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Udham Singh Nagar News: ये कैसी पुलिसिंग... कुमाऊं में इंस्पेक्टरों की कुर्सियों पर दरोगाओं की ताजपोशी
Wed, 14 Jan 2026 12:56 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 14 Jan 2026 12:56 AM IST
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रुद्रपुर। पुलिस विभाग में मनमानी पोस्टिंग का खेल चल रहा है। वरिष्ठता, अनुभव और पुलिस नियमावली को ताक पर रख इंस्पेक्टर की कुर्सियों पर दरोगाओं की ताजपोशी की गई है। पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट से लेकर ऊधमसिंह नगर के आईटीआई कोतवाली तक यही खेल चल रहा था। नाक बचाने की बारी आई तो आईटीआई थानाध्यक्ष को निलंबित कर इंस्पेक्टर को कुर्सी सौंप दी है। मगर कुमाऊं की 14 कोतवाली अब भी दरोगाओं के हवाले हैं।
काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह जब सिस्टम से लड़ते हुए हार गया तो उसने गौलापार के एक होटल में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मौत से पहले वीडियो जारी कर किसान ने ऊधमसिंह नगर पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। आईटीआई थानाध्यक्ष कुंदन रौतेला पर 30 लाख रुपये लेने का गंभीर आरोप है। असली कारण क्या है यह मजिस्ट्रेटी जांच के बाद सामने आएगा।
बहरहाल, एसएसपी ने थानाध्यक्ष कुंदन रौतेला समेत दो दरोगा और पूरी पैगा चौकी को निलंबित कर दिया है। सुखवंत की आत्महत्या के बाद पुलिस विभाग में नियुक्ति की मनमानी भी सामने आ गई है। इंस्पेक्टर की कुर्सियों पर दरोगाओं को बैठाया गया है।
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कोतवाली में दरोगाओं को बैठाने का कारण ही है कि सुखवंत सिंह इंसाफ मांगता रहा। उसकी सुनने को चौकी और थाने वाले तैयार नहीं हुए। सुखवंत की तरह कई लोग आज भी चौकी-थानों की चौखट पर खड़े हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब कुमाऊं में इंस्पेक्टर के पद व लोग पूरे हैं तो दरोगाओं को कुर्सी पर बैठाने के पीछे मंशा क्या है। चहेतों को पोस्टिंग देकर लूटने की छूट तो नहीं दी जा रही।
ये कोतवाली दरोगाओं के हवाले
पिथौरागढ़- झूलाघाट, मुनस्यारी, गंगोलीहाट, जौलजीवी, बेरीनाग
ऊधमसिंह नगर- नानकमत्ता, पंतनगर
बागेश्वर- बैजनाथ
नैनीताल- काठगोदाम, मुखानी, खन्स्यू, बेतालघाट, तल्लीताल, मुक्तेश्वर
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आईजी ने झाड़ा पल्ला...
आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने कुमाऊं की कोतवाली में दरोगाओं की ताजपोशी के सवाल पर पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने इस संबंध में कुछ भी कहने से मना करते हुए कॉल काट दी जबकि आईजी को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और इंस्पेक्टरों को उनकी कुर्सी मिलनी चाहिए ताकि काशीपुर जैसी घटनाएं फिर न हों।
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नियुक्ति का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में कुमाऊं स्तर के अधिकारियों से बात की जाएगी। नियमों के तहत महकमे में पोस्टिंग दी जाती है। - दीपम सेठ, डीजीपी
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काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह जब सिस्टम से लड़ते हुए हार गया तो उसने गौलापार के एक होटल में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मौत से पहले वीडियो जारी कर किसान ने ऊधमसिंह नगर पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। आईटीआई थानाध्यक्ष कुंदन रौतेला पर 30 लाख रुपये लेने का गंभीर आरोप है। असली कारण क्या है यह मजिस्ट्रेटी जांच के बाद सामने आएगा।
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बहरहाल, एसएसपी ने थानाध्यक्ष कुंदन रौतेला समेत दो दरोगा और पूरी पैगा चौकी को निलंबित कर दिया है। सुखवंत की आत्महत्या के बाद पुलिस विभाग में नियुक्ति की मनमानी भी सामने आ गई है। इंस्पेक्टर की कुर्सियों पर दरोगाओं को बैठाया गया है।
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कोतवाली में दरोगाओं को बैठाने का कारण ही है कि सुखवंत सिंह इंसाफ मांगता रहा। उसकी सुनने को चौकी और थाने वाले तैयार नहीं हुए। सुखवंत की तरह कई लोग आज भी चौकी-थानों की चौखट पर खड़े हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब कुमाऊं में इंस्पेक्टर के पद व लोग पूरे हैं तो दरोगाओं को कुर्सी पर बैठाने के पीछे मंशा क्या है। चहेतों को पोस्टिंग देकर लूटने की छूट तो नहीं दी जा रही।
ये कोतवाली दरोगाओं के हवाले
पिथौरागढ़- झूलाघाट, मुनस्यारी, गंगोलीहाट, जौलजीवी, बेरीनाग
ऊधमसिंह नगर- नानकमत्ता, पंतनगर
बागेश्वर- बैजनाथ
नैनीताल- काठगोदाम, मुखानी, खन्स्यू, बेतालघाट, तल्लीताल, मुक्तेश्वर
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आईजी ने झाड़ा पल्ला...
आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने कुमाऊं की कोतवाली में दरोगाओं की ताजपोशी के सवाल पर पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने इस संबंध में कुछ भी कहने से मना करते हुए कॉल काट दी जबकि आईजी को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और इंस्पेक्टरों को उनकी कुर्सी मिलनी चाहिए ताकि काशीपुर जैसी घटनाएं फिर न हों।
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नियुक्ति का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में कुमाऊं स्तर के अधिकारियों से बात की जाएगी। नियमों के तहत महकमे में पोस्टिंग दी जाती है। - दीपम सेठ, डीजीपी