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Udham Singh Nagar News: तीन घंटों में होने वाली पशुओं के बीमारियों की जांच, अब ढाई मिनट में

Mon, 08 May 2023 11:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Mon, 08 May 2023 11:59 PM IST
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Veterinary Dignosis in Rudrapur
रुद्रपुर। पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला में तीन घंटों में होने वाली पशुओं की विभिन्न जांचें अब ढाई मिनट में हो सकेंगी। प्रयोगशाला में एडवांस डिजिटल तकनीक की हेम एनालाइजर, यूरीन एनालाइजर, सीरम एनालाइजर मशीन पहुंच गईं हैं। इससे चंपावत, यूएसनगर, नैनीताल जिले के पशुपालकों को लाभ मिलेगा।
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गाय-भैंस, बकरी समेत विभिन्न दुधारू पशुओं में थैलेसिया, बबेसिया, सररा, एनाप्लाक्सा आदि रोग लगने से उनकी मृत्यु भी हो जाती है। इन सभी बीमारियों का पता लगाने या बीमारियां होने पर पशु चिकित्सक पशुओं के खून, मल, पेशाब या बायोकेमिकल परीक्षण के लिए पशु रोग प्रयोगशाला में नमूने भेजते हैं। लैब में पहले डिजिटल तकनीक की मशीन न होने के कारण एक-एक सैंपल का परीक्षण करने में तीन घंटों तक का समय लग जाता था लेकिन अब कुमाऊं की पहली पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला में डिजिटल मशीन आने पर मात्र ढाई मिनट में रक्त संबंधित हीमोग्लोबिन, पीसीवी, टीएलसी, टीईसी, डीएलसी, ईएसआर, ब्लड प्रोटोजोन जैसी जांच हो जाएंगी।
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लैब में पहले मशीन न होने पर रक्त संबंधित जरूरी जांचें ही चिकित्सक लिखते थे लेकिन अब मशीन से एक सैंपल से ही रक्त संबंधित सभी जांचें हो सकेंगी। इसी तरह सीरम एनालाइजर से लीवर, किडनी फंक्शन टेस्ट आसानी से हो सकेंगी। यूरीन एनालाइजर से भी मिनटों में जांच हो सकेगी। प्रयोगशाला की डॉ. सुधा कृपाल ने बताया कि डिजिटल तकनीक की मशीन आने से लैब में काम काफी आसान, सरल, कम समय में हो रहा है। इससे कई नमूनों की जांच एक ही दिन में हो सकेगी।
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खून की जांच पर 10 रुपये, मल, पेशाब में खर्च करने पड़ते हैं पांच रुपये
रुद्रपुर। डॉ. सुधा बतातीं हैं कि निजी लैब में पशुओं की जांच के लिए पशुपालकों को तीन से चार हजार रुपये खर्च उठाना पड़ता है जबकि यहां खून की जांच के लिए 10 रुपये, मल-मूत्र की जांच के लिए पांच रुपये देने पड़ते हैं जबकि लीवर-किडनी, दूध की जांचें लैब में निशुल्क होतीं हैं। बताया कि बायोकेमिकल परीक्षण में ग्लूकोज, कैलशियम, फास्फोरस की भी जांच होती है। कैलशियम की कमी के कारण कई जानवरों की मौत भी हो जाती है।




प्रयोगशाला में डिजिटल तकनीक की मशीनें आने से पशु डॉक्टर और तकनीशियन को काफी सुविधा हुई है। पहले एक-एक नमूनों की जांच करने में तीन घंटों तक का समय लग जाता था। अब एनालाइजर मशीन आने से ढाई मिनट में ही नमूनों की जांच हो जा रही है। -डॉ. सपना मिश्रा, संयुक्त निदेशक, पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला, रुद्रपुर।
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