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पर्यावरण संरक्षण को हिमांचल में दौड़ेंगे उत्तराखंड के अल्ट्रा रनर मठपाल 19-54-56
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हल्द्वानी से नैनीताल को जाने वाले रास्ते पर अल्ट्रा रनिंग की तैयारी करते अल्ट्रा रनर विनोद मठपा?
- फोटो : SITARGANJ
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सितारगंज। पर्यावरण संरक्षण जागरूकता के लिए नगर के अल्ट्रा रनर विनोद मठपाल 25 अगस्त से हिमाचल में होने वाली 80 किमी की मैराथन में हिस्सा लेंगे। वे अब तक भवाली में 50 किमी की पूर्व ट्रेल अल्ट्रा वारियर मैराथन, पंजाब के चंडीगढ़ में 21 किमी की हाफ मैराथन और ग्रेटर नोएडा में 42 किमी की ग्रांड मैराथन में हिस्सा ले चुके हैं।
नगर के चिंतीमझरा मोहल्ला निवासी विनोद मठपाल (32) पुत्र भुवन चंद मठपाल हल्द्वानी की एक निजी कंपनी में काम करते हैं। विनोद ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने मैराथन नहीं छोड़ी। चंडीगढ़ और नोएडा की मैराथन में टॉप-10 में जगह बनाई।
अब 25 अगस्त को इंटरनेशनल ट्रायल रनिंग एसोसिएट की ओर से शिमला में चैल नामक गांव से पेड़ बचाओ-जीवन बचाओ स्लोगन के साथ 60 व 80 किमी अल्ट्रा दौड़ होने जा रही है। इसमें करीब 500 अल्ट्रा रनर हिस्सा लेंगे।
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उत्तराखंड की ओर से वह 80 किमी दौड़ में शामिल होंगे। विनोद 220 किमी की अल्ट्रा मैराथन की तैयारी कर रहे है। जो सितंबर 2020 में उत्तरकाशी में होगी। उनका सपना 35 साल की आयु में विश्व में भारत का नाम रोशन करना है। उन्होंने अपनी कामयाबी के लिए माता पिता के साथ पत्नी बबीता को श्रेय दिया। विनोद कहते है कि 2020 में ही वे कुमाऊं में 500 किमी की मैराथन कर अनाथ बच्चों के लिए रकम जुटाएंगे।
बेटा भी बनेगा एथलीट
अल्ट्रा रनर विनोद मठपाल अपने बेटे पीयूष मठपाल को भी एथलीट बनाना चाहते हैं। पीयूष अभी पांच साल का है। वह अपने पिता के साथ हर रोज तीन किमी दौड़ता है। विनोद कहते हैं कि पीयूष दस साल की आयु तक दस किमी की दौड़ आसानी से पूरी करने लगेगा। ब्यूरो
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नगर के चिंतीमझरा मोहल्ला निवासी विनोद मठपाल (32) पुत्र भुवन चंद मठपाल हल्द्वानी की एक निजी कंपनी में काम करते हैं। विनोद ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने मैराथन नहीं छोड़ी। चंडीगढ़ और नोएडा की मैराथन में टॉप-10 में जगह बनाई।
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अब 25 अगस्त को इंटरनेशनल ट्रायल रनिंग एसोसिएट की ओर से शिमला में चैल नामक गांव से पेड़ बचाओ-जीवन बचाओ स्लोगन के साथ 60 व 80 किमी अल्ट्रा दौड़ होने जा रही है। इसमें करीब 500 अल्ट्रा रनर हिस्सा लेंगे।
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उत्तराखंड की ओर से वह 80 किमी दौड़ में शामिल होंगे। विनोद 220 किमी की अल्ट्रा मैराथन की तैयारी कर रहे है। जो सितंबर 2020 में उत्तरकाशी में होगी। उनका सपना 35 साल की आयु में विश्व में भारत का नाम रोशन करना है। उन्होंने अपनी कामयाबी के लिए माता पिता के साथ पत्नी बबीता को श्रेय दिया। विनोद कहते है कि 2020 में ही वे कुमाऊं में 500 किमी की मैराथन कर अनाथ बच्चों के लिए रकम जुटाएंगे।
बेटा भी बनेगा एथलीट
अल्ट्रा रनर विनोद मठपाल अपने बेटे पीयूष मठपाल को भी एथलीट बनाना चाहते हैं। पीयूष अभी पांच साल का है। वह अपने पिता के साथ हर रोज तीन किमी दौड़ता है। विनोद कहते हैं कि पीयूष दस साल की आयु तक दस किमी की दौड़ आसानी से पूरी करने लगेगा। ब्यूरो