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‘महिलाओं को नहीं होने देंगे घरेलू हिंसा की शिकार’
Thu, 14 Feb 2019 12:46 AM IST
अरुण कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: अरुण कुमार
Updated Thu, 14 Feb 2019 12:46 AM IST
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अपराजिता कार्यक्रम में संकल्प पत्र के साथ बच्चे व प्रबंधन
- फोटो : amar ujala
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अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में बुधवार को ‘महिलाओं को नहीं होने देंगे घरेलू हिंसा का शिकार’ का छात्र-छात्राओं और अध्यापकों ने संकल्प लिया।
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हिंद पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बाल एवं महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. लता जोशी ने कहा कि हरियाणा के लिंगानुपात में लड़कियों का औसत कम है बावजूद इसके विभिन्न खेलों में मेडल हासिल कर उन्होंने दिखाया है वह किसी से कम नहीं हैं।
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इसलिए कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगना चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता चंचला सिंह ने कहा कि सावित्री ही थी, जो कि यमराज से पति के प्राण वापस ले आई थी। उन्होंने घरेलू हिंसा समेत विभिन्न कानूनी जानकारियां दी। स्कूल की छात्रा भारती राना ने भी महिला सशक्तीकरण की बात कही।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रबंधक नीरज कुमार ने कहा कि अमर उजाला की 100 मिलियन स्माइल्स वास्तव में महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला है।
कार्यक्रम में आचार्य नरेंद्र देव विद्यालय और एएनडीएस पीडीएम स्कूूल के बच्चे शामिल हुए। संचालन योगेश चंद्र पांडे ने किया।
इस मौके पर शिखा पांडे, राकेश कुमार मौर्य, शरद राणा, चेतना पांडे, प्रकाश सिंह, कमलेश भट्ट, कमला जोशी, भुवन उपाध्याय, हरीदत्त जोशी, दीपा नेगी, रूबी, रेनू सिंह, पूजा गुलाटी, उपासना बिष्ट, मनीका जोशी, एचडी जोशी आदि थे।
- हां मैं नारी हूं कर लूूं अगर मैं दृढ़ निश्चय तो यमराज पर भारी हूं हां मैं नारी हूं, ओलंपिक में टूट रही थी उम्मीदें जब तब हमने जलवा दिखलाया था, हासिल करके रजत, कांस्य से भारत का मान बढ़ाया था। चाहती हूं तुझे जितना, मत समझो कि हारी हूं, हां मैं नारी हूं। है हौसला जहां बदल दूं धरा से लेकर आसमां बदल दूं, मैं निर्भया हूं देकर जां संविधान बदल दूं, मैं हूं एक अबला प्रबल मत समझो बेचारी हूं हां मैं नारी हूं।
मानसी भट्ट, छात्रा
- महिला सशक्तीकरण का सपना सही मायने में तब पूरा होगा, जब महिलाएं शिक्षित, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी होंगी।
मंजू खन्ना, प्रशासक, हिंद पब्लिक स्कूल
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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम संदेश यह देता है कि अपने स्वाभिमान के लिए महिलाएं चाहे तो उनके लिए कोई भी काम असंभव नहीं है।
पूजा जोशी, शिक्षिका
- अमर उजाला ने अपराजिता के माध्यम से महिलाओं को जागरूक करने का काम किया है। इसमें विद्यार्थियों और अध्यापकों के माध्यम से जो संदेश जनता में पहुंच रहा है वह बेहद कारगर होगा।
शिखा पूनेठा, शिक्षिका