूबर को उसके व्हाटसएप पर अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। कॉलर ने खुद को गांधीनगर पुलिस स्टेशन का इंस्पेक्टर संदीप राव बताया था। कॉलर ने महिला से कहा कि उसने बेंगलूरू के आरआर नगर स्थित दुकान नंबर 771 को दो जनवरी को किराये पर लिया था। यहां से महिलाओं को गलत काल की जा रही है। उसे व्हाटसएप चैट से इनकम टैक्स की तरफ से उनके नाम के मनी लॉन्ड्रिंग के नोटिस भेजे गए। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के अन्य फर्जी दस्तावेज भी भेजे गए।
विज्ञापन

महिला ने किसी नंबर से उसका संपर्क नहीं होने की बात की तो ठग ने आधार कार्ड आईडी पर उनका नंबर दर्ज होने की बात कही। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में ह्यूमन ट्रैफिकिंग के 13 मामले दर्ज होने की बात कही गई। यह भी कहा गया कि उसके खाते में गलत ढंग से रुपये आए हैं और इसकी सीबीआई जांच कर रही है। ठग ने उन्हें कमरे में डिजिटल अरेस्ट कर बताए गए खाते में रकम डलवानी शुरू कर दी और जांच के बाद रुपये वापस आने की बात कही। इस दौरान ठग इंस्पेक्टर की वर्दी पहने हुए था। ठग ने महिला से सात दिन में 7.88 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में डलवा लिए। साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार का कहना है कि अज्ञात ठग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
डिजिटल अरेस्ट नहीं करती पुलिस व कोई एजेंसी
साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस या दूसरी कोई भी एजेंसी कभी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। अंजान नंबर से फोन आ रहा है तो नंबर को तुरंत ब्लाक कर दें। इसके साथ ही नजदीकी थाना-चौकी में जाकर शिकायत दर्ज कराएं। जागरुक रहने से ठगी से बचा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed