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नानकमत्ता समेत नौ गांवों में पेयजल संकट गहराया
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नानकमत्ता में टैंकर से पानी लेते नगरवासी।
- फोटो : SITARGANJ
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नानकमत्ता। चार दिन से नगर समेत नौ गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। इससे क्षेत्रवासी पानी को तरस गए हैं। जलसंस्थान की ओर से पेयजल टैंकर के जरिये पानी की आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है लेकिन टैंकरों से नगर में भी पानी की पूरी तरह से आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे क्षेत्र के लोगों में जलसंस्थान के खिलाफ आक्रोश है। उन्होंने 24 घंटे के भीतर आपूर्ति सुचारु न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
नगर की करीब दस हजार आबादी और इनके अलावा किशनपुर, भीकमपुर, सुनखरी, मिलकमाफी, मिलकनजीर, बंगाली कॉलोनी, सिद्धा, दहला समेत नौ गांवों की लगभग 25 हजार की आबादी है। पिछले 28 फरवरी को गढ़ीपट्टी स्थित जलसंस्थान के करीब दो सौ फीट गहरे बोर की जाली फट गई। इससे नगर व इन आठ गांवों में दूषित पानी आने लगा। ग्रामीणों ने जब इसकी शिकायत जलसंस्थान के अधिकारियों से की तो उन्होंने पानी की आपूर्ति ठप कर दी और पेयजल लाइन की जांच की। तीन दिन बाद विभाग के अधिकारी खराबी को पकड़ पाए। बृहस्पतिवार को विभाग ने नगर में पानी की आपूर्ति के लिए एक टैंकर लगा दिया जिस पर नगरवासियों की भीड़ उमड़ पड़ी।
नगर पंचायत ने भी अपने टैंकर से पानी की आपूर्ति करने की कोशिश की। इन टैंकरों के नगर में मुख्य मार्ग पर घूमने से गली मोहल्ले में रहने वाले लोग पानी नहीं ले पा रहे हैं। इधर, बोर की टूटी जाली के मरम्मत का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। इससे नगरवासियों में रोष है। नगर पंचायत चेयरमैन प्रेम सिंह टुरना ने जेई से फोन पर बात कर तत्काल बोर की मरम्मत करने को कहा। जेई आनंद बल्लभ जोशी ने बताया कि जलसंस्थान में नया बोर बनाया चुका है जिसे कार्यदायी संस्था ने अभी तक विभाग को हस्तांतरित नहीं किया है। जीएम बीके सिंह ने भी कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से बात कर जल्द बोर को हस्तांतरित करने को कहा है लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला। जेई ने बताया कि पुराने बोर की मरम्मत का भी प्रयास किया जा रहा है।
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नगर की करीब दस हजार आबादी और इनके अलावा किशनपुर, भीकमपुर, सुनखरी, मिलकमाफी, मिलकनजीर, बंगाली कॉलोनी, सिद्धा, दहला समेत नौ गांवों की लगभग 25 हजार की आबादी है। पिछले 28 फरवरी को गढ़ीपट्टी स्थित जलसंस्थान के करीब दो सौ फीट गहरे बोर की जाली फट गई। इससे नगर व इन आठ गांवों में दूषित पानी आने लगा। ग्रामीणों ने जब इसकी शिकायत जलसंस्थान के अधिकारियों से की तो उन्होंने पानी की आपूर्ति ठप कर दी और पेयजल लाइन की जांच की। तीन दिन बाद विभाग के अधिकारी खराबी को पकड़ पाए। बृहस्पतिवार को विभाग ने नगर में पानी की आपूर्ति के लिए एक टैंकर लगा दिया जिस पर नगरवासियों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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नगर पंचायत ने भी अपने टैंकर से पानी की आपूर्ति करने की कोशिश की। इन टैंकरों के नगर में मुख्य मार्ग पर घूमने से गली मोहल्ले में रहने वाले लोग पानी नहीं ले पा रहे हैं। इधर, बोर की टूटी जाली के मरम्मत का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। इससे नगरवासियों में रोष है। नगर पंचायत चेयरमैन प्रेम सिंह टुरना ने जेई से फोन पर बात कर तत्काल बोर की मरम्मत करने को कहा। जेई आनंद बल्लभ जोशी ने बताया कि जलसंस्थान में नया बोर बनाया चुका है जिसे कार्यदायी संस्था ने अभी तक विभाग को हस्तांतरित नहीं किया है। जीएम बीके सिंह ने भी कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से बात कर जल्द बोर को हस्तांतरित करने को कहा है लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला। जेई ने बताया कि पुराने बोर की मरम्मत का भी प्रयास किया जा रहा है।
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