यूपी से अवैध रूप से हो रहा ईंट का कारोबार
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उत्तर प्रदेश के भट्टों से अवैध तरीके से ईंट का कारोबार हो रहा है। भट्टा मालिकों और वाणिज्य कर विभाग की मिलीभगत से उत्तराखंड में आने वाली ईंट का टैक्स चोरी किया जा रहा है। यहां तक कि वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने मोटी कमाई के लिए यूपी-उत्तराखंड की सीमा पर अपने दलाल बिठा रखे हैं। जो प्रतिदिन यूपी से आने वाले ईंट के वाहनों से लाखों रुपये वसूल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इस वसूली में 400 रुपये वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी और 600 रुपये एजेंट प्रति ट्राली ले रहे हैं। इससे राज्य सरकार को राजस्व की भारी चपत लग रही है।
उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर व नैनीताल जिले में बरेली के शीशगढ़, रामपुर के बिलासपुर और पीलीभीत जिले के अमरिया, जहानाबाद आदि क्षेत्रों के भट्टों से ईंटें आ रही हैं। प्रतिदिन इन दो जनपदों में ईंट का करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। हैरत की बात ये है कि राज्य सीमा में प्रवेश करने वाली ईंट से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां न तो टैक्स पेड हैं और न ही ईंट का टैक्स ही अदा करती हैं।
सूत्रों के मुताबिक राज्य की सीमा पर वाणिज्य कर विभाग ने अपने दलाल बिठा रखे हैं और प्रतिदिन लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा कर मोटी कमाई करने में लगे हैं। पीलीभीत रोड पर यूपी के मुडलिया गांव के पास राज्य सीमा पर दलालों ने अपनी चौकी स्थापित कर रखी है। इसमें विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता होने से राज्य सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व की चपत लग रही है।
इतना ही नहीं, पुलिस चौकी पर भी इन ईंट के वाहनों के कागजात चेक नहीं किए जाते हैं। यूपी से उत्तराखंड में लाकर ईंट बेचने से यहां के भट्टा स्वामियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रशासन ने यहां के भट्टों के खिलाफ तो कई बार कार्रवाई की। लेकिन, यूपी से टैक्स चोरी कर यहां आने वाली ईंट पर रोक लगाने की कभी जहमत नहीं की। जिसका खामियाजा यहां के भट्टा स्वामी भुगत रहे हैं। जिससे क्षेत्र के भट्टा स्वामियों में वाणिज्य कर विभाग और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है।