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Udham Singh Nagar News: बस टर्मिनल का इंतजार, छतों और दीवारों से झांकने लगा भ्रष्टाचार
Sun, 07 Jun 2026 12:18 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 07 Jun 2026 12:18 AM IST
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रुद्रपुर। शहर के बहुप्रतीक्षित बस टर्मिनल परियोजना में निर्माण के दौरान ही भ्रष्टाचार के संकेत मिल रहे हैं। लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से बन रही परियोजना की छतें और दीवारें अभी से दरकने लगी हैं। दीवारों से टाइल्स गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
नवीन बस टर्मिनल का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है लेकिन टर्मिनल की छतों पर दरारें पड़ गई हैं। इसके अतिरिक्त दीवारों पर लगाई गई टाइल्स भी कमजोर गुणवत्ता की प्रतीत हो रही हैं। जगह-जगह पर टाइल्स गिर रही हैं। यह न केवल निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की घटिया गुणवत्ता की ओर इशारा करता है बल्कि यह भी दर्शाता है कि निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता नियंत्रण की कमी है।
80 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि एक सार्वजनिक परियोजना के लिए आवंटित की गई है जिसका उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर परिवहन सुविधा प्रदान करना है लेकिन जिस तरह की गुणवत्ताहीन सामग्री और घटिया निर्माण कार्य सामने आ रहा है, उससे सवाल यह भी उठ रहा है कि या तो परियोजना के ठेकेदारों ने गुणवत्ता से समझौता किया है या फिर निर्माण की देखरेख करने वाली सरकारी एजेंसियों ने अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया है।
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20 साल से चल रहा इंतजार
रुद्रपुर तराई का सबसे बड़ा परिवहन केंद्र है। यहां से परिवहन निगम यानी रोडवेज और रेलवे के साथ पंतनगर पहुंचने पर हेली सेवा की सुविधा भी उपलब्ध हो जाती है। रुद्रपुर में बस टर्मिनल का इंतजार पिछले 20 वर्षों से था। इसका कार्य एक-दो साल से चल रहा है लेकिन लोगों को सुविधाएं अभी तक नहीं मिल पाई हैं।
प्राइवेट संस्था कर रही निर्माण, जिम्मेदार खामोश
नए बस टर्मिनल का निर्माण कार्य एक प्राइवेट संस्था कर रही है। यही कारण है कि परिवहन निगम के अधिकारी इस ओर कोई खास ध्यान नहीं दे रहे। यदि ध्यान दिया जाता तो निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता का प्रश्न नहीं उठता।
प्राइवेट संस्था बस टर्मिनल का निर्माण कार्य कर रही है। परियोजना के तहत कुछ कार्य हो चुके हैं जबकि कई बाकी हैं। निर्माण कार्य में खामियां मिलने का मामला संज्ञान में नहीं है। इसे दिखवाया जाएगा। - मधुसुदन मिश्रा, एआरएम, रुद्रपुर डिपो
विकास कार्यों को बेहतर ढंग से तय समय पर पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बस टर्मिनल में हो रही अनियमितता का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि कोई चूक हुई है तो मामले की जांच कराई जाएगी। - नितिन सिंह भदौरिया, डीएम
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नवीन बस टर्मिनल का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है लेकिन टर्मिनल की छतों पर दरारें पड़ गई हैं। इसके अतिरिक्त दीवारों पर लगाई गई टाइल्स भी कमजोर गुणवत्ता की प्रतीत हो रही हैं। जगह-जगह पर टाइल्स गिर रही हैं। यह न केवल निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की घटिया गुणवत्ता की ओर इशारा करता है बल्कि यह भी दर्शाता है कि निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता नियंत्रण की कमी है।
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80 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि एक सार्वजनिक परियोजना के लिए आवंटित की गई है जिसका उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर परिवहन सुविधा प्रदान करना है लेकिन जिस तरह की गुणवत्ताहीन सामग्री और घटिया निर्माण कार्य सामने आ रहा है, उससे सवाल यह भी उठ रहा है कि या तो परियोजना के ठेकेदारों ने गुणवत्ता से समझौता किया है या फिर निर्माण की देखरेख करने वाली सरकारी एजेंसियों ने अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया है।
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20 साल से चल रहा इंतजार
रुद्रपुर तराई का सबसे बड़ा परिवहन केंद्र है। यहां से परिवहन निगम यानी रोडवेज और रेलवे के साथ पंतनगर पहुंचने पर हेली सेवा की सुविधा भी उपलब्ध हो जाती है। रुद्रपुर में बस टर्मिनल का इंतजार पिछले 20 वर्षों से था। इसका कार्य एक-दो साल से चल रहा है लेकिन लोगों को सुविधाएं अभी तक नहीं मिल पाई हैं।
प्राइवेट संस्था कर रही निर्माण, जिम्मेदार खामोश
नए बस टर्मिनल का निर्माण कार्य एक प्राइवेट संस्था कर रही है। यही कारण है कि परिवहन निगम के अधिकारी इस ओर कोई खास ध्यान नहीं दे रहे। यदि ध्यान दिया जाता तो निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता का प्रश्न नहीं उठता।
प्राइवेट संस्था बस टर्मिनल का निर्माण कार्य कर रही है। परियोजना के तहत कुछ कार्य हो चुके हैं जबकि कई बाकी हैं। निर्माण कार्य में खामियां मिलने का मामला संज्ञान में नहीं है। इसे दिखवाया जाएगा। - मधुसुदन मिश्रा, एआरएम, रुद्रपुर डिपो
विकास कार्यों को बेहतर ढंग से तय समय पर पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बस टर्मिनल में हो रही अनियमितता का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि कोई चूक हुई है तो मामले की जांच कराई जाएगी। - नितिन सिंह भदौरिया, डीएम