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बद से बदतर हुए हालात: बाढ़ में डूबा खटीमा, चारों ओर पानी; 1500 से अधिक लोगों को किया विस्थापित

Tue, 09 Jul 2024 03:17 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 09 Jul 2024 03:17 PM IST
सार

खटीमा में रविवार सुबह आठ बजे से सोमवार सुबह आठ बजे तक 278 मिलीमीटर बारिश हुई। बारिश से आई बाढ़ के कारण घरों में पानी घुस गया। इससे क्षेत्र की करीब ढाई लाख की आबादी परेशान रही।

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Uttarakhand News: Khatima submerged in flood after rain
बद से बदतर हुए हालात - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खटीमा में रविवार सुबह आठ बजे से सोमवार सुबह आठ बजे तक 278 मिलीमीटर बारिश हुई। बारिश से आई बाढ़ के कारण घरों में पानी घुस गया। इससे क्षेत्र की करीब ढाई लाख की आबादी परेशान रही। अनहोनी के डर से लोग रातभर सो नहीं पाए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस प्रशासन की टीम ने जलभराव में फंसे करीब 250 लोगों को रेस्क्यू किया। डीएम उदयराज सिंह ने भी शारदा नहर के आसपास और अन्य स्थानों पर जलभराव का निरीक्षण किया।

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खटीमा में रविवार शाम से शुरू बारिश का सिलसिला सोमवार दिनभर जारी रहा। इससे सीएम के गांव नगला तराई सहित अमाऊ, राजीवनगर, मेलाघाट मार्ग, खटीमा रेलवे स्टेशन मार्ग, हल्दी, नगला तराई, सुनपहर, चकरपुर, वन रावत बस्ती, पचौरिया , कंजाबाग, पकड़िया, झनकईया, झनकट, इस्लाम नगर आदि क्षेत्रों में बाढ़ का पानी चढ़ता गया। क्षेत्र की करीब 50 से अधिक कॉलोनियां भी बाढ़ से प्रभावित रही। घबराकर कई लोग मकानों की छत पर चढ़ गए। बारिश में कई लोगों का सामान बह गया।

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सितारगंज मार्ग पर बारिश सीएसडी कैंटीन के भवन की दीवार ढह गई। कई मकानों के बगल की सड़क पानी में बह गई। पचौरिया में रेलवे के अंडरग्राउंड पुल में भी पानी भर गया। लोगों की मदद के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों की टीमें ट्रैक्टरों से पहुंचती नजर आईं।

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खटीमा में बरसाती पानी से टूटा शारदा नहर का बंधा
लोहियाहेड के जंगलों के अलावा चौड़ापानी गांव के खेतों में भरा बरसाती पानी क्वीरा गज्जर के पास से शारदा नहर में जाता है। सोमवार सुबह करीब चार बजे कालापुल के बरसाती व सूखानाले के पानी के दबाव से घटूरिया देवता मंदिर से कुछ दूर आगे पल्लासेन गांव के पास शारदा नहर का बंधा अचानक टूट गया। इससे नालों का पानी व धान के रोपे गए पौधे बहकर शारदा नहर में समा गए। बंधा टूटने का पता चलने पर मौके पर पहुंचे लोगों ने सिंचाई विभाग और लोहियाहेड पावर हाउस के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों ने बताया कि यदि घटना के समय शारदा नहर पूरे उफान पर होती तो इससे भारी नुकसान हो सकता था, लेकिन शारदा नहर के बंद के कारण बड़ा हादसा बच गया। पानी के बहाव में सूखापुल निवासी कल्याण सिंह ऐरी का मोटर पंप के लिए बनाया गया कमरा बह गया। सूखानाले से पल्लाभाग गांव को जाने वाला रपटा भी बह गया।

लक्जरी गाडियां फेल, ट्रैक्टर बने सहारा
खटीमा क्षेत्र के जलमग्न होने के दौरान जहां लक्जरी गाडियां फेल हो गईं, वहीं ट्रैक्टर लोगों का सहारा बने। पानी खराब हुई गई कारों को ट्रैक्टर सड़क पर खींचते नजर आए। अधिकारी वर्ग भी ट्रैक्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते नजर आए।

इन क्षेत्रों में चला रेस्क्यू अभियान
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रत्येक कॉल पर मौके पर पहुंचती रहीं। टीमों ने खटीमा उलधन, फुलैया, अमाउ, हल्दी, पकड़िया, चकरपुर, नगला तराई आदि क्षेत्रों में जल भराव में फंसे लोगों को रेस्क्यू किया। संवाद

नगर पालिका की कार्य प्रणाली पर उठे सवाल
खटीमा में खकरा और ऐंठा नाले के उफनाने से सबसे अधिक जलभराव की समस्या हुई। लोगों का कहना था कि बरसात से पहले दोनो नालों की ठीक से सफाई नहीं हुई। दोनों नालों में कूड़ा भरा हुआ था, यदि नालों की ठीक से सफाई होती तो ऐसे हालात नहीं होते। 

बिजली के साथ ही संचार सेवा भी बाधित
बारिश की वजह से रविवार देर रात खटीमा में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। सोमवार दिनभर भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इस कारण सारे कामकाज ठप रहे। कई लोग घरों की टंकियों में पानी भी नहीं चढ़ा पाए। वहीं संचार सेवाएं भी बाधित होने से लोग अपनों से संपर्क कर कुशलक्षेम नहीं पूछ सके।

दुकानों में घुसा बाढ़ का पानी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की कई दुकानों में पानी घुस गया है। अभी व्यापारियों ने प्रतिष्ठान नहीं खोले हैं। ऐसे में नुकसान का आकलन नहीं हो सकता है।

 

जिले में 89 तो खटीमा में 278 मिमी हुई बारिश
रुद्रपुर में सोमवार सुबह आठ बजे तक 89 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अकेले खटीमा में 278 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जिले की कैलाश, जगबूढ़ा और परवीन नदी का जलस्तर चेतावनी लेवर को पार कर चुका है। मूसलाधार बारिश से खटीमा और सितारगंज क्षेत्र में लोगों को बाढ़ का सामना करना पड़ा। नदी और नालों का पानी आबादी में आने से सैकड़ों परिवार प्रभावित हो गए। घरों में कई फुट तक पानी जमा हो गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन को पुलिस के साथ ही एसडीआरएफ को उतारना पड़ा। लोगों को नावों से बाहर निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया। मौके पर प्रशासनिक अमला भी डटा रहा। तेज बारिश से जिले की कई नदियां चेतावनी बिंदु को पार कर गई है तो कई करीब बह रही हैं। यही हालात बने रहे तो एक-दो दिन में नदियां खतरा बिंदु को भी पार कर जाएंगी।

 

रुद्रपुर के निचले इलाकों के घरों में घुसा पानी
शहर में दो दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से शिवनगर, आजाद नगर, श्मशान घाट रोड आदि कई मोहल्लों के दर्जनों घरों में कल्याण व बैगुल नदी का पानी घुस गया। इससे कई परिवारों के जरूरी सामान बर्बाद हो गए। लोगों ने रातभर रतजगा कर काटी। डीडी चौक, रोडवेज, इंद्रा कॉलोनी, आवास विकास, सिंह कॉलोनी, गाबा चौक आदि मोहल्लों में सड़क व आबादी वाले हिस्से में पानी भर गया। 

24 घंटे में हुई बारिश का आंकड़ा--

खटीमा - 278 मिमी

काशीपुर - 110 मिमी

सितारगंज - 95 मिमी

रुद्रपुर - 57 मिमी

किच्छा - 45 मिमी

बाजपुर - 48 मिमी

जसपुर - 44 मिमी

गदरपुर - 41 मिमी

नदियों का जलस्तर (क्यूसेक में)

नदी--वर्तमान -- चेतावनी

बेगुल -- 24200 -- 30,000

कैलाश -- 50100 -- 45,000

जगबूढ़ा -- 19450 -- 19,000

परवीन -- 2360 -- 2,000

गौला -- 26698 -- 39,927

जलाशयों का जलस्तर (फुट में)

जलाशय -- वर्तमान -- चेतावनी

बेगुल -- 675.03 -- 690.50

नानकसागर -- 687.00 -- 706.00

शारदासागर -- 607.15 -- 623.00

बौर -- 778.50 -- 795.00

हरिपुरा -- 785.90 -- 795.10

तुमड़िया -- 832.80 -- 857.00

मूसलाधार बारिश से उफनाई ठंडी नदी, 50 घरों में घुसा पानी
गदरपुर में बारिश से उफनाई ठंडी नदी ने वार्ड नंबर एक और 11 में किनारे बसे परिवारों को घर छोड़ने को मजबूर कर दिया। पानी की उचित निकासी न होने से पुरानी अनाज मंडी में जलभराव हो गया। वार्ड नंबर 11 के 50 से अधिक घरों में दो से तीन फुट तक पानी भर गया। पानी खिड़कियों से होकर गलियों में गिरने लगा। आक्रोशित वार्डवासियों ने पालिका प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए ईओ संजीव मेहरोत्रा का कार्यालय में घेराव किया। चमनगंज काॅलोनी, इस्लामनगर, मजरा शीला, गड्ढा कॉलोनी, जीआईसी परिसर, गैस गोदाम, ज्ञान विहार कॉलोनी में भी जलभराव की स्थिति बनी रही। नाहल नदी में पानी की अधिकता के कारण यूपी सीमा पर कई एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। तहसीलदार लीना चंद्रा ने बताया कि राजस्व विभाग ने पुलिस और नगरपालिका प्रशासन के सहयोग से ग्राम केशोगढ़ रिछा के नौ परिवारों के 60 सदस्यों को राप्रावि रिछा, वार्ड नंबर 11 के 25 परिवारों के 100 सदस्यों को इस्लामी मदरसा और 10 परिवारों के 40 सदस्यों को बस अड्डा काॅलोनी मदरसा में बनाए गए राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।

पंतनगर में 214.8 मिमी. बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. आरके सिंह ने बताया कि पंतनगर में रविवार रात से सोमवार दोपहर तक 214.8 मिमी दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान जहां 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया। विधायक तिलकराज बेहड़ ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने नगला टीडीसी काॅलोनी में जलभराव को देखते हुए वहां पुलिया को दैवीय आपदा मद से ऊंचा और चौड़ा किए जाने का आश्वासन दिया। विधायक के निर्देश पर तहसीलदार रुद्रपुर ने मौके पर जेसीबी मशीन बुलाकर पानी निकलवाया।

एयरपोर्ट में भरा डेढ़ फीट पानी, यात्रियों को हुई परेशानी
पंतनगर क्षेत्र में हुई भारी बारिश के चलते एयरपोर्ट में भी जल भराव हो गया। सोमवार को हुई बारिश से आगमन और प्रस्थान लाउंज (टर्मिनल बिल्डिंग के सामने) सहित कार पार्किंग क्षेत्र में लगभग डेढ़ फुट पानी भर गया था। इसके चलते हवाई यात्रियों को आवागमन में बहुत परेशानी हुई। हालांकि बारिश से कोई उड़ान प्रभावित नहीं हुई लेकिन फ्लाइटें विलंब से पंतनगर पहुंचीं और उन्होंने विलंब से ही उड़ान भरी। बस फ्लाई बिग की दून-पंतनगर वाया पिथौरागढ़ हवाई सेवा निरस्त रही, जो बहुत पहले से निरस्त चल रही है।

दिनेशपुर में जनजीवन रहा अस्त-व्यस्त
लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। शहर के निचले इलाकों वार्ड एक गांधीनगर, तीन, चार, सात और नौ में जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जाफरपुर मार्ग पर थाने के सामने सड़क के ऊपर से बारिश का पानी बहने से सोमवार दोपहर तक यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीण क्षेत्र के जयनगर, उदयनगर, अमृतनगर चितरंजनपुर आदि गांवों के निचले इलाके भी जलमग्न है। 

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